बिजनेस स्टैंडर्ड - जीएसटी संग्रह में कमी से बढ़ी चिंता
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जीएसटी संग्रह में कमी से बढ़ी चिंता

अभिषेक वाघमारे / नई दिल्ली 01 01, 2019

दिसंबर में जीएसटी संग्रह 94,726 करोड़ रुपये

बिजनेस स्टैंडर्ड जीएसटी संग्रह में कमी से बढ़ी चिंतासरकार को दिसंबर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह से 94,726 करोड़ रुपये प्राप्त हुए जो अक्टूबर और नवंबर के मासिक संग्रह से कम है। इस तरह 2018-19 के पहले नौ महीने में से सात महीने जीएसटी संग्रह अनुमान से कम रहा। बिज़नेस स्टैंडर्ड के आकलन के मुताबिक अगर सरकार को बजटीय लक्ष्य पूरा करना है तो जनवरी, फरवरी और मार्च में जीएसटी संग्रह हर महीने कम से कम 1.23 लाख करोड़ रुपये होना चाहिए। क्षतिपूर्ति के कारण राज्य केंद्र की अपेक्षा सुरक्षित स्थिति में हैं लेकिन केंद्र की राजकोषीय स्थिति नाजुक है। 2018-19 में केंद्रीय जीएसटी से 6.04 लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है लेकिन अप्रैल से दिसंबर के दौरान यह 3.41 लाख करोड़ रुपये रहा। यह वार्षिक लक्ष्य का 56 फीसदी है। इस कमी को पूरा करने के लिए केंद्र को जनवरी, फरवरी और मार्च में हर महीने कम से कम 87,000 करोड़ रुपये की जरूरत है।

वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने स्वीकार किया कि इस वित्त वर्ष के दौरान जीएसटी संग्रह लक्ष्य से कम रह सकता है। यह कमी करीब 40,000 करोड़ रुपये की हो सकती है। ऐसी स्थिति में राजस्व और पूंजीगत व्यय में कटौती अपरिहार्य हो जाएगी।  विशेषज्ञों का कहना है कि दूसरे अप्रत्यक्ष करों और आयकर से राजस्व में हुई बढ़ोतरी जीएसटी की कमी को पाटने के लिए पर्याप्त नहीं होगी। ऐसी स्थिति में कर चोरी रोकने के उपायों में तेजी आ सकती है।

इक्रा की प्रधान अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, 'केंद्रीय जीएसटी के अब तक के संग्रह से लगता है कि इस वित्त वर्ष में बजट लक्ष्य हासिल नहीं हो पाएगा। एकीकृत जीएसटी के अस्थायी निपटान और राज्यों को आवंटन के बाद बचा जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर आगामी महीनों में केंद्र सरकार की नकदी प्रवाह को बढ़ाने में अहम होगा।'

जीएसटी संग्रह में कमी चौंकाने वाली है क्योंकि दीवाली नंवबर में ही थी। दिसंबर का जीएसटी संग्रह नवंबर का प्रतिनिधित्व करता है। डेलॉयट इंडिया के पार्टनर एम एस मणि ने कहा, 'इमें कोई दोराय नहीं है कि जीएसटी संग्रह लक्ष्य से कम है। इससे लगता है कि मौजूदा वित्त वर्ष में दरों में कटौती के बावजूद संग्रह 95,000 करोड़ रुपये के आसपास स्थिर हो रहा है। राजस्व के लक्ष्य से कम रहने की स्थिति में कारोबारियों पर कर अनुपालन का दबाव बढ़ सकता है और कर चोरी रोकने के उपाय बढ़ सकते हैं।' पीडब्ल्यूसी इंडिया में पार्टनर (अप्रत्यक्ष कर) प्रतीक जैन ने कहा कि सालाना लक्ष्य को हासिल करने के लिए चोरी हुए जीएसटी की वसूली अहम होगी। जैन ने कहा, 'अगले कुछ महीनों के दौरान प्रवर्तन और जांच के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।'
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
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