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तेल की कीमतों में गिरावट से चिंतित नहीं ओएनजीसी

शाइन जैकब / नई दिल्ली December 19, 2018

पिछले दो महीने में वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 30 फीसदी से ज्यादा घटी हैं, लेकिन ओएनजीसी के एक आला अधिकारी ने आज कहा कि तेल की कीमतों में गिरावट कंपनी के लिए चिंता का विषय नहीं है क्योंकि मौजूदा वित्त वर्ष में कच्चे तेल की औसत कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहेंगी। बुधवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतें 56.6 डॉलर प्रति बैरल रही, जो अक्टूबर के पहले के हफ्ते के करीब 80 डॉलर प्रति बैरल के मुकाबले 30 फीसदी से ज्यादा घट चुकी है। कंपनी के वित्त निदेशक सुभाष कुमार ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा कि कंपनी का मुनाफा इस वित्त वर्ष में कम से कम 40-50 अरब रुपये बढ़ेगा क्योंकि कच्चे तेल की औसत कीमतें साल के पहले छह महीने में 72 डॉलर प्रति बैरल के उच्चस्तर पर रही, जो सुनिश्चित कर सकता है कि पूरे साल के लिए औसत कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहेगी। वित्त वर्ष 2017-18 में कच्चे तेल की औसत कीमतें 55 डॉलर प्रति बैरल थी।
 
कंपनी का निदेशक मंडल गुरुवार को शेयर पुनर्खरीद पर फैसला ले सकता है। कंपनी ने कथित तौर पर वित्त मंत्रालय को सूचित किया है कि वह या तो सरकारी हिस्सेदारी खरीद लेगी या अंतरिम लाभांश देगी। कुमार ने कहा, वह दोनों कदम उठाने को इच्छुक नहीं है क्योंंकि रकम इकट्ठा करने में समय की दरकार पड़ेगी। बोर्ड इस पर फैसला लेगा। मुंबई के एक विश्लेषक के मुताबिक, कच्चे तेल की मांग घटने की संभावना है और चूंकि रूस और सऊदी अरब ज्यादा तेल उतार रहा है, लिहाजा आगामी महीनों मेंं कीमतें और घटने की आशंका है। कुमार ने कहा, माना जाता है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 1 डॉलर बढ़ती है तो इससे हमारा लाभ करीब 4 अरब रुपये बढ़ जाएगा। अगर साल के लिए औसत कीमत ज्यादा रहती है तो निश्चित तौर पर हमारे मुनाफे में उछाल आएगा। ओएनजीसी ने 199.45 अरब रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था और अगर कुमार के अनुमान को मानें तो कंपनी का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2018-19 में 240 अरब रुपये के पार निकल सकता है। 
 
ओएनजीसी समूह के लिए गंभीर चिंता में से एक है इसका एकीकृत कोष, जो 2017-18 में 2016-17 के 556.19 अरब रुपये के मुकाबले 1.11 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ओएनजीसी ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए 84.7 अरब रुपये का लाभांश दिया था, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 77.64 अरब रुपये रहा था। 
Keyword: oil, gas, ONGC,,
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