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भारत में अधिग्रहण करना चाह रही जापानी आईटी कंपनियां

देवाशिष महापात्र / बेंगलूरु January 03, 2019

यूरोपीय कंपनियों की तरह जापान की सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियां वैश्विक स्तर पर कारोबार में इजाफा करना चाहती हैं, ऐसे में इन कंपनियों का इरादा  भारत में ऑफशोर डिलिवरी आधार बनाने का है, जिसका वैश्विक क्लाइंटों को सेवाएं प्रदान करने का लंबा इतिहास है, खास तौर से उत्तर अमेरिकी क्लाइंटों को। सूत्रों ने कहा कि एनईसी, एनटीटी डेटा, हिताची और फुजित्सू जैसी कंपनियां अधिग्रहण की संभावना तलाश रही हैं, जिसके जरिये डिलिवरी के इनकी खासी मौजूदगी हो। भारत के अतिरिक्त जापानी आईटी सेवा कंपनियां अन्य इलाके में भी फर्मों का अधिग्रहण कर रही हैं ताकि वैश्विक स्तर इनकी मौजूदगी में सुधार हो।
 
पारेख कंसल्टिंग के संस्थापक पारीख जैन ने कहा, जापानी आईटी सेवा फर्में पारंपरिक तौर पर देसी बाजार पर ध्यान केंद्रित करती रही हैं, जो वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। अभी उनके राजस्व का सिर्फ 35 फीसदी ही देश से बाहर से आता है। हालांकि उनके देसी क्लाइंटों के वैश्विक कामकाज के विस्तार के साथ ही ये आईटी कंपनियों की इच्छा अब वैश्विक बाजार की ओर बढऩे का है और इसके लिए वह भारत में मजबूती के साथ उपस्थिति चाह रही हैं।  करीब 100 अरब डॉलर वाले बाजार जापान में पारंपरिक तौर पर देसी कंपनियों मसलन एनईसी, एनटीटी डेटा, हिताची और फुजित्सू आदि का वर्चस्व है। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि इन कंपनियों ने अब अपनी यूरोपीय समकक्ष कंपनियों की तरह देश से बाहर नजर डालना शुरू कर दिया है क्योंकि यूरोपीय कंपनियों ने मजबूत ऑफशोर डिलिवरी के लिए भारत में कुछ अधिग्रहण किए हैं।
 
फ्रांस की फर्म कैपजेमिनाई ने साल 2015 में आईगेट का अधिग्रहण 4 अरब डॉलर में किया था। इंजीनियरिंग सेवा फर्म एरिसेंट का अधिग्रहण अल्ट्रान टेक्नोलॉजिज ने 2 अरब डॉलर में किया, इस तरह से यूरोपीय फर्में भारतीय विलय-अधिग्रहण में काफी सक्रिय रही हैं। सूत्रों ने कहा कि संभावित अधिग्रहण के लिए जापानी कंपनियों मसलन एनईसी व एनटीटी डेटा की तरफ से माइंडट्री व एनआईआईटी टेक्नोलॉजिज का आकलन इसी तरह का संकेत दे रहा है। पिछले मौकों पर भी कई जापानी कंपनियों ने उन कंपनियों का या तो अधिग्रहण किया है या अधिग्रहण के लिए बोली जमा कराई है जिनकी भारत में मजबूत उपस्थिति है। उदाहरण के लिए एनईसी ने एम्फैसिस में एचपी की हिस्सेदारी के अधिग्रहण की कोशिस साल 2016 में की थी और अंतत: प्राइवेट इक्विटी दिग्गज ब्लैकस्टोन के हाथों गंवा बैठी। साल 2013 में इसने भारत में उतरने के इरादे जता दिए थे जब कंपनी ने एनईसी एचसीएल सिस्टम टेक्नोलॉजिज की 49 फीसदी हिस्सेदारी कंपनी पर पूरी तरह से नियंत्रण के लिए खरीदी थी। पिछले हफ्ते कंपनी ने डेनमार्क की आईटी सेवा फर्म केएमडी होल्डिंग का अधिग्रहण 1.2 अरब डॉलर में किया। इसी तरह एनटीटी की तरफ से 3.1 अरब डॉलर में डेल सर्विसेज के अधिग्रहण से जापानी फर्म की पहले से ही भारत में काफी मजबूत उपस्थिति है।
Keyword: IT, firm, NEC, NTT,,
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