बिजनेस स्टैंडर्ड - घाटा पाटने के लिए रिजर्व बैंक से धन चाहती है सरकार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, May 21, 2019 08:23 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम मुद्रा खबर

घाटा पाटने के लिए रिजर्व बैंक से धन चाहती है सरकार

अरूप रायचौधरी / नई दिल्ली December 20, 2018

केंद्र सरकार 2018-19 में भारतीय रिजर्व बैंक से कम से कम 100 अरब रुपये अंतरिम लाभांश की मांग कर रही है, जिससे कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में अनुमानित कमी की भरपाई की जा सके और राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल किया जा सके और अतिरिक्त व्यय की प्रतिबद्धताएं पूरी हो सकें।  केंद्रीय बैंक ने 2017-18 वित्त वर्ष के दौरान सरकार को अंतरिम लाभांश के रूप में 100 अरब रुपये हस्तांतरित किए थे। इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ सरकारी सूत्र ने कहा, 'सरकार मोटे तौर पर रिजर्व बैंक से उतनी ही राशि चाहती है, जितना उसे अंतरिम लाभांश के रूप में पिछले वित्त वर्ष में भुगतान किया गया था।' एक और अधिकारी ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि 31 मार्च के पहले उसे अंतरिम लाभांश मिल जाएगा। 
 
रिजर्व बैंक जुलाई-जून वित्त वर्ष का पालन करता है। रिजर्व बैंक की ओर से किया गया कोई भी लाभांश भुगतान अब उसके जुलाई 2018 से जून 2019 वित्त वर्ष का हिस्सा होगा। जुलाई 2017 से जून 2018 के लिए रिजर्व बैंक ने 500 अरब रुपये लाभांश के रूप में भुगतान किया, जिसमें से 100 अरब रुपये वित्त वर्ष 2017-18 पूरा होने के कुछ दिन पहले 27 मार्च को सरकार को स्थानांतरित कर दिया गया। बुधवार को आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग ने कहा था कि सरकार केंद्रीय बैंक से अंतरिम लाभांश की मांग करेगी। यह बयान वित्त मंत्री अरुण जेटली के बाद आया, जब उन्होंने कहा था कि सरकार को राजकोषीय अंतर को पाटने के लिए रिजर्व बैंक के धन की जरूरत नहीं है।
 
मंगलवार को जेटली ने एक समाचार चैलन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि सरकार को राजकोषीय घाटा लक्ष्य के मुताबिक बनाए रखने के लिए रिजर्व बैंक के धन की कोई जरूरत नहीं है। इसका इस्तेमाल सरकारी बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के लिए हो सकता है, इसका इस्तेमाल देश के गरीब तबके के लिए हो सकता है। उन्होंने कहा था, 'सरकार इसका इस्तेमाल अपने वेतन के भुगतान के लिए नहीं करेगी। मेरी सरकार का बेहतरीन वित्तीय रिकॉर्ड है। यहां तक कि इस साल भी हम राजकोषीय घाटे का लक्ष्य बरकरार रखेंगे और राजकोषीय घाटे का लक्ष्य पूरा करने के लिए किसी तरह के धन की जरूरत नहीं पड़ेगी।'
 
2018-19 में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 6.24 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो सकल घरेलू उत्पाद का 3.3 प्रतिशत है। अप्रैल अक्टूबर अवधि के दौरान राजकोषीय घाटा पहले ही बजट अनुमान को पार कर 6.49 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच चुका है, जिसकी प्रमुख वजह कम कर राजस्व और ज्यादा पूंजीगत व्यय है।  अधिकारियों का मानना है कि वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान वस्तु एवं सेवा कर से वसूली लक्ष्य से 700 अरब रुपये से लेकर 1 लाख करोड़ रुपये तक कम रह सकती है। बहरहाल केंद्र सरकार की खुद की जीएसटी वसूली 300 अरब रुपये से ज्यादा कम रहने की संभावना नहीं है। इसकी आंशिक भरपाई प्रत्यक्ष कर और बजट में लक्षित विनिवेश से हो जाएगी, जो लक्ष्य से ज्यादा होने की संभावना है। लेकिन उम्मीद है कि सभी सब्सिडी मदों और सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं में बजट लक्ष्य से ज्यादा आवंटन होगा। 
 
अंतरिम लाभांश की मंग ऐसे समय में आई है जब रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय के बीच अतिरिक्त पूंजी को लेकर विवाद रहा है। रिजर्व बैंक के बोर्ड ने एक समिति के गठन का फैसला किया है, जो पूंजी भंडार के प्रावधानों व इसके बारे में फैसला करेगी कि क्या इसका कुछ हिस्सा सरकार को दिया जा सकता है।  आर्थिक मामलों के विभाग का मानना है कि बाजार के जोखिम की भरपाई करने के लिए अपने पूंजी बफर के आकलन के बारे में केंद्रीय बैंक बहुत ज्यादा परंपरावादी है रिजर्व बैंक अपनी पूंजी की जरूरतोंं की गणना 'स्ट्रेस्ड वैल्यू ऐड रिस्क' के मूल्यांकन के आधार पर करता है, जबकि सरकार चाहती है कि केंद्रीय बैंक सिर्फ 'वैल्यू ऐट रिस्क' का इस्तेमाल करे, जैसा कि ज्यादातर केंद्रीय बैंक करते हैं। इस मॉडल पर रिजर्व बैंक 3.6 लाख करोड़ रुपये स्थानांतरित कर सकता है। 
Keyword: bank, loan, debt, RBI, NPA, GST,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या थर्ड पार्टी प्रीमियम बढऩे से वाहन खरीदना होगा महंगा?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.