बिजनेस स्टैंडर्ड - भारतीय बैंकों पर मूडीज का परिदृश्य स्थिर
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, December 12, 2018 05:45 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम मुद्रा खबर

भारतीय बैंकों पर मूडीज का परिदृश्य स्थिर

अभिजित लेले / मुंबई 12 03, 2018

सरकारी बैंकों के लिए सरकारी सहायता मजबूत बनी रहेगी

बिजनेस स्टैंडर्ड भारतीय बैंकों पर मूडीज का परिदृश्य स्थिरवैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारतीय बैंकों पर स्थिर परिदृश्य बनाए रखा है। एजेंसी ने कहा है कि परिसंपत्ति गुणवत्ता हालांकि कमजोर है, लेकिन यह स्थिर रहेगी। बैंकों के परिचालन का माहौल स्थिर है, जिसे आर्थिक रफ्तार में स्थिर बढ़ोतरी का सहारा मिला है। मूडीज ने अपने सालाना बैंकिंग सिस्टम आउटलुक में कहा है, परिसंपत्ति गुणवत्ता कमजोर है लेकिन यह स्थिर बनी रहेगी क्योंकि पुराने कर्ज की समस्या का समाधान पूरा होने को है और कंपनियों की सेहत में सुधार हो रहा है। बैंकों ने काफी ज्यादा पुराने कर्ज की पहचान की है और बड़े गैर-निष्पादित कर्जों की वसूली शुरू करेंगे।

इससे परिसंपत्ति गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी, हालांकि बड़े गैर-निष्पादित कर्ज के समाधान की सफलता पर ही परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार निर्भर करेगा। साथ ही कंपनियों की वित्तीय सेहत नए गैर-निष्पादित कर्ज को सीमित कर देगा। हालांकि गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों के बीच दबाव एक तरह का जोखिम है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का पूंजीकरण कमजोर रहेगा, लेकिन सरकार की सहायता से राहत मिल सकती है।

सरकारी बैंक कमजोर पूंजीकरण से जूझते रहेंगे और न्यूनतम पूंजी की दरकार के लिए सरकारी पूंजी पर निर्भर करेगा। देसी बैंकिंग कारोबार में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हिस्सेदारी 70  फीसदी से ज्यादा है। सरकारी बैंकों के लिए सरकारी सहायता मजबूत बनी रहेगी। बैंक पूंजी की कमी का सामना कर रहे इन बैकों में पिछले कुछ सालों में सरकार की तरफ से दी गई पूंजी व अन्य सरकारी कदम से मजबूती मिलने की संभावना है। 

मूडीज ने कहा कि मजबूत आर्थिक रफ्तार से इनके परिचालन का माहौल स्थिर रहेगा। इसमें कहा गया है, मार्च 2019 में समाप्त होने वाले वर्ष और इसके अगले साल हमें वास्तविक जीडीपी में क्रमश: 7.2 फीसदी से लेकर 7.4 फीसदी की बढ़त की उम्मीद है, जिसे निवेश में बढ़ोतरी और मजबूत उपभोग का सहारा मिलेगा। गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों में नकदी के अवरोध से बढ़त पर असर पड़ेगा। साथ ही बढ़ती ब्याज दर भी जोखिम है। लाभ में सुधार होगा लेकिन उच्च उधारी लागत के चलते यह कमजोर रहेगा। हालांकि गैर-निष्पादित कर्ज में कमी और बैंक की प्राइसिंग पावर में मजबूती से इनका शुद्ध ब्याज मार्जिन सुधरेगा।

Keyword: moodys, bank, RBI, rating agengy, PSB, Public sector bank, Private Bank, NPA, Bad Debt, Debt Recovery, Banking Operation,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या विधानसभा चुनावों में हार हैं मोदी लहर के थमने के संकेत?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.