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मझोली आईटी कंपनियों में विलय-अधिग्रहण तेज होने के आसार

देवाशिष महापात्र / बेंगलूरु December 07, 2018

मझोले आकार की आईटी एवं बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट (बीपीएम) सेवा कंपनियां हाल के समय में समेकन पर जोर दे रही हैं, क्योंकि उनके पैतृक व्यवसाय में गिरावट आई है और डिजिटल क्षमताओं का विस्तार करने की जरूरत इन कंपनियों को प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए दायरा बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रही है।  दूसरी तरफ, उद्योग के पर्यवेक्षकों का मानना है कि मझोले आकार की आईटी कंपनियों के आकर्षक मूल्यांकन को देखते हुए कई प्रवर्तक इच्छुक पक्षों को अपनी हिस्सेदारी बेचकर नकदी जुटाना भी चाहते हैं। 

 
एक्सफिनिटी वेंचर्स के चेयरमैन एवं इन्फोसिस के पूर्व बोर्ड सदस्य और मुख्य वित्तीय अधिकारी वी बालाकृष्णन ने कहा, 'ज्यादातर मझोले आकार की आईटी सेवा कंपनियों के लिए ग्राहक आधार बहुत ज्यादा अलग नहीं है। इसलिए, ऐसे परिवेश में जहां मुख्य व्यवसाय महत्वपूर्ण होता जा रहा है, आपको बाजार में उचित आकार की कंपनी पर दांव लगाने की जरूरत है।' उन्होंने कहा, 'यदि समेकन पूरक है तो इससे उन्हें अपने ग्राहक आधार को विविध बनाने में मदद मिलेगी।' भारतीय आईटी सेवा उद्योग ने पिछले दो वर्षों में कई विलय एवं अधिग्रहण देखे हैं। पुणे स्थित केपीआईटी ने 70 करोड़ डॉलर की संयुक्त कंपनी बनाने के लिए इस साल के शुरू में सीके बिड़ला गु्रप के स्वामित्व वाली बिड़लासॉफ्ट के साथ अपने विलय की घोषणा की। 
 
इसी तरह मार्च में बीपीओ कंपनी एवं कैपिटल स्क्वायर पार्टनर्स की पोर्टफोलियो कंपनी एजीज ने अमेरिका की स्टारटेक के साथ अपने विलय की घोषणा की। सौदा पूरा होने पर कंपनी को 70 करोड़ डॉलर का राजस्व हासिल होगा और 12 देशों में उसके कर्मचारियों की संख्या 50,000 से अधिक होगी। इस साल जून में फ्रांस की बैक ऑफिस सेवा प्रदाता टेलीपरफॉरमेंस ने ब्लैकस्टोन के स्वामित्व वाली बीपीओ सेवा कंपनी इंटेलनेट को एक अरब डॉलर में खरीदने की घोषणा की। सौदे से ब्लैकस्टोन के 4 गुना प्रतिफल के साथ बाहर होने की राह आसान हुई। इसी तरह फ्रांस की अल्ट्रान टेक्नोलॉजीज ने पिछले साल के अंत में केकेआर से इंजीनियरिंग सेवा कंपनी एरिसेंट का 2 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ अधिग्रहण किया। 
 
ऐसी खबरें हैं कि नोएडा की आईटी सेवा कंपनी एनआईआईटी टेक्नोलॉजीज के प्रवर्तक इस कंपनी से बाहर होने की संभावना तलाश रहे हैं। बेन कैपिटल, ब्लैकस्टोन, कार्लाइल, अपेक्स पार्टनर्स और एडवेंट जैसी पीई कंपनियां इस कंपनी में प्रवर्तक हिस्सेदारी खररीदने में दिलचस्पी दिखा रही हैं।  वहीं खबर है कि मझोले आकार की आईटी सेवा कंपनी माइंडट्री में सबसे बड़े निवेशक वी जी सिद्घार्थ अपनी लगभग 26 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की संभावना तलाश रहे हैं। मीडिया खबरों के अनुसार केकेआर एंड कंपनी जैसी वैश्विक पीई दिग्गज ने कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। 
Keyword: IT, firm, jobs, BPM,,
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