बिजनेस स्टैंडर्ड - पेंशन मसले का नहीं हुआ समाधान
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, January 18, 2019 09:52 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम मुद्रा खबर

पेंशन मसले का नहीं हुआ समाधान

अनूप रॉय / मुंबई December 26, 2018

साल खत्म होने को है और पेंशन के मसले पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक को नए साल में बड़े विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ सकता है। उम्मीद की जा रही थी कि सरकार महीने के आखिर तक रिजर्व बैंक की पेंशन योजना में सुधार को लेकर मंजूरी दे देगी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। अगस्त महीने में रिजर्व बैंक के कर्मचारी सामूहिक छुट्टी पर चले गए थे। वे पेंशन मसले पर सरकार के अडिय़ल रवैये का विरोध कर रहे थे। इसकी वजह से रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट व्यवस्था कुछ घंटों के लिए प्रभावित हुई थी।
 
बहरहाल इस बार यूनियनें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकती हैं और यूनियनों ने धमकी दी है कि इससे देश के वित्तीय लेन देन की रीढ़ आरटीजीएस व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।  केंद्रीय बैंक के पाास पेंशन मद में 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है, जिसमें से वह अपने स्टॉफ के लिए पेंशन का प्रबंधन करता है। इस मकसद के लिए वह अन्य केंद्रीय विभागोंं की तरह सरकार से पैसे की मांग नहीं करता। रिजर्व बैंक चाहता है कि उसके कर्मचारियों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह ही पेंशन मिले और प्रावधानों के मुताबक महंगाई का राशि में समायोजन किया जाए। कुछ हद तक नए सेवानिवृत्त लोगों को इंडेक्सेशन का लाभ  मिलता है, लेकिन पुराने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नहीं मिलता। इसके अलावा रिजर्व बैंक के पेंशनधारक केंद्र सरकार के कर्मचारियों से कम पैसे पाते हैं और यूनियनेंं चाहती हैं कि सरकार पेंशन बढ़ाकर कम से कम केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर करे।  
 
केंद्र सरकार को इस मामले में धन की प्रतिबद्धता नहीं करनी है, लेकिन इस योजना से हमेशा इनकार किया है। तर्क यह है कि अगर केंद्रीय बैंंक को विशेष पेंशन योजना के लिए अनुमति दे दी गई तो इस तरह के अन्य संस्थान भी अपने पेंशन के उन्नयन की मांग करेंगे। हर संस्थान के पास केंद्रीय बैंंक की तरह इसके लिए राशि नहीं है इसलिए ऐसा किए जाने पर केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ेगा।  रिजर्व बैंंक ने सुधरी पेंशन योजना की पहल की थी, जिसमें तत्कालीन वित्त सचिव डी सुब्बाराव के तहत वित्त मंत्रालय ने 2008 में कटौती कर दी थी। बहरहाल सुब्बाराव रिजïर्व बैंक के गवर्नर बने और उन्होंने संभवत: इसे गलती मानकर अपने ही फैसले को बदलने की कवायद की। उन्होंने सक्रिय होकर इस मसले को उठाया, लेकिन कुछ बदलाव नहींं हो सका। नौकरशाही तबके मे सुब्बाराव अलोकप्रिय हो गए, खासकर इसलिए कि वित्त मंत्रालय में काम करते उन्होंने जो फैसला किया था, उसी के विरोध में खड़े थे। 
 
रिजर्व बैंक यूनियन के एक सदस्य ने कहा, 'सरकार ने तर्क दिया कि रिजर्व बैंक ने पेंशन योजना में सुधार के पहले पहले से अनुमति नहीं ली थी। इसके बाद सरकार यह बताने लगी कि इससे इस तरह के अन्य संस्थानों पर असर पड़ सकता है।  बहरहाल अगस्त के विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार रिजर्व बैंक की मांग सुनने को सहमत हो गई। केंद्रीय बैंक ने सितंबर में अपनी योजना पेश की। सरकार की ओर के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे दिसंबर मेंं इस पर प्रतिक्रिया देंगे। सरकार की ओर से कोई सूचना नहीं आई और यूनियनें अब संभवत: जनवरी से विरोध प्रदर्शन की योजना बना रही हैं। 
 
पेंशन के मसले को रघुराम राजन और ऊर्जित पटेल ने प्रमुखता से उठाया। जहां भी संभव था, दोनों ने सरकार के सामने यह मसला उठाया। पटेल ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए आरबीआई मेडिकल योजना पेश की।  केंद्रीय बैंक के एक कर्मचारी ने कहा, 'कर्मचारियोंं के उपचार की योजना बहुत उपयोगी थी, जिसकी सराहना हुई। पेंशन मेंं सुधार वक्त की जरूरत है। कुछ वरिष्ठ सेवानिवृत्त कर्मचारियोंं को महज 3,000 से 5,000 रुपये महीने पेंशन मिल रही है, जो 15 साल पहले सेवानिवृत्त हुए हैं।' 
Keyword: pension, NPS, RBI,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या गोयल का प्रस्ताव जेट के कर्जदारों को आएगा रास?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.