बिजनेस स?टैंडर?ड - एफएमसीजी में नए उत्पादों की आएगी बाढ़
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एफएमसीजी में नए उत्पादों की आएगी बाढ़

विवेट सुजन पिंटो / मुंबई 12 02, 2018

नए उत्पाद

डाबर इंडिया के सीईओ सुनील दुग्गल ने कहा कि शहरी इलाकोंं के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में नए उत्पाद ज्यादा उतारे जाएंगे

एफएमसीजी कंपनियोंं की तरफ से ब्रांड के निर्माण और विज्ञापन पर ज्यादा काम हो रहा है और ये चीजें ब्रॉडकास्ट आडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) की तरफ से जारी 10 अग्रणी विज्ञापनदाताओं की सूची से स्पष्ट हो रहा है 

कच्चे तेल में नरमी और मुद्रा की चाल के अलावा बाजार के स्थिर माहौल के चलते अब नई पेशकश में तेजी आएगी

बिजनेस स?टैंडर?ड एफएमसीजी में नए उत्पादों की आएगी बाढ़कच्चा तेल और मुद्रा की विनिमय दर में नरमी से एफएमसीजी कंपनियों को नए उत्पादों की पेशकश का मौका मिलने की उम्मीद की जा रही है। विशेषज्ञों ने कहा कि नए उत्पादों की पेशकश बढ़ेगी क्योंकि इनपुट लागत का दबाव घटा है और इसकी वजह कच्चे तेल और रुपये-डॉलर की दर में कम उतार चढ़ाव है।

एफएमसीजी कंपनियोंं की तरफ से ब्रांड के निर्माण और विज्ञापन पर ज्यादा काम हो रहा है और ये चीजें ब्रॉडकास्ट आडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) की तरफ से जारी 10 अग्रणी विज्ञापनदाताओं की सूची से स्पष्ट हो रहा है। 23 नवंबर को समाप्त हफ्ते में इस सूची में हिंदुस्तान यूनिलीवर, रेकिट बेकिंजर और आईटीसी की तीन अग्रणी कंपनियां थीं। इससे पहले 16 नवंबर को समाप्त हफ्ते में एफएमसीजी, मीडिया और राजनीतिक पार्टियों का मिश्रण दिखा था। 

दिलचस्प यह है कि समीक्षाधीन हफ्ते में एचयूएल का टीवी पर विज्ञापन 1,26,482 बार दिखा, रेकिट वेकिंजर का 69,309 बार और आईटीसी का विज्ञापन 37,322 बार दिखा। यह इससे पिछले हफ्ते के मुकाबले ज्यादा है, जब एचयूएल और रेकिट बेकिंजर अग्रणी विज्ञापनदाता थीं और इनका विज्ञापन क्रमश: 1,14,141 बार और 64,157 बार दिखा था। 16 नवंबर को समाप्त हफ्ते में तीसरे नंबर की विज्ञापनदाता प्रॉक्टर ऐंड गैंबल थी और इसका विज्ञापन 23,136 बार दिखा था।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक नवीन त्रिवेदी ने कहा, नोटबंदी और नई कर व्यवस्था के अवरोध के बाद एफएमसीजी बाजार में स्थिरता के चलते यहां ब्रांड निर्माण का काम भी तेज हुआ है। उन्होंने कहा, पिछले दो साल कंपनियों के लिए मुश्किल भरे थे क्योंकि उन्होंने नोटबंदी और जीएसटी के हिसाब से खुद का समायोजित किया। इसकी वजह से नई पेशकश पर असर पड़ा।

हालांकि कच्चे तेल में नरमी और मुद्रा की चाल के अलावा बाजार के स्थिर माहौल के चलते अब नई पेशकश में तेजी आएगी। एफएमसीजी बाजार के लिए नीलसन का अनुमान है कि यह दिसंबर 2018 की तिमाही में करीब 12-13 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगा। विश्लेषकों ने कहा, यह ज्यादा हो सकता है क्योंकि नीलसन ने कच्चे तेल और मुद्रा में पिछले डेढ़ महीने में हुए सुधार को समाहित नहीं किया था। छह हफ्ते में कच्चा तेल 30 फीसदी से ज्यादा फिसलकर 59.16 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है जबकि रुपया करीब 6 फीसदी टूटकर डॉलर के मुकाबले 69.70 पर आ गया है, जो 74 तक पहुंच गया था। 

इक्विनॉमिक्स रिसर्च ऐंड एडवाइजरी के संस्थापक और प्रबंध निदेशक जी चोकालिंगम ने कहा, नई पेशकश ज्यादातर ग्रामीण बाजार में होगी, जहां मांग हाल की तिमाही में सुधरी है। एफएमसीजी कंपनियां ग्रामीण बाजार की इस रफ्तार को पूंजीकृत करने की कोशिश करेंगी और इस बाबत नई पेशकश करेंगी। डाबर इंडिया के मुख्य कार्याधिकारी सुनील दुग्गल ने ऐसा ही संकेत दिया। उन्होंने कहा कि शहरी इलाकोंं के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में नए उत्पाद ज्यादा उतारे जाएंगे क्योंकि इन बाजारों में मांग अच्छी है।

दुग्गल ने हालांकि नई पेशकश के बारे में जानकारी देने से इनकार दिया, जिस पर कंपनी काम कर रही है। ज्यादातर कंपनियां ऐसा ही कर सकती हैं। उदाहरण के लिए एचयूएल ने सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में वितरण में सुधार किया है, जहां 78 फीसदी ग्राहक गांवों में हैं। इसकी योजना छोटे शहरों व ग्रामीण इलाकोंं में आइसक्रीम आदि के वितरण में विस्तार से बिक्री बढ़ाने की है। यह कहना है एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग का।

दूसरी ओर आईटीसी ने प्रत्यक्ष वितरण 25 आउटलेट तक बढ़ा दिया है। इसमें से ज्यादातर ग्रामीण इलाके में जोड़े गए हैं जहां एफएमसीजी उत्पादों का प्रसार शहरी बाजार के मुकाबले कम है।

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