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बढिय़ा फायदे नहीं चाहिए तो मुफ्त का क्रेडिट कार्ड आजमाइए

मंजीरी बी /  January 06, 2019

अच्छा सौदा किसे पसंद नहीं आता और अगर वित्तीय योजनाओं या उत्पादों में चोखा सौदा मिल जाए तो कहने ही क्या। अगर किसी वित्तीय उत्पाद में शुल्क कम लग रहा हो तो बांछें खिल जाती हैं और अगर शुल्क बिल्कुल नहीं लग रहा हो तब तो उसे छोडऩे का सवाल ही पैदा नहीं होता। इसलिए शून्य शुल्क वाला यानी मुफ्त में आने वाला क्रेडिट कार्ड उन कार्डों के मुकाबले बहुत आकर्षक होता है, जिन पर वार्षिक शुल्क वसूला जाता है। लेकिन ऐसे किसी भी कार्ड को लपकने से पहले देख लीजिए कि इस पर होने वाले खर्च के एवज में आपको कितने लाभ मिल रहे हैं।

 
पैसाबाजार डॉट कॉम में उपाध्यक्ष और भुगतान उत्पादों के प्रमुख साहिल अरोड़ा का कहना है, 'जैसा कि नाम से ही पता चलता है, वार्षिक शुल्क वाला कार्ड वह होता है, जिसमें आपको कार्ड का इस्तेमाल जारी रखने के लिए साल में एक बार निर्धारित शुल्क चुकाना पड़ता है। इसके उलट शून्य शुल्क वाले कार्ड में आपसे वार्षिक शुल्क के नाम पर एक पाई भी नहीं ली जाती है।' उदाहरण के लिए एचएसबीसी वीसा प्लेटिनम क्रेडिट कार्ड में वार्षिक शुल्क लिया ही नहीं जाता। अरोड़ा बताते हैं, 'क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली अधिकतर कंपनियां पहले साल में कार्ड के जरिये एक तय राशि की खरीदारी आदि करने पर अक्सर वार्षिक शुल्क माफ कर देती हैं।' कुछ कार्ड आपको एक तय समय के भीतर निर्धारित राशि खर्च करने का लक्ष्य देते हैं और अगर आप उतनी राशि खर्च कर लेते हैं तो आपके कार्ड से वार्षिक शुल्क माफ कर दिया जाता है। मिसाल के तौर पर सिंपलीक्लिक एसबीआई कार्ड को ही लीजिए। इस कार्ड पर 499 रुपये बतौर वार्षिक शुल्क लिए जाते हैं, लेकिन साल में 1 लाख रुपये की रकम कार्ड से खर्च कर दी जाए तो इसे माफ कर दिया जाता है। 
 
बैंक बाजार में मुख्य कारोबार विकास अधिकारी नवीन चंदानी कहते हैं, 'पहली बात तो यह है कि शून्य शुल्क वाले कार्ड आपको वे सभी लाभ देते हैं, जो आपको सामान्य क्रेडिट कार्ड पर मिलते हैं। लेकिन ये कार्ड बिल्कुल भी महंगे नहीं होते। अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड का बकाया वक्त पर चुका देते हैं तो इस कार्ड पर आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता।' मजे की बात है कि इन कार्ड पर आपको वार्षिक शुल्क वाले कार्डों सरीखे लाभ और रिवार्ड भी हासिल होत हैं। लेकिन इनमें प्रीमियम किस्म के लाभ नहीं मिलते।
 
हालांकि ऐसा भी नहीं है कि ये कार्ड हर तरह से फायदेमंद ही हैं। शून्य शुल्क वाले कार्डों में वे लाभ नहीं मिलते, जो वार्षिक शुल्क वाले महंगे कार्ड के साथ आते हैं। इस तरह शून्य शुल्क वाले कार्डों पर आपको एयरपोर्ट लाउंज का लुत्फ उठाने अथवा यात्रा से जुड़े लाभ नहीं मिलेंगे। चंदानी कहते हैं, 'आपको इनमें होने वाले बदलावों और अपग्रेड पर पैनी नजर रखनी पड़ेगी। कभीकभार आपके इस्तेमाल के आधार पर कंपनियां समय-समय पर आपके कार्ड को अपग्रेड कर सकती हैं। जब कार्ड को अपग्रेड किया जाता है तो उससे जुड़े नियम और शर्तें भी पहले से अलग हो सकती हैं। कभीकभार कार्ड कंपनी किसी खास कार्ड को खत्म भी कर सकती है। ऐसी स्थिति में कार्ड से आपको मिलने वाले फायदे भी खत्म हो सकते हैं।'
 
अरोड़ा की सलाह है, 'यह समझना काफी आसान है कि कोई क्रेडिट कार्ड इतना अच्छा है या नहीं कि उसके लिए वार्षिक शुल्क चुकाया जाए। इसके लिए ग्राहक को कार्ड से मिलने वाले फायदों और रियायतों आदि की कुल कीमत आंकनी चाहिए और देखना चाहिए कि उसके लिए वार्षिक शुल्क देना समझदारी और फायदे की बात है या नहीं। अगर आपको मिलने वाले फायदों की कीमत कार्ड के वार्षिक शुल्क या नवीनीकरण शुल्क से ज्यादा है तो शुल्क चुकाने में कोई बुराई नहीं।' वार्षिक शुल्क वाले कार्ड उन लोगों के लिए खास तौर पर अच्छे हैं तो कार्ड से बहुत अधिक खर्च करते हैं और बदले में कीमती रिवार्ड या फायदे चाहते हैं।
 
अगर आपके पास बिना शुल्क का कार्ड है तो उसमें एक बात सबसे अच्छी है। मान लीजिए कि उस कार्ड पर किसी तरह का बकाया नहीं है और आप उसके बारे में एकदम भूल जाते हैं तो भी चिंता की बात नहीं है क्योंकि इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर किसी तरह का प्रतिकूल असर नहीं होगा। दूसरी ओर अगर आपके पास वार्षिक शुल्क वाला कार्ड है, जिस पर किसी तरह का बकाया नहीं है। लेकिन अगर आप उसके बारे में पूरी तरह भूल जाते हैं तो मामला कुछ अलग होगा। एक्सपीरियन एशिया पैसिफिक के क्षेत्रीय प्रबंध निदेशक मोहन जयरामन समझाते हैं, 'हो सकता है कि आपके पास मौजूद क्रेडिट कार्ड वार्षिक शुल्क वाला हो और आप न तो उसका इस्तेमाल कर रहे हों तथा न ही उस पर किसी तरह का बकाया हो। लेकिन अगर आप बकाया चुकाने का अपना रिकॉर्ड यानी क्रेडिट रिकॉर्ड अच्छा रखना चाहते हैं तो आपको वार्षिक शुल्क समय पर ही चुकाना पड़ेगा।' इसलिए क्रेडिट कार्ड पर बकाया चाहे शून्य हो, लेकिन अगर उस पर वार्षिक शुल्क बनता है तो गाहे-बगाहे उसकी खबर लेते रहना चाहिए।
Keyword: credit card, cibil, report, digital,,
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