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पानीपत की लड़ाई से लें सबक: शाह

अर्चिस मोहन / नई दिल्ली January 11, 2019

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने इस साल होने वाले आम चुनावों को विचारधाराओं की लड़ाई करार देते हुए इसकी तुलना पानीपत के तीसरे युद्घ से की है। रामलीला मैदान में पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने शुक्रवार को यह बात कही। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर से सत्ता में लाने के लिए पूरी मेहनत करें और नए भारत के निर्माण का रास्ता साफ करें।  

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आगामी आम चुनावों में जनता के सामने एक मजबूर गठबंधन सरकार और मोदी के नेतृत्व में एक मजबूत सरकार चुनने का विकल्प है। अलबत्ता शाह ने अपने भाषण में पार्टी को हाल में विधानसभा चुनावों में मिली हार का जिक्र नहीं किया। उन्होंने कहा कि मोदी की अगली सरकार बाकी सभी वादों को पूरा करेगी जिनमें देश के किसानों से किए गए वादे भी शामिल हैं। 

भाजपा प्रमुख ने विपक्षी दलों के महागठबंधन को हौवा करार दिया। उन्होंने कहा कि 2019 की लड़ाई सांस्कृतिक राष्ट्रवाद में भरोसा करने वाली भाजपा और अपने स्वार्थ के लिए साथ आए विपक्षी राजनेताओं के बीच है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले से साफ हो चुका है कि राफेल विमान पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोप आधारहीन थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच प्रस्तावित गठबंधन को बुआ-भतीजा गठबंधन करार दिया और दावा किया कि राज्य में पार्टी पिछले बार से ज्यादा सीटें जीतेगी। 2014 के आम चुनावों में भाजपा और उसके सहयोगी अपना दल ने राज्य की कुल 80 में से 73 सीटें जीती थीं। 

राम मंदिर के मामले में उन्होंने कांग्रेस पर इसमें बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा उच्चतम न्यायालय में इस मामले का जल्दी से जल्दी निपटारा चाहती है और अयोध्या में विवादित स्थल पर जल्दी से जल्दी राम मंदिर बनाने के लिए प्रतिबद्घ है। उन्होंने कहा कि 2019 की लड़ाई मराठों और अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली के बीच 1761 में हुए पानीपत के तीसरे युद्घ की तरह है। उन्होंने कहा कि वह मोदी को 1987 से जानते हैं और उन्होंने कभी कोई चुनाव नहीं हारा है। 

उन्होंने कहा कि 2014 में छह राज्यों में भाजपा की सरकार थी और अभी 16 राज्यों में पार्टी का शासन है। भाजपा प्रमुख ने कहा कि पानीपत की तीसरी लड़ाई से पहले मराठों ने 131 लड़ाइयां जीती थीं और उत्तर भारत के बड़े भूभाग को विदेशी शासन से मुक्त कराया था। लेकिन वे पानीपत में निर्णायक लड़ाई हार गए जिसके बाद देश 200 वर्षों तक पराधीन रहा। उन्होंने कहा कि इस बार ऐसा नहीं होना चाहिए।

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