बिजनेस स्टैंडर्ड - विचार पुराने, समाधान पुकारे
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, March 23, 2019 12:55 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विशेष खबर

विचार पुराने, समाधान पुकारे

संपादकीय /  December 27, 2018

नीति आयोग ने हाल ही में 'न्यू इंडिया के लिए रणनीति' जारी करते हुए कृषि अर्थव्यवस्था की हालत सुधारने के सुझाव दिए हैं। हालांकि इनमें से कई सुझाव समझ से परे हैं। कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) को कृषि न्यायाधिकरण में तब्दील करना, कृषि उपज की नीलामी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की जगह न्यूनतम आरक्षित मूल्य (एमआरपी) लागू करना और गांव एवं ब्लॉक स्तर पर सरकारी उपज संग्रह केंद्र एवं भंडारगृह बनाने के प्रस्ताव तर्क को भी नकारने वाले हैं। यह साफ नहीं है कि संविधान के अनुच्छेद 323(बी) के अनुरूप सीएसीपी को न्यायाधिकरण बना देने से क्या मकसद पूरा हो जाएगा? न्यायाधिकरण बनाने के पीछे बुनियादी सोच यही होती है कि विवादों का निपटारा किया जा सके। वैसे भी कृषि उपज का मूल्य घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग और आपूर्ति से तय होता है।

 
फिलहाल सीएसीपी किसानों के हित एवं अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए फसलों का एमएसपी तय करता है। भले ही नीति आयोग की यह स्वीकारोक्ति सही है कि किसानों की आय बढ़ाने में एमएसपी महज आंशिक समाधान ही हो सकता है लेकिन एमएसपी की जगह एमआरपी लाकर मंडियों में कृषि उपज की नीलामी करने का विचार तो और भी बुरा है। कृषि बाजारों की अक्षमता, कारोबार प्रणाली की विविधता और कृषि जिंसों की खरीद-बिक्री पर बिचौलियों के दबदबे को देखते हुए आरक्षित मूल्य-आधारित नीलामी व्यवस्था किसानों के लिए अधिक माकूल नहीं रह सकती है। नियमित मंडियों में कारोबार कर रहे व्यापारी एक कार्टेल की तरह बर्ताव करते हुए किसानों की उपज के ऊंचे दाम ही नहीं लगाएंगे लिहाजा किसान मंडी परिसरों के बाहर बेहद कम दाम पर अपनी पैदावार बेचने के लिए मजबूर हो जाएंगे। उपज के संग्रह एवं भंडारण के लिए गांव के स्तर पर सुविधा केंद्र मुहैया कराने का आयोग का सुझाव भी दूर की कौड़ी ही लगता है। पिछले दशकों में किए गए तमाम प्रयासों और भारी निवेश के बावजूद फसल खरीद और भंडारण का ढांचा गेहूं एवं धान उत्पादक क्षेत्रों से आगे नहीं बढ़ पाया है। इस तरह, किसानों की आय दोगुनी कर उनका असंतोष खत्म करने के लिए आयोग की तरफ से दिए गए सुझावों में नई सोच का अभाव है। नीति आयोग जैसी वैचारिक संस्था से अलग तरह के विचारों की अपेक्षा रहती है।
 
हालांकि कृषि आय बढ़ाने के लिए तैयार रूपरेखा में दिए गए कुछ सुझाव अनूठे न होते हुए भी उपयोगी हैं। नीति आयोग का बिजली एवं पानी पर दी जा रही सब्सिडी खत्म करने का प्रस्ताव ऐसा ही है। आयोग ने इनकी जगह ड्रिप तकनीक जैसी सूक्ष्म-सिंचाई साधनों के लिए वित्तीय मदद देने की बात कही है। इसी तरह, पांच से दस साल के लिए कृषि निर्यात की एक सुसंगत एवं स्थिर नीति पर जोर देना भी सही है। इस तरह की नीतिगत व्यवस्था कृषि उपज अधिशेष का एक भरोसेमंद निर्यात विंडो बनाने के लिए बेहद जरूरी है। हालांकि कृषि निर्यात के लिए हाल ही में घोषित राष्ट्रीय नीति इस सिद्धांत की पुष्टि नहीं करती है। इसमें निर्यात को किसी भी वक्त सीमित करने की पर्याप्त गुंजाइश है ताकि सघन उपभोग वाले खाद्य उत्पादों की घरेलू कीमतों को संभाला जा सके।
 
आयोग ने आवश्यक वस्तु अधिनियम को नरम करने, अनुबंध खेती को बढ़ावा देने, बेहतर मूल्य के लिए वायदा कारोबार को प्रोत्साहन देने और कम मांग वाले सीजन में अपेक्षाकृत ऊंचे मूल्य पर उपज की बिक्री कराने के मोर्चे पर भी बढिय़ा काम किया है। फसल कटाई के बाद उपज रखने के लिए गोदामों की शृंखला और शीतगृहों को ढांचागत क्षेत्र का दर्जा देने का सुझाव भी स्वागत-योग्य है। इस दर्जे से गोदामों और शीतगृहों को ढांचागत क्षेत्र वाली वित्तीय सहूलियतें मिल सकेंगी। लेकिन आयोग के अधिकांश सुझाव तो पहले भी रखे जा चुके हैं। अब वक्त इन सुझावों पर अमल का है।
Keyword: niti ayog, economy, narendra modi, new india,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या रीट से पूंजी जुटाना रियल्टी कंपनियों के लिए होगा आसान?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.