बिजनेस स्टैंडर्ड - स्मार्ट एसआईपी से लाएं पोर्टफोलियो में विविधता
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, January 16, 2019 02:10 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विश्लेषण खबर

स्मार्ट एसआईपी से लाएं पोर्टफोलियो में विविधता

तिनेश भसीन /  December 23, 2018

निवेशकों में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के प्रति रुझान लगातार बढ़ता जा रहा है और पिछले कुछ साल में एसआईपी में अच्छी खासी बढ़ोतरी भी हुई है। इसे देखकर वितरक भी बहती गंगा में हाथ धोने से पीछे नहीं हट रहे और इस बाजार का हिस्सा हासिल करने के लिए एसआईपी के नए-नए रूप उतार रहे हैं। अपने प्लेटफॉर्म रैंक एमएफ के जरिये म्युचुअल फंड वितरण में पैठ बनाने वाली कंपनी सैमको सिक्योरिटीज ने हाल ही में एसआईपी की नई किस्म 'स्मार्ट एसआईपी' पेश की है। इसमें एसआईपी की राशि बाजार मूल्यांकन तथा योजना का पोर्टफोलियो देखकर तय की जाती है।

 
दूसरी म्युचुअल फंड योजनाओं की ही तरह स्मार्ट एसआईपी में भी निवेशक एसआईपी की एक तय मासिक राशि के साथ निवेश की शुरुआत करता है। यह राशि 2,500 रुपये से 1 लाख रुपये के बीच कुछ भी हो सकती है। निवेश शुरू होने के बाद रैंक एमएफ प्लेटफॉर्म बाजार की स्थिति पर नजर डालता है और योजना का पोर्टफोलियो भी देखता है। इसके साथ ही उसका एल्गोरिदम अपना काम शुरू कर देता है। यदि बाजार कुछ महंगा लग रहा है तो प्लेटफॉर्म का ट्रिगर निवेश को सलाह देता है कि उसे एसआईपी छोड़ देना चाहिए। यदि बाजार अच्छा-खासा नीचे है यानी काफी बढ़ोतरी की गुंजाइश है तो वह निवेशक को एसआईपी की राशि दोगुनी करने की सलाह देता है। अगर शेयरों का मूल्यांकन अब तक की सबसे ऊंचाई पर पहुंच गया है तो रैंक एमएफ निवेशक को कुछ खास शेयरों को बेचने और उनसे मिलनी रकम को लिक्विड फंड में रखने का मशविरा देता है।
 
रैंक एमएफ के प्रमुख ओंकारेश्वर सिंह कहते हैं, 'ऐसे ट्रिगर साल में चार-पांच बार आ सकते हैं, लेकिन निवेश से मिलने वाले प्रतिफल पर उनका अच्छा खासा असर पड़ सकता है। साल के बाकी हिस्से में निवेशक को निर्धारित राशि का निवेश करते रहना चाहिए।' रैंक एमएफ ने इन योजनाओं और शेयर बाजार का पिछले कई साल का शोध किया है और स्मार्ट एसआईपी उसी शोध पर आधारित है। इसी कारण इसने पारंपरिक एसआईपी के मुकाबले 5.9 फीसदी अधिक प्रतिफल दिया।  अई अन्य म्युचुअल फंड वितरक भी नए किस्म के एसआईपी चला रहे हैं और पेश कर रहे हैं। फंड्सइंडिया को ही लीजिए। यह ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म है, जो वैल्यू-एवरेजिंग इन्वेस्टमेंट प्लान (वीआईपी) लेकर आया है। इसमें निवेशक को प्रतिफल का एक लक्ष्य तय करना होता है। यह लक्ष्य 10 फीसदी हो सकता है, 12 फीसदी हो सकता है या 15 फीसदी हो सकता है, लेकिन योजना से अतीत में मिले प्रतिफल पर ही आधारित होता है। इसके बाद जैसे-जैसे बाजार का मूल्यांकन बदलता है, एसआईपी की राशि भी बदलती है। जब बाजार में गिरावट आती है तो निवेशक को अधिक रकम एसआईपी में डालनी पड़ती है मगर जब बाजार चढ़ता है तो एसआईपी की राशि कम हो जाती है।
 
चूंकि राशि हर महीने बदलती रहती है, इसलिए निवेशक को यह बताना पड़ता है कि उसके खाते से हर महीने कितनी रकम निकाली जा सकती है। मसलन वह 5,000 रुपये से 15,000 रुपये तक का दायरा तय कर सकता है। फंड्सइंडिया में म्युचुअल फंड रिसर्च की प्रमुख विद्या बाला कहती हैं, 'इस प्रकार के एसआईपी अनुभवी निवेशकों के लिए होते हैं। ऐसे निवेशकों के लिए होते हैं, जो कुछ साल से निवेश कर रहे हैं और समझते हैं कि इक्विटी निवेश किस तरह काम करता है।' बाला का कहना है कि पिछले पांच साल में वीआईपी ने नियमित एसआईपी की तुलना में 75 से 130 आधार अंक अधिक प्रतिफल दिया है।
 
फ्लेक्सी एसआईपी, स्टेप-अप एसआईपी और टॉप-अप एसआईपी जैसे अन्य प्रकार के एसआईपी भी उपलब्ध हैं। निवेश सलाहकारों का कहना है कि निवेशक को देखना चाहिए कि अलग-अलग अवधियों के दौरान ऐसी किसी रणनीति वाले एसआईपी ने नियमित एसआईपी के मुकाबले कितना अधिक प्रतिफल दिया है। उसके बाद ही उसे फैसला करना चाहिए कि ऐसी रणनीतियों वाले एसआईपी में निवेश करना चाहिए और सक्रियता दिखानी चाहिए या नहीं।  इंटरनैशनल मनी मैटर्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी लोवई नवलखी का कहना है, 'हमने कुछ रणनीतियों पर नजर डाली और हमें पता चला कि नियमित एसआईपी और उसके किसी अन्य प्रतिरूप के प्रतिफल में अधिक फर्क नहीं है। इसीलिए इसमें वक्त लगाना बेकार है।'
Keyword: smart, SIP, invest,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या ड्रोन नीति से आपूर्ति मॉडल में आएगा व्यापक बदलाव?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.