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कारोबारी सुगमता में चीन के प्रदर्शन से सबक ले भारत

ए के भट्टाचार्य /  November 27, 2018

विश्व बैंक ने 2019 की कारोबारी सुगमता सूची पेश कर दी है जिसमें भारत का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। उसने अपनी रैंकिंग में काफी सुधार किया है। पिछले वर्ष की रिपोर्ट में वह 100वें स्थान पर था और अब 77वें स्थान पर आ चुका है। 10 व्यापक मानकों पर उसके प्रदर्शन में भी 6.63 अंकों का सुधार देखने को मिला है। भारत सरकार ने भी इस जरूरत पर बल दिया है कि वह अपने सालाना सर्वे में उन बातों का प्रयोग करे जिन्हें विश्व बैंक द्वारा 190 से अधिक देशों की रैंकिंग करने में इस्तेमाल किया जाता है। 

एक क्षण के लिए इस बात की अनदेखी कर दें कि रुवांडा और अजरबैजान को चीन से अच्छी रैंकिंग दी गई है और भारत के इस कथन को भी स्वीकार कर लें कि उसे उसे यह समझना होगा कि नीतियों और प्रक्रियाओं में किन बदलावों के साथ कारोबारी सुगमता सूचकांक में अच्छी रैंकिंग मिल सकती है। 

इन तमाम बातों को ध्यान में रखने के बावजूद अधिक उपयोगी कवायद यह देखना होगी कि कैसे कुछ अन्य देशों ने कारोबारी सुगमता सूचकांक में बेहतर रैंकिंग हासिल की है। यह तुलनात्मक अध्ययन हमें देश के प्रदर्शन को सही दृष्टिï से देखने में सहायक होगा। 

सबसे पहले बात करते हैं व्यापक आंकड़ों की। चार ऐसे देश हैं जिन्होंने पिछली रिपोर्ट से अब तक भारत की तुलना में कहीं अधिक बेहतर प्रदर्शन किया है। यानी ज्यादा सुधार किया है। इनमें से दो अफगानिस्तान और जिबूती भारत से नीचे हैं। अफगानिस्तान ने 10.64 अंकों का सुधार किया और वह 183वें स्थान से 167वें स्थान पर आ गया। जबकि जिबूती ने कारोबारी सुगमता सूचकांक में 8.87 अंकों का सुधार किया और वह 154वें स्थान से 99वें स्थान पर आ गया। 

परंतु जो देश भारत से नीचे हैं उन्हें लेकर चिंतित होने का क्या फायदा? अजरबैजान की बात करें तो एक साल में उसने 7.1 अंकों का सुधार किया है और उसकी रैंकिंग 57वें स्थान से सुधरकर 25वें स्थान पर आ गई है। चीन का प्रदर्शन भी भारत से बेहतर रहा है। उसने 8.64 अंकों का सुधार किया और अब वह 78वें स्थान से सुधरकर रिपोर्ट में 46वें स्थान पर आ गया है। 100 से नीचे स्थान पर रहते हुए स्थिति में सुधार करना कठिन समस्या है। अजरबैजान और चीन भारत के लिए सबक हैं। भारत को इनसे प्रेरणा भी लेनी चाहिए क्योंकि भारत वह कर सकता है जो उन्होंने इस साल किया है। खासतौर पर चीन जिसने 78वें स्थान से 46वें स्थान की छलांग लगाई है। भारत अभी 77वें स्थान पर है, क्या वह चीन की कहानी दोहरा पाएगा? 

चीन के अलावा ब्रिक्स देशों में भारत का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। ब्राजील ने 2.96 अंकों के सुधार के साथ अपनी स्थिति सुधारी और वह 125वें से 109वें स्थान पर आ गया। दक्षिण अफ्रीका ने 1.37 अंकों के सुधार के साथ 82वां स्थान बरकरार रखा। रूस ने अपने स्थान में 0.61 अंकों के साथ मामूली सुधार किया और वह 35वें से 32वें स्थान पर आ गया। अन्य देशों का प्रदर्शन यह बताता है कि क्यों अंकों में अत्यंत कम बढ़ोतरी के बावजूद रूस की रैंकिंग में सुधार आया और 1.37 अंकों के सुधार के बावजूद क्यों दक्षिण अफ्रीका अपनी पुरानी रैंकिंग पर ही टिका रहा। भारत अन्य दक्षिण एशियाई देशों से तो आगे है लेकिन उसे हालात बदलने के लिए कारोबारी सुगमता के सभी 10 मानकों पर काम करना होगा। 

ये मानक हैं कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया, विनिर्माण अनुमति, बिजली मुहैया कराना, ऋण का वितरण, कर चुकता करना, सीमापार व्यापार, परिसंपत्ति का पंजीयन, अल्पसंख्यक निवेशकों के हितों की रक्षा करना, अनुबंध प्रवर्तन करना और ऋणशोधन के मामलों को हल करना। इस वर्ष इनमें से केवल पांच मानकों पर ही प्रदर्शन अच्छा रहा। सबसे अधिक लाभ विनिर्माण के परमिट जारी करने के मामले में हुआ है जहां हम 181वें स्थान से 52वें स्थान पर आ गए। 

सीमा पार व्यापार के मामले में भी हम 146वें स्थान से 80वें स्थान पर आ चुके हैं। कारोबार शुरू करने के मामले में 156वें से 137वें स्थान पर, ऋण उपलब्ध कराने में 29वें से 22वें स्थान पर लेकिन ये सुधार बहुत अहम नहीं हैं और सरकार को अगले साल खासी सावधानी बरतनी होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि इन क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद हालात बिगड़ सकते हैं क्योंकि अन्य देशों में कहीं ज्यादा सुधार आ सकता है। 

कर भुगतान, परिसंपत्ति पंजीयन, अल्पसंख्यक निवेशकों के हितों के बचाव अनुबंध प्रवर्तन और ऋणशोधन को लेकर चिंता के हालात हैं। इनमें से हर क्षेत्र में भारत की स्थिति खराब हुई है, हालांकि कर भुगतान तंत्र और ऋणशोधन को हल करने में अवश्य कुछ सुधार हुआ है। शायद वस्तु एवं सेवा कर तथा ऋणशोधन एवं दिवालिया संहिता के कारण ऋणशोधन के मामलों का निस्तारण अगले वर्ष असर दिखाएगा। परंतु भारत अपनी प्रतिष्ठा के भरोसे नहीं रह सकता। 

कारोबारी सुगमता रैंकिंग का संबंध केवल किसी देश के प्रदर्शन से नहीं है बल्कि उसका ताल्लुक इस बात से भी है कि इसने दूसरों की तुलना में कैसा प्रदर्शन किया है। ऐसे में अन्य देशों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करने के लिए व्यवस्थित प्रयासों की आवश्यकता है। 

Keyword: World Bank, Ease of Doing Business, Ranking, Afganistan, India, Report,
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