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गिफ्ट सिटी : गुजरात लेगा आईएलऐंडएफएस का हिस्सा

देव चटर्जी / मुंबई November 26, 2018

गुजरात सरकार गांधीनगर के पास वित्तीय सेवा केंद्र गिफ्ट सिटी परियोजना में इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग ऐंड फाइनैंशियल सर्विसेज (आईएलऐंडएफएस) की 50 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए तैयार है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए ऐसा कर रही है कि परियोजना में देरी न हो। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने आज यह जानकारी दी।

उन्होंने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, हमने गुजरात इंटरनैशनल फाइनैंस टेक सिटी (गिफ्ट सिटी) में आईएलऐंडएफएस की हिस्सेदारी खरीदने के लिए सैद्धांतिक तौर पर फैसला ले लिया है। दुनिया के सबसे बड़े बैंकों और भारत के अग्रणी वित्तीय संस्थानों ने गिफ्ट सिटी में अपने-अपने कार्यालय खोले हैं और हम यहां अपना आधार बनाने के लिए हर वित्तीय कंपनी को प्रोत्साहित कर रहे हैं।

गिफ्ट सिटी में आईएलऐंडएफएस की हिस्सेदारी के मूल्यांकन के आकलन पर अभी काम हो रहा है। इस परियोजना को मूल रूप से गुजरात सरकार की इकाई गुजरात अर्बन डेवलपमेंट कंपनी और आईएलऐंडएफएस ने प्रवर्तित किया है और दोनों की इसमें 50-50 फीसदी हिस्सेदारी है। गांधीनगर के पास 359 हेक्टेयर में फैली यह परियोजना जब पूरी तरह बन जाएगी तब यहां 6.2 करोड़ वर्गफुट वाणिज्यिक, आवासीय व सोशल रियल एस्टेट जगह होगी और यह मौजूदा आर्थिक राजधानी मुंबई को कड़ी टक्कर दे पाएगी।

गुजरात सरकार का कदम जरूरी था क्योंकि 700 अरब रुपये की यह परियोजना अधर में लटकी थी क्योंकि प्रबंधन अधिकार रखने वाली आईएलऐंडएफएस इस साल सितंबर से अब तक 910 अरब रुपये का कर्ज चुकाने में नाकाम रही और बैंकों के कर्ज भुगतान पर चूक शुरू कर दी।

रूपाणी वाइब्रेंट गुजरात इन्वेस्टमेंट समिट के प्रचार के लिए मुंबई आए थे, जो 18 से 22 जनवरी के बीच गांधीनगर में आयोजित होगा। उन्होंने कहा, जब गिफ्ट सिटी पूरी तरह परिचालन में आ जाएगा तो यह इलाके के डायनामिक्स को बदल देगा। कई स्टॉक ब्रोकर और आईटी कंपनियां यहां अपना कारोबार स्थापित करने के लिए पूछताछ कर रहे हैं। यहां एकल खिड़की की व्यवस्था है और इस तरह से गिफ्ट सिटी में भविष्य काफी उज्ज्वल है और हम इसे समर्थन देना चाहते हैं।

गुजरात सरकार के सूत्रों ने कहा कि जब सरकार आईएलऐंडएफएस की हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर लेगी तो वह रणनीतिक निवेशक की तलाश करेगी जो परियोजना को आगे बढ़ा सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात को वैश्विक वित्तीय केंद्र बनाने के लिए इस परियोजना पर विचार किया था। परियोजना का काम तब शुरू हुआ जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

इस साल अक्टूबर में आईएलऐंडएफएस के नए निदेशक मंडल ने कार्यभार संभाला, जब सरकार के हस्तक्षेप के बाद गिफ्ट सिटी में आईएलऐंडएफएस के तीन प्रतिनिधियों हरि शंकरन, के रामचंद और अरुण साहा को हटा दिया गया। अभी आईएलऐंडएफएस का प्रतिनिधित्व गिफ्ट सिटी के बोर्ड में मालिनी शंकर कर रही हैं। आईएलऐंडएफएस का नया बोर्ड पहले ही बिक्री के लिए परिसंपत्तियों की पहचान कर चुका है और इनके मूल्यांकन व बोली आमंत्रित करने के लिए बैंकरों को नियुक्त कर चुका है। 

(साथ में राजेश भयानी)
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