बिजनेस स्टैंडर्ड - ग्राहक बढऩे के साथ रसोई गैस सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी
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ग्राहक बढऩे के साथ रसोई गैस सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी

शाइन जैकब / नई दिल्ली 11 25, 2018

2017-18 में एलपीजी विस्फोट से 260 से ज्यादा मौत

कनेक्शनों की संख्या

इंडियन ऑयल 11.6 करोड़
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन 6.8 करोड़
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन 6.4 करोड़
कुल 24.7 करोड़
(इनमें से 5.72 करोड़ लाभार्थी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत आते हैं)

बिजनेस स्टैंडर्ड ग्राहक बढऩे के साथ रसोई गैस सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ीभारत में पिछले 4 साल में रसोई गैस कनेक्शनों की संख्या 76 प्रतिशत बढ़ी है। 2014 में जहां कुल 14 करोड़ कनेक्शन थे, अब इनकी संख्या बढ़कर 24.7 करोड़ हो गई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (यूएमयूवाई) के माध्यम से गरीब परिवारों के लिए स्वच्छ ईंधन अभियान चलाया गया, जिसे इसका श्रेय दिया जा सकता है। बहरहाल कनेक्शन बढऩे के साथ पिछले 3 साल से रसोई गैस से होने वाली दुर्घटनाएं भी बढ़ी हैं, जिसे लेकर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस पर बनी संसद की समिति ने चिंता जताई है।

इस मामले से जुड़े कई सूत्रों ने कहा कि दुर्घटनाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। 2017-18 में ही एलपीजी विस्फोट से भारत में 260 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जबकि इस साल के पहले 6 महीने में 100 से ज्यादा मौतों की खबर आ चुकी है। 2015-16 में दुर्घटनाओं की संख्या 710 थी। 

तेल विपणन कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, 'संसदीय समिति ने तीन तेल विपणन कंपनियों को कुछ सप्ताह पहले तलब किया था और रसोई गैस सिलेंडर के विस्फोट से दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या बढऩे की वजह को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। उन्होंने कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि इसको लेकर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं और इस बढ़ोतरी पर काबू पाने के लिए सुरक्षा की रणनीति बनाई जाए।' 

उन्होंने कहा कि दुर्घटना की बड़ी वजह नए उपभोक्ताओं में जागरूकता का अभाव है। एक उद्योग संगठन के अधिकारी ने कहा, 'मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 10 करोड़ से ज्यादा नए कनेक् शन बांटे गए हैं। बहरहाल 2015-16 में जहां दुर्घटनाओं की संख्या करीब 710 थी, वहीं अब यह हमारी रिपोर्ट के मुताबिक दोगुना होकर करीब 1,500 पहुंच चुकी है। तुलनात्मक रूप से सुरक्षा की स्थिति सुधरी है, लेकिन भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाएं रोकने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है।' 

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में 1 मई 2016 को पीएमयूवाई शुरू किए जाने के बाद रसोई गैस कनेक्शनों की संख्या बढऩे लगी। इसके तहत गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवार की महिलाओं के नाम से मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। अब तक इस योजना के तहत 712 जिलों में 5.72 करोड़ कनेक्शन दिए गए हैं। सरकार की पेट्रोलियम नीति एवं विश्लेषण सेल के मुताबिक रसोई गैस की खपत में पिछले 61 महीनों में बढ़ोतरी हुई है। 

Keyword: Rasoi Gas, Kitchen Gas, Petroleum, Uttar Pradesh, Baliya, Connection, UMUY, Oil Commercial,
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