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ईपीसी कंस्ट्रक्शंस के लिए रॉयल पार्टनर्स की पेशकश पर मतदान

देव चटर्जी / मुंबई January 11, 2019

भारतीय लेनदारों ने ईपीसी कंस्ट्रक्शंस इंडिया लिमिटेड (पहले एस्सार प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड के नाम से मशहूर) के लिए दुबई की फंड रॉयल पार्टनर्स की पेशकश पर मतदान किया, जिसे कर्ज समाधान के लिए एनसीएलटी भेजा गया है। आर्सेलरमित्तल की शर्तिया पेशकश को खारिज कर दिया गया।

कंपनी ने 7,200 करोड़ रुपये के कर्ज भुगतान में चूक की है और दिसंबर 2014 से गैर-निष्पादित आस्तियां है। रॉयल पार्टनर्स की पेशकश करीब 900 करोड़ रुपये की है, जिसमें 450 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान शामिल है। एक सूत्र ने यह जानकारी दी। 73 फीसदी लेनदार इस पेशकश पर सहमत हैं। ईपीएस कंस्ट्रक्शंस एस्सार समूह की दूसरी कंपनी है, जिसे लेनदार कर्ज समाधान के लिए एनसीएलटी ले गए हैं और इसमें आर्सेलरमित्तल ने भी रुचि दिखाई थी। मित्तल ईपीसी कंस्ट्रक्शंस का अधिग्रहण तभी करना चाहते हैं जब वह एस्सार स्टील की बोली जीत ले।

अभी आर्सेलरमित्तल एस्सार स्टील के लिए सबसे बड़ी बोलीदाता के रूप में उभरी है और इसने 42,000 करोड़ रुपये की पेशकश की है। लेकिन रुइया ने सभी बैंकों व परिचालक लेनदारों को भुगतान करने की पेशकश की है। मामला अभी एनसीएलटी के अहमदाबाद पीठ में लंबित है।

आईडीबीआई बैंक ईपीसी कंस्ट्रक्शंस की अग्रणी बैंकर है और इसने 1,117 करोड़ रुपये कर्ज दिया है। इसके बाद सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का 1,054 करोड़ रुपये कर्ज कंपनी पर है। इसकी अन्य लेनदारों में यूको बैंक ने 1,011 करोड़ रुपये और एग्जिम बैंक ने 884 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है। सन फार्मा के निदेशक सुधीर वालिया के स्वामित्व वाली सुरक्षा ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी ने ईपीसी कंस्ट्रक्शंस को 642 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है।

इस समाधान योजना के साथ लेनदार को करीब 87 फीसदी की भारी भरकम कटौती झेलनी होगी। यह कंपनी भारत में विभिन्न ईपीसी परियोजनाएं स्थापित करने में अहम रही है और एस्सार समूह की कई परियोजनाओं को स्थापित करने में मदद की है। 

भारतीय लेनदारों के लिए दिवालिया संहिता मिश्रित रही है और बैंक अपने बकाए का सिर्फ 50 फीसदी ही वसूल पा रहे हैं। एस्सार स्टील में बैंक हालांकि अपने कर्ज का बड़ा हिस्सा वसूल पाएंगे क्योंकि आर्सेलरमित्तल और रुइया दोनों ने ही कर्ज के बड़े हिस्से के भुगतान की पेशकश की है।

7 जनवरी को एस्सार समूह की होल्डिंग कंपनी एस्सार ग्लोबल फंड लिमिटेड ने ऐलान किया था कि उसने भारत व विदेश के विभिन्न लेनदारों को 12,000 करोड़ रुपये के कर्ज के आखिरी चरण का भुगतान कर दिया है। यह भुगतान अगस्त 2017 में विभिन्न लेनदारों को एस्सार ऑयल के मुद्रीकरण से मिली रकम के जरिए किए गए 30,000 करोड़ रुपये के भुगतान के अतिरिक्त है।

Keyword: EPC Constructions, Essar Projects, NCLT, Arceler Mittar, company, NPA, Non Performing Assests,
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