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सरकारी ईटीएफ का सिकुड़ता आधार

समी मोडक / मुंबई November 28, 2018

भले ही एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) विनिवेश के लिए सफल विकल्प साबित हुए हों, पर आशंका जताई जा रही है कि इनका इस्तेमाल निवेशकों द्वारा सिर्फ कमाई के मौकों के तौर पर किया गया है। अब तक सरकार ने सीपीएसई और भारत-22 ईटीएफ की पेशकश के जरिये 343 अरब रुपये जुटाए हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो, सरकार ने नई और फॉलो-ऑन-फंड पेशकशों (एनएफओ और एफएफओ) के दौरान 343 अरब रुपये मूल्य की यूनिट जारी की हैं। हालांकि पिछले महीने के अंत में निवेशकों द्वारा लगभग 75 प्रतिशत यूनिट भुनाए गए।

मौजूदा समय में सीपीएसई ईटीएफ के लिए प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) लगभग 38 अरब रुपये हैं, जबकि एनएफओ और एफएफओ के जरिये 115 अरब रुपये की रकम जुटाई गई थी। इसी तरह भारत-22 ईटीएफ के लिए एयूएम 52 अरब रुपये के आसपास है जो 2017-18 में एनएफओ और इस वित्त वर्ष में एफएफओ के दौरान जुटाई गई 228 अरब रुपये की पूंजी की तुलना में 77 प्रतिशत कम है। 

एयूएम में गिरावट की आंशिक वजह संबद्घ प्रतिभूतियों के मूल्य में कमी आना है। हालांकि यह गिरावट काफी हद तक निवेशकों, खासकर संस्थागत निवेशकों द्वारा की गई बिकवाली की वजह से है। उद्योग के कारोबारियों का कहना है कि नई पेशकशों के लिए आवेदन करने वाले ज्यादातर संस्थागत निवेशक सूचीबद्घता के कुछ ही सप्ताह में अपने निवेश से बाहर निकल जाते हैं। अक्सर, निर्गम की पेशकश के दौरान यूनिट मौजूदा बाजार भाव की तुलना में 5 प्रतिशत तक की छूट पर मुहैया कराई जाती हैं जिससे निवेशक तेजी का लाभ उठाते हुए इनसे बाहर निकल जाते हैं।

एक निवेश बैंकर ने नाम नहीं छापने के अनुरोध के साथ कहा, 'सरकारी ईटीएफ आर्बिट्राज विकल्प बन गए हैं। ज्यादातर निवेशक एनएफओ या एफएफओ के तुरंत बाद निकल जाते हैं। हालांकि डिस्काउंट उन्हें आकर्षित करता है, पर कुछ निवेशक इनमें डटे रहते हैं जिससे इनकी कीमतों को मदद मिलती है।'

दिलचस्प तथ्य यह है कि खुदरा निवेशकों की तुलना में संस्थागत निवेशक जल्द अपने यूनिट बेच देते हैं। एक कारोबारी ने कहा, 'यह देखा गया है कि खुदरा निवेशक अपने निवेश से ज्यादा समय तक बने रहते हैं। वहीं संस्थागत निवेशक कुछ ही सप्ताह तक निवेश बनाए रखते हैं। वे थोड़ा लाभ मिलते ही निवेश से निकल जाते हैं।'

स्वामित्व आंकड़े के एक विश्लेषण से पता चला है कि विदेशी फंड, पेंशन फंड, बीमा कंपनियां और सक्रिय रूप प्रबंधित म्युचुअल फंड उन निवेशकों में शामिल हैं जो सार्वजनिक पेशकश के दौरान यूनिट के लिए आवेदन करते हैं। 

बाजार कारोबारियों का कहना है कि ईटीएफ को भारी अभिदान मिलता है, पर जल्द ही इनमें यूनिट भुना ली जाती हैं जो प्रतिभूतियों के शेयर भाव के प्रदर्शन के लिहाज से अच्छा नहीं है।

Keyword: ETF, AUM, Exchange Traded Fund, CPI, NFO, FFO, Banker, Market,
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