बिजनेस स्टैंडर्ड - ट्रेजरी बिल में निवेश ज्यादा आसान
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ट्रेजरी बिल में निवेश ज्यादा आसान

तिनेश भसीन /  December 09, 2018

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने खुदरा निवेेशकों के लिए सरकारी प्रतिभूतियों और ट्रेजरी बिलों की बोली आसान बनाने के लिए 'एनएसई गोबिड' मोबाइल ऐप शुरू किया है। इस मोबाइल ऐप के जरिये निवेशक व्यस्तता के बीच भी प्रतिभूतियों के लिए बोली लगा सकता है और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस और इंटरनेट बैंकिंग के जरिये अपने बैंक खाते से सीधे भुगतान कर सकते हैं। एनएसई और बीएसई ने करीब छह महीने पहले प्लेटफॉर्म शुरू किए थे ताकि खुदरा निवेशक सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी के गैर-प्रतिस्पर्धी बोली खंड में हिस्सा ले सकें। ये बोलियां शुक्रवार को लगती हैं, जबकि ट्रेजरी बिलों की नीलामी बुधवार को होती है। इन नीलामियों में से 5 फीसदी गैर-प्रतिस्पर्धी बोली के लिए आरक्षित हैं, जिसमें खुदरा निवेशक हिस्सा ले सकते हैं। एनएसई के ऐप से निवेशकों के लिए ये प्रतिभूतियां खरीदना आसान और सहज हो गया है। 

 
सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करना उस समय आकर्षक हो सकता है, जब ब्याज दरें या तो अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच चुकी हों या गिर रही हों। अशिका वेल्थ एडवाइजर्स के सह-संस्थापक अमित जैन ने कहा, 'हमारा मानना है कि भारत और यहां तक कि दुनियाभर के केंद्रीय बैंक अगले 3 से 6 महीनों में ब्याज दरों में बढ़ोतरी बंद कर देंगे। यह ब्याज दरों के चक्र का ऊपरी छोर होगा। सक्रिय निवेशकों के लिए ऐसा होने पर सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करना लुभावना बन सकता है।' 'सक्रिय निवेशकों' से जैन का मतलब उन लोगों से है, जो ब्याज दरों में गिरावट शुरू होने और इसके नतीजतन सरकारी प्रतिभूतियों की कीमतों में बढ़ोतरी शुरू होने पर द्वितीयक बाजार में सरकारी प्रतिभूतियों का लेनदेन करना चाहते हैं। हालांकि बॉन्डों का खुदरा द्वितीयक बाजार विकसित नहीं हुआ है, लेकिन जैन का कहना है कि सरकारी प्रतिभूतियों को कम लेनदेन की स्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता। जैन कहते हैं, 'सरकारी प्रतिभूतियों की हमेशा मांग रहती है और ब्याज दरों में गिरावट शुरू होने पर इनके प्रति निवेेशकों का और अधिक आकर्षण देखने को मिलेगा।'
 
निवेेशकों को इन नीलामियों में हिस्सा लेने के लिए कोई विशेष खाता खोलने की जरूरत नहीं है। वे ऐसा अपने पहले से मौजूद ब्रोकिंग अकाउंट के जरिये कर सकते हैं। ब्रोकरेज फीस 0.06 फीसदी यानी प्रत्येक 100 रुपये पर 6 पैसे से अधिक नहीं हो सकती।  एनएसई ऐप पर साइन अप करने के लिए निवेशक को अपना ब्रोकिंग और डिपॉजिटरी अकाउंट आपस में जोडऩा होगा। एनएसई का गोबिड प्लेटफॉर्म ऑर्डर संग्रह, भुगतान और रिफंड का काम संभालेगा, जिनके प्रबंधन के अभी ब्रोकरों की जरूरत होती है। 
 
इस ऐप के जरिये खुदरा निवेशक ट्रेजरी बिलों में 91 दिन, 182 दिन और 364 दिन और एक साल से 40 साल तक की अवधि के विभिन्न सरकारी बॉन्डों में निवेश कर सकते हैं। एक बार पंजीकरण करने के बाद लगभग हर सप्ताह निवेश किया जा सकता है।  सरकारी प्रतिभूतियों में पूंजी लगाना उन निवेशकों के अच्छा है, जो अपनी पूंजी के एक हिस्से को लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं। ज्यादातर बैंक सावधि जमाओं की अवधि 10 साल होती है। आप सरकारी प्रतिभूतियो में वर्तमान ब्याज दरों पर 30 साल या उससे अधिक समय के लिए निवेश कर सकते हैं। सरकारी प्रतिभूतियों के जरिये निवेशक अपने पोर्टफोलियो का ऋण जोखिम घटा सकते हैं। इन प्रतिभूतियों पर सरकार गारंटी देती है, इसलिए ऋण जोखिम खत्म हो जाता है। 
 
लेकिन यदि आप एक सक्रिय निवेशक नहीं हैं और अपनी पूंजी लंबे समय के लिए लॉक नहीं करना चाहते हैं तो सरकारी प्रतिभूतियों के सीमित विकल्प हैं। जब ब्याज दरों में गिरावट शुरू हो, तब आप गिल्ट फंडों के बारे में विचार कर सकते हैं।  अरविंद राव ऐंड एसोसिएट्स के संस्थापक अरविंद राव ने कहा, 'प्रवेश और निकासी सही समय पर होनी चाहिए, इसलिए यह काम निवेश सलाहकार के निर्देश पर किया जाना चाहिए।' गिल्ट फंडों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव रहता है। एक अन्य विकल्प भारत सरकार के बचत बॉन्ड हैं, जिन पर 7.75 फीसदी प्रतिफल मिलता है। हालांकि ये बॉन्ड केवल 7 साल की ïअवधि के लिए उपलब्ध हैं। समय से पहले निकासी केवल 60 या अधिक उम्र के निवेशकों के लिए ही मुमकिन है। 
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