बिजनेस स्टैंडर्ड - जमीन पर नहीं दिखीं सरकार की उपलब्धियां
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, January 21, 2019 02:06 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम खबर

जमीन पर नहीं दिखीं सरकार की उपलब्धियां

शिखा शालिनी /  12 09, 2018

बीएस बातचीत

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में राज्य सरकार का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है और राज्य की आर्थिक स्थिति नाजुक है। हुड्डा ने शिखा शालिनी से कहा कि अगले चुनावों में जनता मौजूदा राज्य सरकार को नकार देगी

पिछले चुनावों में एक गैर-राजनीतिक व्यक्ति को हरियाणा की कमान संभालने का मौका मिला। इसका हरियाणा की राजनीति पर क्या असर दिख रहा है?

बिजनेस स्टैंडर्ड जमीन पर नहीं दिखीं सरकार की उपलब्धियांजब मैं राज्य में मुख्यमंत्री था उस वक्त प्रदेश में तेजी से विकास हो रहा था। जब 2014 में मैंने सत्ता छोड़ी उस वक्त प्रति व्यक्ति आय और प्रति व्यक्ति निवेश के आधार पर हरियाणा पहले पायदान पर था। लेकिन आज हरियाणा जहां था वहां से काफी पीछे चला गया है। राज्य को आर्थिक रूप से काफी नुकसान हुआ है और कर्ज बढ़ गया है। 2013 में राज्य के बजट में कुल कर्ज 60 हजार करोड़ रुपये था लेकिन हरियाणा के पिछले बजट में कुल कर्ज 1.6 लाख करोड़ करोड़ रुपये हो गया। इतना कर्ज सरकार ने लिया लेकिन कहीं कोई विकास नजर नहीं आता। मौजूदा सरकार इवेंट मैनेजमेंट और प्रचार-प्रसार में माहिर है। मैं आपको शिक्षा और बिजली आदि जैसे क्षेत्रों में हमारे कार्यकाल में किए गएकामों का ब्योरा दे सकता हूं। लेकिन मौजूदा सरकार की जमीनी स्तर पर कोई उपलब्धि नहीं है। हमने यमुनानगर में बिजली परियोजना की शुरुआत की, कुरुक्षेत्र में देश का दूसरा नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ  डिजाइन खोला गया। करनाल में मेरे कार्यकाल के दौरान ही कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज का निर्माण हुआ। देश में महिलाओं का एकमात्र मेडिकल कॉलेज दिल्ली में था लेकिन दूसरा खानपुर में खोला गया। हमने गुरुग्राम में देश का पहला रक्षा विश्वविद्यालय गुडग़ांव में बनाया। झज्जर में एम्स और राष्ट्रीय कैंसर संस्थान खोला गया। आईआईएम के लिए भी पहल की। झज्जर में दो बिजली संयंत्र बनाए गए। दिल्ली से हरियाणा तक मेट्रो का विस्तार हुआ और मेरे कार्यकाल के दौरान ही गुरुग्राम से रैपिड मेट्रो की शुरुआत हुई। इस सरकार ने पिछले चार सालों में मेट्रो, रेल लाइन के विस्तार में कोई पहल नहीं की और न ही कोई विश्वविद्यालय या शिक्षण संस्थान खोला गया। किसान बर्बादी के कगार पर हैं। उनको न्यूनतम समर्थन मूल्य नहींं मिलता। इस सरकार का काम बस बिना किसी प्रयोजन के भोजन, आयोजन करना है।

देश में कांग्रेस की स्थिति कमजोर है ऐसे में हरियाणा की राजनीति पर क्या असर होगा?

हरियाणा में कांग्रेस मजबूत है। हमने जनक्रांति यात्रा के तहत कई जनसभाएं की हैं जिनमें लाखों लोगों ने हिस्सा लिया।  हमने इस दौरान अपनी सरकार की उपलब्धियों और मौजूदा सरकार की नाकामी का जिक्र किया। प्रधानमंत्री भी वहां गए लेकिन उनके पद और कद के अनुसार लोगों की भीड़ नहीं जुटी।

हरियाणा में आम चुनाव होंगे तो क्या कांग्रेस किसी चेहरे को आगे करेगी?

कांग्रेस पार्टी सही वक्त पर सही फैसला करेगी। राज्य में निश्चित रूप से कांग्रेस की सरकार बनेगी। मैं हमेशा एक ही बात कहता हूं कि मैं इनकी तरह झूठे वायदे नहीं करता और न झूठे सपने दिखाता हूं। मेरा यही कहना है कि राज्य में हमारी सरकार आएगी तो हम जनता के वही पुराने दिन ला देंगे जब किसान, उद्योग और सभी खुश थे। हमने औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) बनाई और लॉजिस्टिक केंद्र बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण किया। लेकिन इस सरकार ने एक इंच जमीन का अधिग्रहण नहीं किया और न आईएमटी बनाई। हमने आईएमटी फरीदाबाद, खरखोदा, रोहतक में बनाई। मौजूदा सरकार प्लॉट का विज्ञापन देती है लेकिन कोई आवेदन नहीं मिलता। किसान, मजदूर, व्यापारी और सरकारी कर्मचारी सब परेशान हैं।

जाट आरक्षण को लेकर आपकी क्या उम्मीदें हैं? आप पर जाट आरक्षण आंदोलन को भड़काने के आरोप भी लगे हैं..

