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रियल्टी में घट रही है धनाढ्य निवेशकों की रुचि

ऐश्ली कुटिन्हो और सचिन मामबटा / मुंबई January 13, 2019

धनाढ्य निवेशक यानी एचएनआई रियल एस्टेट में अपने निवेश पर दोबारा विचार कर रहे हैं और इस संपत्ति वर्ग में आवंटन घटाने पर सक्रियता से विचार कर रहे हैं। ऐसे परिवार अब अगले 12 महीने में औसतन इक्विटी व प्राइवेट इक्विटी में ज्यादा और रियल एस्टेट व हेज फंड में कम निवेश का इरादा रखते हैं। यह जानकारी एडलवाइस वेल्थ मैनजमेंट और कैम्पडेन फैमिली कनेक्ट ऑब्जव्र्स के हालिया सर्वे से मिली। आईआईएफएल वेल्थ इंडेक्स के सर्वे से खुलासा होता है कि भारत के करीब एक तिहाई सबसे धनी व्यक्ति अपनी प्रॉपर्टी का प्रतिनिधित्व खुद के पोर्टफोलियो में सबसे ज्यादा देख रहे हैं।
 
एडलवाइस प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट के प्रमुख अंशु कपूर ने कहा, जिन क्लाइंटों का सर्वेक्षण हुआ उन्होंने या तो रियल एस्टेट में ज्यादा निवेश किया था या फिर पर्याप्त। ऐसे में अगले 12 महीने में रियल एस्टेट में उनका आवंटन या तो समान रहेगा या फिर घटेगा। धनाढ्य निवेशकों के निवेश पोर्टफोलियो में रियल एस्टेट की हिस्सेदारी मोटे तौर पर 25-40 फीसदी होती है। विशेषज्ञों ने कहा, पिछले पांच से सात वर्षों में रेरा, जीएसटी और नोटबंदी जैसे कदमों से रियल एस्टेट की कीमतों में गिरावट आई है। खास तौर से नोटबंदी ने लक्जरी हाउसिंग की बिक्री प्रभावित की है। रेजिडेंशियल ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म एनारॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट के मुताबिक, सात बड़े शहरों में लक्जरी आवासों (कीमत 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा) की बिक्री साल 2017 में एक साल पहले के मुकाबले 49 फीसदी फिसली।
 
इसके अलावा किराए के जरिए मिलने वाला प्रतिफल कम होने और परिसंपत्ति खरीदने की लागत ज्यादा होने से भी रियल एस्टेट कम आकर्षक रह गया है। साल 2018 में मुंबई में आवासीय परिसंपत्तियों की बिक्री सात फीसदी घटी, जो आठ बड़े शहरों में सबसे बड़ी गिरावट है। जबकि हैदराबाद में यह सात फीसदी चढ़ी। यह जानकारी नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट से मिली। कोलकाता, पुणे और चेन्नई में कीमतें तीन-चार फीसदी घटी, वहीं एनसीआर, बेंगलूरु और अहमदाबाद में कीमतों एक से दो फीसदी बढ़ी। रियल एस्टेट में निवेश ज्यादातर सीधे या रियल्टी फंडों के जरिए होते हैं।
 
धनाढ्य निवेशक अब इक्विटी व इक्विटी से जुड़े मौकों के अलावा कारोबार में सीधे निवेश करने लगे हैं। आईआईएफएल वेल्थ इंडेक्स रिपोर्ट के मुताबिक, 48 फीसदी भारतीय धनी का इरादा म्युचुअल फंडों व एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों में निवेश बढ़ाने का है। इनका इरादा 46 फीसदी इक्विटी में, 45 फीसदी ऑल्टरनेट निवेश फंडों और 36 फीसदी स्ट्रक्चर्ड उत्पादों में निवेश का है। आईआईएफएल वेल्थ मैनेजमेंट के सह-संस्थापक व कार्यकारी निदेशक यतिन शाह ने कहा, ज्यादातर एचएनआई के पोर्टफोलियो में पहले से ही रियल एस्टेट का भारांक ज्यादा है, ऐसे में स्वाभाविक तौर पर ये वित्तीय परिसंपत्तियों की ओर जा रहे हैं।
Keyword: real estate, property, GST, RERA,,
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