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मदर डेयरी ब्रांड ले रहा सोशल मीडिया में इंस्टाग्राम का सहारा

विवेट सुजन पिंटो /  December 02, 2018

एक फोन और इंस्टाग्राम पर अकाउंट रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए मदर डेयरी का नीले एवं सफेद रंग वाला लोगो एक जाना-पहचाना ट्रेडमार्क है। पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के मालिकाना हक वाली मदर डेयरी ने पिछले कुछ वर्षों में खुद को अमूल, नेस्ले और कुछ स्थानीय ब्रांडों से अलग दिखाने के लिए युवा उपभोक्ताओं पर ध्यान केंद्रित किया है। इसके लिए उसने ब्रांडिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर डिजिटल माध्यम को अपनाया है। मदर डेयरी सोशल मीडिया के मंचों पर मजेदार मीम, वीडियो और छोटी कहानियों के जरिये अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। इससे वह सोशल मीडिया पर अक्सर ट्रेंड भी करता है। चाहे त्योहार या राजनीतिक घटनाक्रम हों या ट्रॉल से निपटने का सवाल हो, मदर डेयरी इन दिनों सोशल मीडिया पर सर्वव्यापी सदस्य बना हुआ है।

 
यह डिजिटल मीडिया के बढ़ते असर का नतीजा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मदर इंडिया जैसे ब्रांडों को विज्ञापन के प्रति अपना रवैया बदलने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। ब्रांड अब अपने अवरोधों को तिलांजलि दे रहे हैं और खुद को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बेहतरीन रूप में पेश करने की कला में महारत हासिल करने में लगे हुए हैं। दरअसल इस माध्यम का इस्तेमाल करने से ब्रांड के लिए नई एवं युवा पीढ़ी तक पहुंच बना पाना अधिक आसान हो जाता है। मदर डेयरी ने अपने विज्ञापनों के लिए एक सरल डिजाइन पैटर्न अपनाया है जिससे उसके विज्ञापनों से उपभोक्ता अधिक आसानी से अपना रिश्ता जोड़ पाते हैं। विज्ञापनों के जरिये दिए जाने वाले संदेशों में तस्वीरों के साथ एक पंक्ति का ही इस्तेमाल होता है। 
 
मसलन, इंस्टाग्राम पर जारी एक विज्ञापन में बड़े फ्रेम में दूध का लगभग खाली पड़ा हुआ एक गिलास नजर आ रहा है। इस गिलास के निचले हिस्से की तरफ इशारा करता हुआ एक तीर बना है जिस पर लिखा है, 'मुझे भूल न जाना'। दरअसल इस विज्ञापन के जरिये कंपनी उस बात को याद दिलाना चाहती है जो हरेक मां अपने बच्चे को दूध का गिलास पूरा खत्म करने के लिए कहती रहती है। मदर डेयरी ब्रांड हरेक उत्सव एवं त्योहार के मौके पर भी अपनी डिजिटल मौजूदगी दर्ज कराता रहता है। जरा इस पर नजर डालिए: दूध का एक बड़ा गिलास पर लाल टीका लगा हुआ है और साथ में 'हैप्पीभाईदूध' संदेश लिखा हुआ है। यह विज्ञापन भाई-दूज के त्योहार पर जारी किया गया था। 
 
मदर डेयरी के सोशल मीडिया अभियान को संभाल रही एजेंसी देंस्तू एजीस नेटवर्क के अंग वाटकंसल्ट के संस्थापक एवं मुख्य कार्याधिकारी राजीव ढींगरा कहते हैं कि कंपनियां इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों से अपने डिजिटल लक्ष्यों तक अपनी बात पहुंचाने की अहमियत को धीरे-धीरे बखूबी समझ रही हैं। ढींगरा के मुताबिक, 'आजकल सबसे ज्यादा वीडियो उपभोग डिजिटल माध्यम में ही हो रहा है। टेलीविजन माध्यम का इस्तेमाल करते रहे ब्रांड भी अब यह समझने लगे हैं कि इंस्टाग्राम जैसे डिजिटल मंच से अपने दर्शकों तक बखूबी पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा यह माध्यम टेलीविजन की तुलना में महंगा भी नहीं है। इस पर प्रतिक्रिया मिलने में भी कोई देर नहीं होती है। इस वजह से कंपनियों के लिए यह जानना अधिक आसान होता है कि उनका संचार कारगर हो पाया है या नहीं।'
 
