बिजनेस स्टैंडर्ड - पाम ऑयल पर आयात शुल्क घटा
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पाम ऑयल पर आयात शुल्क घटा

रॉयटर्स / मुंबई January 01, 2019

आपूर्तिकर्ताओं के अनुरोध के बाद भारत ने दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों (आसियान) से किए जाने वाले कच्चे और रिफाइंड पाम ऑयल आयात पर शुल्क घटा दिया है। एक सरकारी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है। आयात शुल्क में इस कटौती से आने वाले महीनों में दुनिया के इस सबसे बड़े खाद्य तेल खरीदार के पाम ऑयल आयात को बढ़ावा मिलेगा क्योंकि इससे उष्णकटिबंधीय वनस्पति तेल तथा सोया और सूरजमुखी जैसे प्रतिस्पर्धी तेलों के बीच का अंतर कम हो जाएगा। सोमवार को जारी इस अधिसूचना के अनुसार कच्चे पाम ऑयल पर शुल्क 44 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है जबकि रिफाइंड तेल पर शुल्क 54 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। यह शुल्क कटौती मंगलवार से प्रभावी हो गई है। सरकार ने एक अलग नोटिस में कहा कि रिफाइंड पाम ऑयल की मलेशियाई खेपों पर 45 प्रतिशत शुल्क लगेगा जबकि पहले यह 54 प्रतिशत था। मार्च 2018 में भारत ने कच्चे पाम ऑयल पर आयात शुल्क 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 44 प्रतिशत कर दिया था और रिफाइंड पाम ऑयल पर शुल्क 40 प्रतिशत से बढ़ाकर 54 प्रतिशत कर दिया था। मुंबई के वनस्पति तेल आयातक सनविन ग्रुप के मुख्य कार्याधिकारी संदीप बाजोरिया ने कहा कि शुल्क में कटौती की वजह से पाम ऑयल अधिक प्रतिस्पर्धी हो गया है और इस कारण जनवरी से आयात में तेजी आएगी।
 
भारत मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से पाम ऑयल तथा अर्जेंटीना और ब्राजील से सोया तेल आयात करता है। यह सूरजमुखी तेल की कुछ मात्रा यूके्रन से और कनाडा से राई का तेल भी खरीदता है। मुंबई के व्यापारिक संगठन सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन के अनुसार अक्टूबर में समाप्त हुए 2017-18 के विपणन वर्ष में भारत का पाम ऑयल आयात पिछले साल के मुकाबले 6.4 प्रतिशत गिरकर 87 लाख टन हो गया। पाम ऑयल के दो शीर्ष उत्पादक इंडोनेशिया और मलेशिया भारत से आयात शुल्क में कटौती की मांग कर रहे थे क्योंकि अधिक उत्पादन के कारण इन दोनों देशों में स्टॉक बढ़ रहा था। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक बीवी मेहता ने कहा कि भारत के पाम ऑयल आयात में भले ही दिसंबर में गिरावट आई हो लेकिन इस महीने इसमें उछाल आएगी क्योंकि कुछ आयातकों ने शुल्क कटौती के पूर्वानुमान से आयात में विलंब किया है।
 
मेहता ने कहा कि मलेशिया की खेपों के लिए कच्चे और रिफाइंड पाम ऑयल के बीच का प्रभावी शुल्क अंतर 11 प्रतिशत से कम होकर 5.5 प्रतिशत हो गया है जिससे रिफाइंड पाम ऑयल का आयात बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि घरेलू रिफाइनरी उद्योग के लिए यह मौत की आहट के समान है और इससे देश में पाम खेती का विस्तार रुक जाएगा। भारत अपने खाद्य तेल की 70 प्रतिशत खपत के लिए आयात पर निर्भर रहता है। 2001-02 में यह निर्भरता 44 प्रतिशत थी। एक वैश्विक व्यापारिक कंपनी के मुंबई स्थित व्यापारी ने कहा कि भारत के पाम ऑयल बाजार में परंपरागत रूप से इंडोनेशिया का बड़ा हिस्सा रहता है। इस शुल्क कटौती से अब मलेशिया की हिस्सेदारी बढ़ जाएगी।
Keyword: palm oil, import, export,,
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