जहां तक जाट आरक्षण का सवाल है, इस पर मैं यही कहूंगा कि हमने किसी का कोई हक नहीं छीना और किसी को भी नहीं छोड़ा। राजपूत, ब्राह्मण, पंजाबी सभी वर्गों का ख्याल रखा। लेकिन हरियाणा सरकार ने उच्चतम न्यायालय में हलफनामा बदलने का काम किया। मैं 10 साल सत्ता में रहा और हरियाणा में इससे बड़े-बड़े आंदोलन हुए लेकिन कभी जान-माल की क्षति नहीं हुई। आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में कमेटी बनाई। राज्य के मंत्रियों ने भी बयान दिया कि प्रकाश सिंह कमेटी जांच कर रही है और दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। लेकिन आज कहां है प्रकाश सिंह की रिपोर्ट? प्रकाश सिंह कमेटी ने जो रिपोर्ट दी है, उसमें जान-माल के नुकसान के लिए सरकार को दोषी ठहराया गया है। इसी वजह से राज्य सरकार इसका जिक्र नहीं कर रही है। 

लेकिन कांग्रेस भी उसको जनता के बीच बड़ा मुद्दा बनाने में नाकाम नहीं रही?

ऐसा नहीं है। इनका चेहरा बेनकाब हो चुका है। सिर्फ  वोट बैंक के लिए इन्होंने जान-माल का नुकसान करवाया। पहले आयोग को कमतर बताने के लिए एक अलग आयोग बना दिया। इस सरकार में यह क्षमता नहीं है कि ऐसी स्थिति को कैसे नियंत्रित किया जाए। 

कांग्रेस की सरकार बनती है तब जाटों के आरक्षण को लेकर क्या फैसला होगा?

मौजूदा सरकार ने हमारी ही बातों की नकल की है। हमारी सीधी और स्पष्ट नीति यह है कि हम न तो किसी को छेड़ेंगे और न किसी को छोड़ेंगे।

कांग्रेस से जुड़े नैशनल हेरल्ड अखबार का स्वामित्व रखने वाले समूह एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) के भूमि आवंटन मामले में जांच और चार्जशीट से आपके सियासी भविष्य पर कितना असर होगा?

हमारे कार्यकाल के दौरान कोई गलत काम नहीं हुआ। मौजूदा सरकार राजनीतिक प्रतिशोध में ऐसा कर रही है। एजेएल के लिए भूमि आवंटन 1982 में किया गया था। हमने उस आवंटन को फिर से बहाल किया। इसके कीमत की भरपाई भी की जा चुकी है। इस जमीन का आवंटन नियमों के मुताबिक ही हुआ और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने इसकी कीमतें संशोधित कीं। अपनी नाकामी को छिपाने के लिए भाजपा झूठे मुकदमों का सहारा ले रही है।

हरियाणा कांग्रेस की गुटबाजी कितनी बड़ी चुनौती है?

हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी नहीं है। गुटबाजी भी अखबारों में दिखाई जाती है। हरियाणा में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर गुटबाजी की बात कही जाती है। हमने अपनी तरफ  से प्रस्ताव पारित कर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को दिया है। वह जिसको प्रदेश अध्यक्ष बनाएंगे, वह सर्वमान्य होगा। इसमें गुटबाजी कहीं नहीं हैं। 

इंडियन नैशनल लोक दल (इनेलो) परिवार के झगड़े के बाद हरियाणा की राजनीति की तस्वीर किस तरह उभरती दिख रही है? इनेलो के कमजोर होने से किसको फायदा होगा क्योंकि भाजपा की तरफ  से ऐसे दावे किए गए कि इनेलो के कई विधायक उनके संपर्क में हैं?

जहां तक पार्टी और परिवार की अंदरूनी कलह का सवाल है तो मैं किसी दूसरे परिवार या पार्टी की अंदरुनी कलह पर टिप्पणी नहीं करता हूं। तीन साल पहले मैंने जो बात कही थी, वह सही साबित हो रही है। जब मुख्य विपक्षी दल इनेलो चुना गया तभी मैंने विधानसभा में इनके बर्ताव को देखकर कहा था कि यह भाजपा का मुख्य सहयोगी दल बना हुआ है। दूसरी बात मैंने कही थी कि इस पार्टी का चेहरा बेनकाब हो चुका है। मैंने यह भी कहा था कि अगले चुनाव तक इस पार्टी का अस्तित्व धरातल में चला जाएगा। वह होने जा रहा है। 

हरियाणा के नेताओं को कांग्रेस ने राजस्थान में प्रचार में हिस्सा लेने की जिम्मेदारी दी है और विशेषतौर पर जाटों को आप कांग्रेस के पक्ष में कितना कर पाए?

राजस्थान में कांग्रेस के पक्ष में हवा चल रही है। आज हर वर्ग चाहे गुर्जर हों, बनिए हों या जाट सभी कांग्रेस के पक्ष में हैं। उनका विकास कांग्रेस ही कर सकती है।
Keyword: haryana, bhupendra singh hudda,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या अंतरिम बजट में आयकर छूट का दायरा बढ़ा सकती है सरकार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.