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एआई की मदद से लीजिये बेहतरीन सेल्फी का मजा

अर्णव दत्ता /  January 06, 2019

आपने अक्सर यह देखा होगा कि लोग एक के बाद एक फोटो खींचते रहते हैं, जब तक कि उन्हें अपनी मनपसंद फोटो ना मिल जाए। आपने भी कई बार अपनी सेल्फी लेते वक्त ऐसा किया होगा। फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अच्छी दिखने वाली तस्वीरों की बाढ़ आ गई है। एक अनुमान बताता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड की जाने वाली प्रत्येक तीसरी फोटो पहले एडिट की जाती है। हालांकि कुछ समय पहले तक ऐसा चलन नहीं था। सुंदर, साफ, बेहतरीन फोटो, खासकर सेल्फी लेने के बढ़ते जुनून के कारण भारत के तेजी से बढ़ते स्मार्टफोन कारोबार में कृत्रिम मेधा (एआई) तकनीक अहम भूमिका में नजर आ रही है। हालांकि अभी एआई तकनीक को ग्राहकों से जुड़े बाजार में उपस्थिति दर्ज कराना बाकी है लेकिन स्मार्टफोन कैमरे के साथ यह अपने उपयोग और तकनीकी बदलाव का वाहक बन रही है।  एआई तकनीक आधारित स्मार्टफोन कैमरे एडिटिंग साधनों को एक तरह से अनावश्यक और चीजों को काफी आसान बना रहे हैं। इन कैमरों की सहायता से मानव त्वचा पर किसी भी तरह की विसंगति को पहचाना और दूर किया जा सकता है। ये कैमरा एक ही बार में बेहतरीन तस्वीरें खींचते हैं जिन्हें आप एडिट किए बिना तत्काल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर सकते हैं। 

 
वन प्लस इंडिया के महाप्रबंधक विकास अग्रवाल के अनुसार भारत में साफ, सुंदर और बेहतरीन तस्वीर की चाहत ने इस बदलाव को जन्म दिया। वह कहते हैं, 'चीन की तरह भारतीय ग्राहक चमकीले चित्र या सेल्फी वाले स्मार्टफोन की ओर आकर्षित हो रहे हैं। पश्चिमी बाजारों में ग्राहक ऐसी तस्वीरों की मांग करते हैं जिनमें उनकी त्वचा मूल रूप में दिखाई देती है।' 30,000 रुपये से अधिक की कीमत वाले स्मार्टफोन की श्रेणी (प्रीमियम कैटेगरी) में वन प्लस मुख्य भूमिका में है और वे कैमरा संबंधी तकनीक अद्यतन करने पर काफी अधिक ध्यान दे रहे हैं। स्मार्टफोन श्रेणी में श्याओमी, वनप्लस जैसे शीर्ष ब्रांड और रीयलमी, ओप्पो, वीवो जैसे तेजी से बढ़ते ब्रांड सभी सफलता के लिए एआई आधारित कैमरे पर मुख्य दांव लगा रहे हैं। वैश्विक बाजार में 29 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे सबसे बड़े स्मार्टफोन ब्रांड श्याओमी द्वारा काफी पहले उठाए गए कदमों के कारण इस समय इसके 22 प्रतिशत कैमरे एआई तकनीक सहेजे हुए हैं। पांचवें सबसे बड़े स्मार्टफोन ब्रांड ओप्पो में 18 प्रतिशत कैमरों में एआई तकनीक लगी हुई है। ओप्पो ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 30 लाख स्मार्टफोन बेचे हैं। रीयलमी जैसे नए ब्रांड की भी इतनी ही हिस्सेदारी है। मई में लॉन्च होने के बाद से अब तक रीयलमी 10 लाख से अधिक स्मार्टफोन बेच चुकी है। नोकिया, वीवो, एलजी और हुआवेई जैसे दूसरे ब्रांड भी इस दौड़ में शामिल हैं। 
 
साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) के एक विश्लेषण के अनुसार एआई तकनीक आधारित कैमरे अभी शुरुआती अवस्था में ही हैं लेकिन इनका लक्ष्य स्पष्ट है और वे इंस्टाग्राम वाली नई पीढ़ी और लखपतियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। स्मार्टफोन उद्योग एआई तकनीक पर काफी तेजी से काम कर रही हैं। सीएमआर का कहना है कि फिलहाल 20 करोड़ स्मार्टफोन के बाजार में एआई तकनीक आधारित फोन की हिस्सेदारी केवल 8 प्रतिशत है लेकिन उद्योग का अनुमान है कि अगले साल तक तीन में से एक मोबाइल एआई तकनीक पर आधारित होगा। वहीं, वर्ष 2020 तक यह आंकड़ा बढ़कर प्रत्येक 5 में से तीन स्मार्टफोन में एआई तकनीक पर आधारित होंगे। किसी दूसरी नई तकनीक की तरह ही एआई तकनीक भी मध्यम और उच्च कीमत वाले स्मार्टफोन के साथ बाजार में आ रही है लेकिन इसे मुख्याधारा का चलन बनने में अधिक समय नहीं लगेगा। 
 
सीएमआर में एनालिस्ट अमित शर्मा कहते हैं, 'हालांकि एआई तकनीक आधारित अधिकांश कैमरे मध्यम और अधिक कीमत वाले स्मार्टफोन के साथ आ रहे हैं लेकिन यह देखना दिलचस्प है कि कोमियो जैसे ब्रांड 10,000 रुपये से कम कीमत में एआई आधारित कैमरे वाला स्मार्टफोन उपलब्ध करा रही है। इस श्रेणी में एआई तकनीक को तेजी से अपनाया जाएगा।' टेकआर्क द्वारा किए गए हालिया अध्ययन में बताया गया कि स्मार्टफोन खरीदने के लिए कीमतें, ब्रांड और कीमतों में छूट से अधिक ध्यान फोन की विशेषताओं पर दिया जा रहा है। वहीं, कैमरे के फीचर स्मार्टफोन खरीदते समय तीसरी सबसे अधिक पसंद की जाने वाली विशेषता है। फोन की रैम, आंतरिक मेमरी और बैटरी की क्षमता भी फोन खरीदते समय देखे जाने वाली प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं। इस अध्ययन में यह भी बताया गया कि 43 प्रतिशत स्मार्टफोन उपयोगकर्ता एक दिन में कम से कम एक सेल्फी जरूर लेते हैं। वहीं, महिला उपयोगकर्ताओं में यह आंकड़ा बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाता है। 
 
सीएमआर का कहना है, 'चैट ऐप की बढ़ती लोकप्रियता के चलते कैमरा किसी भी स्मार्टफोन में सबसे अधिक सामग्री तैयार करने वाला हार्डवेयर बन गया है।' एनालिस्ट फर्म का कहना है कि कैमरे को एक बेहतरीन विशेषता बनाने के लिए स्मार्टफोन निर्माता लगातार निवेश कर रहे हैं।
Keyword: AI, selfie, mobile, facebook, instagram,,
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