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निर्माण व राजमार्ग श्रमिक होंगे समान

मेघा मनचंदा / नई दिल्ली January 10, 2019

सड़क मंत्रालय ने वेतन संहिता को संसद में पेश करने की राह में आ रही अड़चन को हटा दिया है। मंत्रालय राजमार्ग क्षेत्र में निर्माण कार्य करने वाले मजदूरों की व्यापक व्याख्या से सहमत हो गया है। इसके पहले सरकार निर्माण और राजमार्ग कामगारों के बीच भेद के मसले से जूझ रही थी। सड़क मंत्रालय के समझौते के मुताबिक नए विधेयक के तहत एक राजमार्ग मजदूर को उसी तरह से लाभ व भत्ते मिलेंगे, जैसे निर्माण से जुड़े मजदूर को मिलते हैं। पुनरीक्षित वेतन संहिता को अब संसद में पेश किया जा सकेगा। उम्मीद की जा रही है कि प्रस्तावित कानून से देश के 4 करोड़ कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। 
 
नए वेतन संहिता में सबके लिए न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की कवायद की गई है। इसमें हर सेक्टर के सभी कर्मचारियों को समय से भुगतान का प्रावधान है, जिसके लिए मजदूरी की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। इस समय केंद्र सरकार ने कें द्र से जुड़े क्षेत्रोंं में निर्माण मजदूर के लिए न्यूनतम मजदूरी 558 रुपये तय की है, जबकि अलग अलग राज्यों में यह राशि अलग है। इस विधेयक से केंद्र को सभी सेक्टर में न्यूतनम मजदूरी तय करने का अधिकार मिलेगा और राज्यों को वह स्तर बरकरार रखना होगा। 
 
सड़क  मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'पहले निर्माण मजदूर और राजमार्ग निर्माण मजदूर में अंतर को लेकर कोई स्पष्टता नहीं थी। लेकिन हमने अब फैसला किया है कि राजमार्ग मजदूर को भी निर्माण मजदूर के रूप में परिभाषित किया जाए।' उन्होंने कहा कि वेतन संहिता के तहत निर्माण मजदूरों के लिए लाभ और भत्ते राजमार्ग मजदूरों पर भी लागू होंगे।    इसमें 4 मौजूदा कानून- न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948, वेतन का भुगतान अधिनियम, 1936, बोनस का भुगतान अधिनियम, 1965 और समान मेहनताना अधिनियम, 1976 शामिल हो जाएंगे।  
 
सितंबर 2017 मेंं केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वेतन संहिता विधेयक 2017 को मंजूरी दी थी। इसमें 38 मजदूर अधिनियमोंं को मिलाकर 4 मजदूर संहिताएं- मजदूरी संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और पेशेगत सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं काम की स्थिति संहिता बनाई गई थी।  इस समय न्यूनतम वेतन अधिनियम और वेतन का भुगतान अधिनियम बड़ी संख्या पर मजदूरों पर लागू नहींं होता क्योंकि ये अधिनियम अनुसूचित रोजगारों व प्रतिष्ठानोंं तक सीमित हैं। 
Keyword: road, transport, NHAI,,
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