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यूनाइटेड बैंक को 8.83 अरब रुपये का शुद्ध नुकसान

नम्रता आचार्य और एजेंसियां / कोलकाता November 13, 2018

यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया को सितंबर तिमाही में 8.83 अरब रुपये का शुद्ध नुकसान हुआ है, जो पिछले साल की समान अवधि में 3.44 अरब रुपये रहा था। क्रमिक तौर पर भी बैंक का नुकसान दोगुने से ज्यादा हो गया क्योंकि पहली तिमाही में यह 3.88 अरब रुपये रहा था। इसका कुल प्रावधान पिछली तिमाही में दोगुना हो गया और 14.81 अरब रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 7.5 अरब रुपये रहा था। इसका सकल एनपीए कुल उधारी का 22.69 फीसदी रहा, वहीं शुद्ध एनपीए 14.36 फीसदी रहा। पिछले साल की समान अवधि में यह क्रमश: 18.80 फीसदी व 11.63 फीसदी रहा था।
 
आरबीआई के 2 अप्रैल के परिपत्र के आधार पर बैंंक ने एनसीएलटी के मामलों के लिए पिछली तिमाही में 4.85 अरब रुपये का प्रावधान किया। कर्मचारी शेयर खरीद योजना के तहत बैंक 29.2 करोड़ रुपये जुटा सकता है। बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात पिछली तिमाही में 7.82 फीसदी रहा। इसका प्रावधान कवरेज अनुपात सितंबर के आखिर में 60.10 फीसदी था।
 
इलाहाबाद बैंक को 1,823 करोड़ रुपये का घाटा 
 
सार्वजनिक क्षेत्र के इलाहाबाद बैंक का चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही शुद्ध घाटा 1,822.71 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। गया। बैंक का फंसे कर्ज के एवज में राशि का प्रावधान बढऩे से घाटा बढ़ा है। बैंक को एक साल पहले इसी अवधि में 70.20 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। हालांकि इस साल की पहली तिमाही में हुए 1,944.37 करोड़ रुये के घाटे के मुकाबले दूसरी तिमाही में बैंक का नुकसान कम हुआ है। वित्त वर्ष की जुलाई से सितंबर 2018 अवधि की दूसरी तिमाही में बैंक की कुल आय एक साल पहले की इसी अवधि के 5,067.78 करोड़ रुपये के मुकाबले घटकर 4,410.72 करोड़ रुपये रह गई। इस दौरान बैंक की सकल गैर-निष्पादित राशि (एनपीए) यानी फंसे कर्ज का अनुपात उसके कुल दिए गए कर्ज का 17.53 फीसदी रहा। एक साल पहले इसी अवधि में यह 14.10 फीसदी था। शुद्ध एनपीए की बात की जाए तो इस साल दूसरी तिमाही के अंत में यह 7.96 फीसदी रहा और पिछले साल 8.84 फीसदी रहा था। फंसे कर्ज का अनुपात बढऩे से बैंक को इसके एवज में इस साल 1,991.88 करोड़ रुपये का प्रावधान करना पड़ा। 
 
कॉरपोरेशन बैंक को 103 करोड़ रुपये का मुनाफा
 
सार्वजनिक क्षेत्र के कॉरपोरेशन बैंक का शुद्ध लाभ सितंबर में समाप्त तिमाही में 103 करोड़ रुपये रहा क्योंकि फंसे कर्ज के लिए प्रावधान में तेज गिरावट दर्ज की गई। बैंक ने पिछले साल की समान अवधि में 1,035.20 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया था। हालांकि इसकी कुल आय घटकर 4,216.79 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 5,344.59 करोड़ रुपये रही थी। इसका सकल एनपीए बढ़कर सकल उधारी का 17.46 फीसदी रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 15.28 फीसदी रहा था। इसका शुद्ध एनपीए बढ़कर 11.65 फीसदी पर पहुंच गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 10.24 फीसदी रहा था। 
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