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भुगतान करने का आखिरी मौका देने के लिए पंजाब में नई नीति

बीएस संवाददाता / जालंधर December 03, 2018

पंजाब सरकार ने प्रवर्तित एवं कर्ज लेने वाली कंपनियों के उद्यमियों को बकाया भुगतान करने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) के रूप में एक आखिरी मौका दिया है। इन उद्यमियों पर पंजाब राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (पीडीएसआईसी) और पंजाब वित्त निगम (पीएफसी) की रकम बकाया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भुगतान में चूक करने वालों को इसके बाद अब और कोई मौका नहीं दिया जाएगा। एक आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार राज्य में उद्योगों में नई जान फूंकने के लिए चैंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन से सुझाव और प्रवर्तकों के साथ कई दौर की वार्ता के बाद ओटीएस नीति, 2018 लाई गई है। राज्य मंत्रिमंडल वित्त मंत्री मनप्रीत बादल के इस सुझाव पर सहमत था कि चूककर्ताओं को एक और मौका दिया जाना चाहिए और इसके बाद भी जो रकम नहीं लौटाते हैं उनके खिलाफ सख्त रवैया अपनाया जाए। 
 
इस नीति से पीएसआईडीसी और पीएफसी को भी उनकी बकाया रकम क्रमश: 100  करोड़ और 10 करोड़ रुपये वसूलने में मदद मिलेगी। इससे रोकी गई औद्योगिक परिसंपत्तियों के साथ-साथ इन निगमों के कानूनी मसले और उनकी विकास गतिविधियों के लिए राजस्व अर्जित करने में मदद मिलेगी।  प्रवक्ता ने कहा कि ओटीएस नीति, 2017 के तहत पीएसआईडीसी को ऋण से जुड़े मामलों का कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था। हालांकि ओटीएस के जरिये इक्विटी के लिए दो कंपनियों से 3.99 करोड़ रुपये वसूले गए थे। पीएफसी को 25 कर्जदारों से ओटीएस के तहत 2.72 करोड़ रुपये की पेशकश प्राप्त हुई थी, जिनमें अब तक 1.57 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। शेष रकम बकाया तिमाही किस्तों में वसूली जा रही हैं। पीएसआईडीसी ने 861 औद्योगिक इकाइयों को सावधि ऋण आवंटित किए थे, जिनमें 739 इकाइयों ने अपने कर्ज का निपटान कर लिया है। 122 इकाइयों ने कर्ज नहीं निपटाए हैं और इनमें सभी गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां बन गई हैं। पीएफसी ने 18,000 इकाइयों को ऋण दिए थे, जिनमें 16,900 ने अपने कर्ज का निपटान कर दिया। 
Keyword: punjab, industry, OTS, PFC,,
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