बिजनेस स्टैंडर्ड - चिकित्सा उपकरणों के आयात नियम सख्त होंगे
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, December 12, 2018 06:27 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर्थव्यवस्था खबर

चिकित्सा उपकरणों के आयात नियम सख्त होंगे

सोहिनी दास / मुंबई 11 29, 2018

प्रस्ताव को विचार और मंजूरी के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय के पास भेजा जाएगा

डीटीएबी ने यह प्रस्ताव पारित किया है कि दोषपूर्ण उपकरण के मामले में क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान शामिल किया जाए 

डीटीएबी ने यह भी प्रस्ताव पारित किया है कि यदि आयातक नियमों का उल्लंघन करते हैं तो उनका लाइसेंस रद्द या निलंबित किया जाए 

औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के दायरे में आता है चिकित्सा उपकरण नियम  

बिजनेस स्टैंडर्ड चिकित्सा उपकरणों के आयात नियम सख्त होंगेसरकार ने चिकित्सा उपकरण नियम (एमडीआर), 2017 की खामियों को दुरुस्त करने के लिए कमर कस ली है। जॉनसन ऐंड जॉनसन (जेऐंडजे) के कृत्रिम कुल्हा प्रत्यारोपण उपकरण के दोषपूर्ण होने के विवाद के बाद सरकार चाहती है कि जो कंपनियां नियमों का उल्लंघन करती हैं उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। आज अपनी बैठक में ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) ने एमडीआर 2017 में नियामकीय प्रावधानों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों का आयात लाइसेंस रद्द करने या निलंबित करने का प्रावधान शामिल करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया। 

भारत मेडिकल उपकरणों की अपनी जरूरत का करीब 80 फीसदी आयात करता है और उसका एक चौथाई हिस्सा अमेरिका से आयात किया जाता है। भारत में मेडिकल उपकरणों का कुल अनुमानित बाजार 640 अरब रुपये का है।

डीटीएबी ने आज उन मामलों में क्षतिपूर्ति देने का भी प्रावधान पारित किया जिनमें मेडिकल उपकरण के गलत कार्य करने से व्यक्ति में कोई समस्या उत्पन्न होती है या उसकी मौत हो जाती है, उपकरण असुरक्षित पाया जाता है या उपकरण लाइसेंस की शर्तों के मुताबिक नहीं है। डीटीएबी देश में औषधि सलाह के क्षेत्र में शीर्ष निकाय है जो सरकार को जन स्वास्थ्य से संबंधित मामलों में सरकार को सुझाव देती है।

इसकी पुष्टि एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने भी की है। अब डीटीएबी से पारित इन प्रस्तावों को स्वास्थ्य मंत्रालय के पास भेजा जाएगा, इससे इसे लागू करने में थोड़ा वक्त लगेगा। केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत मेडिकल उपकरण उद्योग का नियमन करता है। यह अधिनियम फार्मास्यूटिकल उत्पादों के नियमन के लिए बनाया गया था। इसी अधिनियम के तहत सरकार चिकित्सा उपकरण नियम, 2017 लाई थी। 

एक सूत्र ने बताया, 'एमडीआर 2017 में नियामकीय प्रावधानों का पालन नहीं करने पर चिकित्सा उपकरणों के आयात लाइसेंस को रद्द करने और निलंबित करने का प्रावधान नहीं था। इसीलिए इसमें इन प्रावधानों को जोडऩे का प्रस्ताव लाया गया है।' 

Keyword: MDR, Jonson and Jonson, J&J, Medical device, Drug,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या विधानसभा चुनावों में हार हैं मोदी लहर के थमने के संकेत?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.