बिजनेस स्टैंडर्ड - 14.5 प्रतिशत गिरा स्वर्ण आयात
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14.5 प्रतिशत गिरा स्वर्ण आयात

राजेश भयानी / मुंबई January 08, 2019

भारत के स्वर्ण आयात में 2018 के दौरान 14.5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। इससे पिछले साल देश का कुल स्वर्ण आयात 876 टन रहा लेकिन इस वर्ष आयात 759 टन रहने का अनुमान है। इसका कारण है - सुस्त मांग, सोने का आयात करने के लिए निर्धारित एजेंसियों के मानदंडों में परिवर्तन करके नियमों में बदलाव तथा दुरुपयोग रोकने के लिए 24 कैरट के आभूषण निर्यात पर प्रतिबंध। जीएफएमएस थॉमसन रॉयटर्स द्वारा एकत्रित आंकड़ों के अनुसार 2018 में भारत का स्वर्ण आयात सुस्त रहा और आयात बिल भी 13.4 प्रतिशत तक कम होकर 31.37 अरब डॉलर रहने का अनुमान है जो केंद्रीय वित्त मंत्रालय के लिए भी राहत प्रदान करने वाला आंकड़ा है। कमजोर रुपये के कारण सोने के दाम अधिक रहने से आयात में यह गिरावट आई जिससे कीमतों के प्रति संवेदनशील निवेशकों की कमजोर ग्रामीण मांग के लिए इसका आकर्षण कम हो गया।
 
जीएफएमएस थॉमसन रॉयटर्स के वरिष्ठï विश्लेषक दवेजित साहा ने कहा कि अधिक दामों, उतना अच्छा मॉनसून न रहने के परिणामस्वरूप किसान समुदाय के पास खर्च करने के लिए पैसे की कमी और एक निश्चित सीमा के बाहर उपभोक्ताओं द्वारा नकदी के जरिये आभूषण खरीदने का इच्छुक न होने से बाजार में सोने के गहनों की मांग सुस्त रही। नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद उपभोक्ता नकदी के जरिये सोना खरीदने में बहुत सावधानी बरत रहे हैं। मानक अनुपालन की जांच के प्रति अधिकारियों के दायरे को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ने बढ़ा दिया है। इसने आपूर्ति शृंखला में पहले की तुलना में निगरानी क्षमता में इजाफा कर दिया है और यह प्रभावी रूप से उद्योग को बदल रहा है। अब व्यापारियों के लिए अधिकारियों की निगाह से बचना और अनैतिक समझे जाने वाले कारोबार में शामिल होना अधिक कठिन हो गया है।
 
विनियामकीय बदलाव भी स्वर्ण आयात में गिरावट के लिए जिम्मेदार रहे। अक्टूबर 2017 में सरकार ने सोने का आयात करने के लिए निर्धारित की गई एजेंसियों के मानदंडों में परिवर्तन किया था। पहले रत्नाभूषण क्षेत्र की चार सितारा निर्यात कंपनियां और किसी भी क्षेत्र की पांच सितारा कंपनियां सोने का आयात करने के लिए निर्धारित एजेंसी के रूप में मान्य थीं। पिछले साल अक्टूबर में इस नियम को हटा दिया गया और यह जरूरी कर दिया गया कि निर्यात करने वाली प्रतिष्ठिïत कंपनियां ही सोने का आयात कर सकती हैं। नई व्यवस्था के तहत यह आयात वास्तविक उपयोग यानी विनिर्माण के उद्देश्य से कच्चे माल के रूप में करना होता है और निर्धारित एजेंसी के प्रमाण-पत्र की वैधता बरकरार रखने के लिए खुद ही निर्यात करना होता है। तब से इन निर्धारित एजेंसियों द्वारा सोने के आयात में भारी गिरावट आई है। इस वर्ष इन निर्धारित एजेंसियों ने केवल 57 टन स्वर्ण आयात किया है जबकि पिछले साल 266.7 टन स्वर्ण आयात किया गया था और इस सोने की बड़ी मात्रा का आयात शुल्क भुगतान करके किया जाता है। जिसका मतलब साफ है कि यह केवल घरेलू उपयोग के उद्देश्य के लिए है। सरकार ने 24 कैरट के आभूषणों और पदकों के निर्यात पर भी रोक लगा दी है जिससे राउंड ट्रिपिंग प्रभावित हुई है। निर्यात के लिए ऐसे आभूषण तैयार करने में भी गिरावट आई है। 
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