बिजनेस स्टैंडर्ड - डबल सिम वालों से पिंड छुड़ाएंगी कंपनियां
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डबल सिम वालों से पिंड छुड़ाएंगी कंपनियां

सुरजीत दास गुप्ता / नई दिल्ली 11 25, 2018

दूरसंचार कंपनियों की रणनीति

बिजनेस स्टैंडर्ड डबल सिम वालों से पिंड छुड़ाएंगी कंपनियांएयरटेल और वोडाफोन-आइडिया ने डबल सिम रखने वाले उपभोक्ताओं से पिंड छुड़ाने की रणनीति बनाई है। उनकी हर महीने न्यूनतम रिचार्ज को 10 रुपये बढ़ाकर 35 रुपये करने की योजना है। इन कंपनियों को उम्मीद है कि इससे डबल सिम वाले उपभोक्ता उनके नेटवर्क से निकल जाएंगे। 

देश में मोबाइल उपभोक्ताओं की कुल संख्या 75 करोड़ है और उसमें से आधे यानी करीब 35 करोड़ उपभोक्ताओं के पास डबल सिम हैं। डबल सिम उपभोक्ताओं के कारण देश में मोबाइल कनेक्शनों की कुल संख्या 1.1 अरब है। अगर दूरसंचार कंपनियों ने अपनी रणनीति लागू की तो देश में मोबाइल कनेक्शनों की संख्या एक अरब से नीचे चली जाएगी और यह करीब 92.5 करोड़ रह जाएगी। एयरटेल के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी की नई रणनीति का मकसद अपने शीर्ष 40 फीसदी उपभोक्ताओं पर ध्यान देना है। इन्हीं ग्राहकों से कंपनी का 80 फीसदी राजस्व आता है। इसकी वजह यह है कि अब कंपनियों का जोर ग्राहकों की संख्या बढ़ाने के बजाय राजस्व बढ़ाने पर है। 

डबल सिम वाले उपभोक्ता अपने नंबर को दूसरे कनेक्शन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं और कंपनी को न्यूनतम राजस्व देते हैं। वे केवल फोन रिसीव करने के लिए ही इसका इस्तेमाल करते हैं जिससे नेटवर्क में समस्या होती है और कंपनी का प्रति ग्राहक औसत राजस्व बुरी तरह प्रभावित होता है। 

उदाहरण के लिए एयरटेल के 28 फीसदी यानी 10 करोड़ ग्राहक ऐसे हैं जो महीने में केवल दस रुपये का रिचार्ज करते हैं। कंपनी के कुल ग्राहकों की संख्या 34.6 करोड़ है। एयरटेल का प्रति ग्राहक औसत राजस्व 100 रुपये है जबकि वोडाफोन आइडिया का 88 रुपये है। इसकी तुलना में रिलायंस जियो का प्रति ग्राहक औसत राजस्व 132 रुपये है। न्यूनतम रिचार्ज टैरिफ में बढ़ोतरी से इन कंपनियों को अपना प्रति ग्राहक औसत राजस्व सुधारने में मदद मिलेगी।

एक प्रमुख दूरसंचार कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ग्राहकों की संख्या में कमी का वित्तीय स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, 'अगर हमें राजस्व का नुकसान होता है तो बाकी 17.5 करोड़ ग्राहक हमें हर महीने साढ़े तीन गुना ज्यादा राजस्व देंगे। इससे हमारे राजस्व में भारी तेजी आएगी।'

एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया की राजस्व हिस्सेदारी पर जोर देने की रणनीति ग्राहकों की संख्या बढ़ाने की पहले की रणनीति के एकदम उलट है। पहले अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए ग्राहकों की संख्या की अहमियत थी। बाद में उभरते बाजार में पहुंच बढ़ाने का मामला था। लेकिन पहुंच के 89 फीसदी से ऊपर जाने के बाद अब कंपनियों का जोर राजस्व और प्रति ग्राहक औसत राजस्व बढ़ाने पर है। रिलायंस जियो के आने के बाद पुरानी कंपनियों का राजस्व बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

एयरटेल और वोडाफोन आइडिया डबल सिम इस्तेमाल करने वालों की दो श्रेणियों पर जोर दे रही हैं। डबल सिम वाले 35 करोड़ उपभोक्ताओं में से 25 करोड़ हर महीने दस रुपये देकर अपना नंबर रिचार्ज कराते हैं और इसे दूसरे नंबर के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। कंपनियों का लक्ष्य इन्हें एकल सिम फोन के इस्तेमाल की तरफ ले जाना है ताकि उनके प्रति ग्राहक औसत राजस्व में सुधार आए। कंपनियों को उम्मीद है कि टैरिफ बढ़ाने से ये ग्राहक एक सिम छोड़ देंगे। 

साथ ही दूरसंचार कंपनियों की नजर 10 करोड़ डबल सिमधारकों पर भी है। ये ऐसे ग्राहक हैं जो ट्राई के नियमों का फायदा उठा रहे हैं। इसके मुताबिक अगर 90 दिन के भीतर किसी नंबर पर कोई कॉल आती-जाती है या एसएमएस आता है तो उसे डिसकनेक्ट नहीं किया जा सकता है। ये ग्राहक तीन महीने में केवल एक बार न्यूनतम रिचार्ज करते हैं। कंपनियों को उम्मीद है कि न्यूनतम टैरिफ में बढ़ोतरी से ऐसे ग्राहक उनके नेटवर्क से निकल जाएंगे। 

Keyword: Airtel, Vodafone, Idea, Company, Mobile, Double Sim, Telecom, Politics, Mobile Connection,
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