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घटी महंगाई, दरों पर रुख होगा नरम

ईशान बख्शी / नई दिल्ली January 14, 2019

दिसंबर में थोक और खुदरा महंगाई में गिरावट आई है। इसके मद्देनजर रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) अगले महीने अपनी समीक्षा में अपने सतर्क रुख को बदलकर तटस्थ कर सकती है। सरकार द्वारा आज जारी आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर में खुदरा महंगाई 2.19 फीसदी पर आ गई जो 18 महीने में इसका न्यूनतम स्तर है। इसी तरह थोक महंगाई भी घटकर 3.8 फीसदी रही जो आठ महीने में सबसे कम है। ईंधन और आंकड़ों के मुताबिक खाद्य पदार्थों की घटती कीमतों से मुद्रास्फीति में गिरावट आई। 
 
केयर रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, 'एमपीसी की अगली बैठक में रुख को बदलकर तटस्थ किया जा सकता है।' दूसरे अर्थशास्त्री भी इस बात से सहमत हैं। कुछ का कहना है कि आरबीआई आर्थिक विकास को गति देने के लिए नीतिगत दरों में कटौती कर सकता है।  आधिकारिक अग्रिम अनुमानों के मुताबिक वित्त वर्ष 2019 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्घि दर 7.2 फीसदी रह सकती है। यह आरबीआई और वित्त मंत्रालय के अनुमानों से कम है। आरबीआई ने इस वित्त वर्ष जीडीपी की रफ्तार 7.4 फीसदी और वित्त मंत्रालय ने 7.5 फीसदी रहने की अनुमान जताया है।
 
येस बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री शुभदा राव ने कहा, 'इससे एमपीसी के अपना रुख तटस्थ करने बल्कि दरों में संभावित कटौती का रास्ता साफ हुआ है। अगली तिमाही में महंगाई के चार फीसदी से नीचे रहने की संभावना है।' आईसीआईसीआई ग्लोबल मार्केट्स ग्रुप प्रमुख बी प्रसन्ना ने कहा कि एमपीसी आगे भी नीतिगत दरों में यथास्थिति बरकरार रख सकती है। आरबीआई ने मौद्रिक नीति बयान में वित्त वर्ष 2019 की दूसरी छमाही में खुदरा महंगाई के 2.7 फीसदी से 3.2 फीसदी के बीच रहने का अनुमान जताया था। 
 
खाद्य मुद्रास्फीति दिसंबर में नकारात्मक बनी रही। यह शून्य से 2.51 फीसदी नीचे रही जबकि नवंबर में यह नकारात्मक 2.61 फीसदी पर थी। दालों, सब्जियों, चीनी और अंडे की कीमत में गिरावट के कारण खाद्य कीमतों में कमी आई।  दाल की कीमतों में दिसंबर 2016 से गिरावट आ रही है जबकि सब्जियों की कीमत जुलाई 2018 से गिर रही हैं। दिसंबर में दाल की मुद्रास्फीति 7.13 फीसदी पर थी जबकि सब्जियों की 16.14 फीसदी पर रही। उपभोक्ता खाद्य और पेय पदार्थों की मुद्रास्फीति में लगातार तीन महीनों से गिरावट आई है। कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में गिरावट से ईंधन और लाइट की मुद्रास्फीति 4.5 फीसदी पर रही जो नवंबर में 7.39 फीसदी थी।  अर्थशास्त्रियों का कहना है कि महंगाई दर में और कमी आ सकती है। सबनवीस ने कहा, 'आने वाले महीनों में महंगाई में और कमी आने की उम्मीद है। उच्च आधार प्रभाव और खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी इसमें मददगार साबित होगी।'
Keyword: WPI, IIP, retail, RBI, MPC,,
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