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सोने में व्यवस्थित निवेश हो सकता है उथलपुथल से बचने का हल

सरबजीत के सेन /  January 13, 2019

साल 2019 में घरेलू और वैश्विक इक्विटी बाजारों में उथल-पुथल की आशंकाओं को देखते हुए निवेशक सोने में निवेश करने की ओर रुख कर सकते हैं। लेकिन क्या बाजार में संभावित कमजोरी, देश में आगामी लोकसभा चुनावों से जुड़ी अनिश्चितताओं और अमेरिका तथा चीन के बीच व्यापार युद्घ जैसे वैश्विक तनावों को देखते हुए इस कीमती धातु में निवेश से क्या वाकई आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता मिल पाएगी?  जिंस विशेषज्ञों को लगता है कि कम से कम इस साल सोने में निवेश अच्छा दांव हो सकता है और सोना सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिंस के तौर पर सामने आ सकता है। जिंस शोध संस्था जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के प्रमुख हरीश वी ने कहा, 'शेयर बाजारों में कमजोरी को देखते हुए 2019 में निवेश के लिए सोना शीर्ष जिंसों में होगा। चूंकि 2018 में शेयर घाटे का सौदा रहे हैं, इसलिए इस साल सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर देखे जाने की उम्मीद है।'      

 
हरीश ने संकेत किया कि सोने की कीमत में लंबे समय से ठहराव बना हुआ है और अब शायद उसके ऊपर उठने का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा, 'सोना करीब पांच साल से मंदा पड़ा हुआ है। अब जिंस चक्र के टूटने का वक्त आ गया है।' कॉमट्रेंड्ïज रिसर्च के निदेशक ज्ञानशेखर त्यागराजन इस बात से सहमति जताते हैं। उन्होंने कहा, 'सोने की कीमत पिछले कई वर्षों से सपाट बनी हुई है। अब इसमें इजाफे  का वक्त आ गया है।' 31 दिसंबर को सोना फरवरी वायदा अनुबंध 31,575 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था, वहीं वैश्विक बाजार में सोना करीब 1,278 डॉलर प्रति औंस पर था। सोने की कीमत पर अप्रैल, 2018 से दबाव बढऩे लगा और अगस्त में अन्य मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के मजबूत होने से यह फिसलकर 1,160 डॉलर के आसपास पहुंच गया। हालांकि  2018 के अंतिम महीनों में सोने के भाव में सुधार आया और साल का अंत मामूली सालाना नुकसान के साथ हुआ। हरीश 2019 में सोने के भाव में उल्लेखनीय वृद्घि की उम्मीद करते हैं। उन्होंने कहा, '1,370-1,380 डॉलर का स्तर एक बड़ा स्तर होगा। यदि यह सीमा टूटती है तो सोने का भाव 1,500 डॉलर या उससे ऊपर के स्तर पर जा सकता है।'
 
सोने को प्रभावित करने वाले कारक: विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूसीजी) को लगता है कि 2018 की दूसरी छमाही में सोने पर जिन कारकों का प्रभाव रहा, 2019 में भी बाजार में उनका बोलबाला रहेगा। डब्ल्यूसीजी ने एक रिपोर्ट में कहा, 'भारत और चीन जैसे दो महत्त्वपूर्ण देशों की आर्थिक वृद्घि दर बेहतर रहने की वजह से यहां हाजिर सौदा करने वाले ग्राहकों की संख्या अच्छी खासी रहने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि सोने की कुल उपभोक्ता मांग में से आधी की खपत इन्हीं दो देशों में होती है।'
 
रिपोर्ट में कहा गया है कि सामूहिक रूप से सोने की खरीद करने वाले केंद्रीय बैंक अगले साल भी खरीद जारी रख सकते हैं। डब्ल्यूसीजी ने कहा, 'जैसा कि 2018 में देखा गया, यह संभव है कि खरीदारों की सूची में अतिरिक्त केंद्रीय बैंक जुड़े। मांग के ये सभी स्रोत केवल अगले वर्ष सोने के प्रदर्शन के लिए ही प्रासंगिक नहीं हैं बल्कि इसके दीर्घावधि प्रदर्शन को भी मजबूत करते हैं। हालांकि लघु अवधि के कीमत प्रदर्शन के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण घटक रणनीतिक या सुनियोजित वजहों से निवेशकों की गतिविधि से जुड़ा होगा।'     
 
इनके अलावा अमेरिकी मुद्रा की मजबूती का असर सोने की कीमतों पर भी पड़ेगा। अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट्ïस, क्वांटम म्युचुअल फंड के वरिष्ठï फंड मैनेजर चिराग मेहता ने एक रिपोर्ट में कहा, 'सोने में जबरदस्त बिक्री दबाव बनाने वाले दो महत्त्वपूर्ण कारक मजबूत अमेरिकी डॉलर और  मात्रात्मक मानकीकरण की फेडरल रिजर्व की मौजूदा मौद्रिक नीति रहे। इनकी वजह से सोना 2018 के मध्य में 1,200 डॉलर प्रति औंस से भी नीचे चला गया।' हालांकि हरीश वी को लगता है कि 2019 में अमेरिकी फेडरल रिजर्व शायद ही दरों में तेज वृद्घि जैसे कदम उठाए, ऐसे में सोना को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा, 'ऐसी संभावना है कि फेडरल रिजर्व 2018 की तरह इस साल दरों में बार बार वृद्घि नहीं करेगा। यह एक सकारात्मक संकेत होगा। इसके साथ ही सोने को मजबूत होने के लिए अमेरिका-चीन के बीच जारी कारोबारी तनाव भी एक कारक हो सकता है।'
 
सोने में निवेश कैसे करें
 
ज्यादातर व्यक्तिगत वित्त सलाहकार व्यक्ति को अपने निवेश पोर्टफोलियो में इक्विटी जैसी जोखिम परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए कुल निवेश का 8-10 फीसदी सोने में लगाने की सलाह देते हैं। त्यागराजन कहते हैं, 'जब जोखिम परिसंपत्तियां और अधिक जोखिम (जैसा कि फिलहाल है) वाली हो जाती हैं तब सोने जैसी परिसंपत्तियों में तेजी आने की संभावना बढ़ जाती है।' पीली धातु में निवेश आपके निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाने में मदद कर सकता है और घरेलू तथा वैश्विक घटनाक्रमों से उपजने वाले जोखिम को कम करता है। मगर आदर्श स्थिति यही हैकि निवेशक रकम लगाते समय व्यवस्थित दृष्टिïकोण अपनाएं ताकि उनकी पूरी संपत्ति की कीमत औसत स्तर पर बनी रहे। हरीश ने कहा, 'आदर्श रूप में निवेशकों को हर महीने व्यवस्थित तरीके से सोना खरीदना चाहिए।'
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