बिजनेस स्टैंडर्ड - आरकॉम से बैंक गारंटी पर जोर
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आरकॉम से बैंक गारंटी पर जोर

आशिष आर्यन / नई दिल्ली 11 26, 2018

अटका सौदा

दूरसंचार विभाग ने कहा कि इस सौदे को मंजूरी देने के लिए 2,940 करोड़ रु. की बैंक गारंटी की दरकार होगी

आरकॉम ने कहा यदि दिसंबर के मध्य तक मंजूरी नहीं मिली तो रिलायंस जियो के साथ उसका सौदा टूट जाएगा

बिजनेस स्टैंडर्ड आरकॉम से बैंक गारंटी पर जोरकेंद्र सरकार ने आज सर्वोच्च न्यायालय में जोरदार तरीके अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह 2,940 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी के बिना रिलायंस कम्युनिकेशंस को अपना स्पेक्ट्रम रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड को बेचने की अनुमति नहीं दे सकती। बैंक गारंटी कर रकम इन दोनों में से कोई भी कंपनी जमा करा सकती है।

दूसरी ओर रिलायंस कम्युनिकेशंस ने कहा कि वह बैंक गारंटी की रकम जमा कराने की स्थिति में नहीं थी। साथ ही कंपनी ने यह भी कहा कि सरकार के बकाये के लिए उसने 1,400 करोड़ रुपये मूल्य की अपनी भूमि परिसंपत्ति को जमानत के तौर पर रखी थी। वरिष्ठï वकील कपिल सिब्बल ने कंपनी का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा कि यदि दिसंबर के मध्य तक मंजूरी नहीं मिली तो रिलायंस जियो के साथ उसका सौदा टूट जाएगा।

हालांकि सरकार ने रिलायंस कम्युनिकेशंस द्वारा जमानत के तौर पर दी गई भूमि के इस्तेमाल से इनकार किया है। सरकार ने जोर देकर कहा कि वह उक्त रकम के साथ बैंक गारंटी को प्राथमिकता देगी। सर्वोच्च न्यायालय आज दूरसंचार विभाग की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिका में रिलायंस कम्युनिकेशंस अथवा रिलायंस जियो से 2,940 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी की मांग की गई है। याचिका में दूरसंचार विभाग का प्रतिनिधित्व करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता पीएस नरसिम्हा ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि केंद्र सरकार कंपनी को स्पेक्ट्रम बिक्री की अनुमति देने से पहले कुछ बैंक गारंटी चाहती है।

सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार की इस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया और मामले की अगली सुनवाई मंगलवार होगी। दूरसंचार विवाद निपटान एवं अपीलीय ट्रिब्यूनल (टीडीसैट) ने 1 अक्टूबर को भारी ऋण बोझ तले दबी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस को अपना स्पेक्ट्रम रिलायंस जियो इन्फोकॉम को बेचने की अनुमति दी थी। अपीलीय ट्रिब्यूनल ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद स्पेक्ट्रम बिक्री की अनुमति दी थी। अपनी याचिका में कंपनी ने दूरसंचार विभाग द्वारा बैंक गारंटी की मांग को चुनौती दी थी। केंद्र सरकार ने आज टीडीसैट द्वारा रिलायंस कम्युनिकेशंस को दी गई मंजूरी के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर कर दी।

अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली दूरसंचार कंपनी अपना ऋण बोझ घटाने के लिए दिसंबर 2017 में बड़े भाई मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के साथ 25,000 करोड़ रुपये के एक सौदे पर हस्ताक्षर किए थे। इस सौदे में ऋण शोधन प्रक्रिया से बचने के लिए विभिन्न बैंकों की गिरवी परिसंपत्तियों की बिक्री भी शामिल है। कंपनी रिलायंस जियो को अपनी वायरलेस परिसंपत्तियों और कनाडा की ब्रुकफील्ड को रियल एस्टेट परिसंत्तियों की बिक्री के जरिये 18,000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद कर रही है। इससे उसे अपने 46,000 करोड़ रुपये के ऋण बोझ को घटाने में मदद मिलेगी।

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