मदर डेयरी युवा उपभोक्ताओं तक पहुंचने के लिए खुद को सोशल मीडिया पर आकर्षक अंदाज में पेश करती है। विशेषज्ञों के मुताबिक मदर डेयरी जैसी कंपनियों के लिए युवा दर्शकों तक पहुंच बनाने का ताल्लुक अपने पोर्टफोलियो में बदलाव से भी होता है। पिछले कुछ वर्षों में मदर डेयरी ने ऐसे कई उत्पाद पेश किए हैं जो युवा आबादी को लुभाते हैं। कंपनी ने योगर्ट, आइसक्रीम और मिल्क शेक से लेकर चीज़ तक कई नए उत्पाद बाजार में उतारे हैं और अपने लक्षित ग्राहकों के लिए इनका आक्रामक तरीके से प्रचार भी कर रही है। ढिंगरा कहते हैं कि मदर डेयरी ने इंस्टाग्राम का इस्तेमाल पिछले दो वर्षों में ही किया है और उसका पोर्टफोलियो भी तेजी से बदला है।
 
विज्ञापन क्षेत्र के जानकारों के मुताबिक इंस्टाग्राम के जरिये डिजिटल मंच का इस्तेमाल कर मदर डेयरी ने अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी अमूल को जवाब देने की भी कोशिश की है। अमूल लंबे समय से होर्डिंग आधारित विज्ञापनों का इस्तेमाल करती रही है। हालांकि अमूल ने भी पिछले कुछ समय में अपने विज्ञापन संदेशों को अधिक मजेदार कलेवर देने की कोशिश की है। वह इन्हें इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर भी पेश करती रहती है।
 
इंस्टाग्राम की मैदान-ए-जंग 
 
इंस्टाग्राम का स्वामित्व रखने वाले फेसबुक ने जून में कहा था कि दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते इस नेटवर्क का महीने भर में करीब 1 अरब लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें से आधे उपभोक्ता तो पिछले दो साल में ही इंस्टाग्राम से जुड़े हैं और उनमें भारत से संबंधित लोगों की अच्छी-खासी संख्या है। असल में भारत अब इंस्टाग्राम के शीर्ष बाजारों में शामिल हो चुका है। इसके लिए भारत में डेटा की कीमतों में आई तीव्र गिरावट और स्मार्टफोन के बढ़ते प्रसार का भी योगदान रहा है। व्हाइट रिवर्स मीडिया के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्याधिकारी श्रेणिक गांधी का मानना है कि इंस्टाग्राम पर कई तरह के फीचर होने से भी उपभोक्ता देर तक इस पर समय व्यतीत करते हैं। गांधी कहते हैं कि भारत में इंस्टाग्राम के तीव्र विकास में इनका भी योगदान रहा है। 
 
गांधी के मुताबिक इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कारगर फीचर में बढिय़ा कैमरा फिल्टर सबसे अहम है। इस कैमरा फिल्टर में विज्ञापनों की भरमार नहीं होती है और इसमें शब्दों से ज्यादा तस्वीरों को अहमियत दी जाती है। गांधी कहते हैं, 'अगर ट्विटर पर लिखित संदेश की बहुलता है तो फेसबुक पर तस्वीर एवं संदेश दोनों का मेल है। लेकिन इंस्टाग्राम के मंच पर तस्वीरों की भरमार है।' उनका कहना है कि एक इंसान शब्दों की तुलना में दृश्यात्मक सामग्री से अधिक प्रभावित होता है और इस पैमाने पर इंस्टाग्राम के सटीक बैठने से यह अधिक संख्या में विज्ञापन ट्रैफिक पैदा कर पा रहा है। वह कहते हैं, 'ब्रांड तो हर उस जगह पर जाने के लिए तैयार रहते हैं जहां उपभोक्ता मिल जाएं। लिहाजा मार्केटिंग एजेंसियां इंस्टाग्राम के मंच का इस्तेमाल अपने विज्ञापन लक्ष्यों के लिए खूब कर रही हैं।'
 
इंस्टाग्राम ने स्नैपचैट जैसे प्रतिद्वंद्वियों से भी कुछ फीचर अपनाए हैं। इससे अब दर्शक खुद अपनी तस्वीरें भी इंस्टाग्राम पर अपलोड कर सकते हैं जो 24 घंटे में अपने-आप डिलिट हो जाते हैं। इंस्टाग्राम स्टोरीज नाम वाले इस फीचर ने नई पीढ़ी के दर्शकों को लुभाने में काफी मदद की है। इससे ब्रांड अपने लक्षित दर्शकों तक पहुंचने के लिए इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित हुए हैं। खास तौर पर युवा आबादी से संबंधित उत्पाद बनाने वाली कंपनियां अब अन्य सोशल मीडिया मंचों के बजाय इंस्टाग्राम को अधिक पसंद करती हैं। इस मकसद को हासिल करने के लिए कंपनियां अब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की भी सेवाएं लेने लगी हैं। वैसे मदर इंडिया ब्रांड ने इंस्टाग्राम के लिए अभी तक किसी को अपना इंफ्लूएंसर नहीं बनाया है लेकिन युवा पीढ़ी तक पहुंचने की चाह और सही रणनीति से वह काफी हद तक सही राह पर बढ़ता नजर आ रहा है।
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