बिजनेस स्टैंडर्ड - नोटबंदी ने बढ़ाया कर संग्रह
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नोटबंदी ने बढ़ाया कर संग्रह

इंदिवजल धस्माना / नई दिल्ली 11 08, 2018

बजट अनुमान के पार कर संग्रह

2018-19 के पहले सात महीनों में व्यक्तिगत आयकर संग्रह 20.2 फीसदी बढ़ा
इस अवधि में कॉर्पोरेट टैक्स संग्रह भी 19.5 फीसदी की वृद्धि दर हासिल करने में सफल रहा
बजट में आयकर में 19.88 फीसदी और कॉर्पोरेट टैक्स में 10.15 फीसदी वृद्धि का अनुमान लगाया गया था

बिजनेस स्टैंडर्ड नोटबंदी ने बढ़ाया कर संग्रहचालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में व्यक्तिगत आयकर संग्रह में 20.2 फीसदी और कॉर्पोरेट टैक्स में 19.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ठीक दो साल पहले उठाए गए नोटबंदी के कदम को इसका श्रेय दिया है।  जेटली ने गुरुवार को प्रत्यक्ष कर संग्रह का ब्योरा देते हुए कहा कि यह वित्त वर्ष 2018-19 के लिए बजट अनुमानों से आगे निकल गया है। सरकार ने 2018-19 के बजट में पहले सात महीनों के लिए व्यक्तिगत आयकर में 19.88 फीसदी और कॉर्पोरेट टैक्स में 10.15 फीसदी की वृद्धि का लक्ष्य रखा था। इस तरह कॉर्पोरेट टैक्स संग्रह में वृद्धि अनुमान से काफी अधिक तेज रही है जबकि व्यक्तिगत आयकर के मामले में भी यह बजट अनुमान से मामूली अधिक है।

जेटली ने अपने फेसबुक पेज पर कर संग्रह के ये आंकड़े साझा करते हुए कहा कि नोटबंदी लागू होने के दो साल पहले प्रत्यक्ष कर संग्रह में क्रमश: 6.6 फीसदी और 9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी। लेकिन नोटबंदी के बाद के दो वित्त वर्षों में यह वृद्धि दर क्रमश: 14.6 फीसदी और 18 फीसदी रही है। जेटली ने कहा कि नोटबंदी और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के जरिये अर्थव्यवस्था को औपचारिक स्वरूप देने का असर अप्रत्यक्ष कर संग्रह में भी बढ़ोतरी के तौर पर देखने को मिला है।

जेटली ने 'नोटबंदी का प्रभाव' शीर्षक अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, 'वर्ष 2014-15 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुपात में अप्रत्यक्ष कर 4.4 फीसदी था जो जीएसटी के बाद एक फीसदी बढ़कर 5.4 फीसदी हो गया है।' जेटली ने कहा कि छोटे करदाताओं को 970 अरब रुपये की आयकर राहत और जीएसटी देनदारों को 800 अरब रुपये की छूट देने के बावजूद कर संग्रह में वृद्धि हुई है। 

उन्होंने कहा कि जीएसटी से अब कर प्रणाली के दायरे में आने से बच पाना मुश्किल होता जा रहा है। जेटली ने कहा कि प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष दोनों करों की दरों में कटौती की गई है लेकिन कर संग्रह बढ़ा है। जेटली ने दावा किया कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था को औपचारिक स्वरूप मिला और कर-आधार भी बढ़ा। इसके चलते सरकार गरीबों के कल्याण एवं ढांचागत विकास के लिए अधिक संसाधनों का आवंटन कर पाई।

31 मार्च का समाप्त वित्त वर्ष में 6.86 करोड़ कर रिटर्न जमा किए गए जो वित्त वर्ष 2016-17 की तुलना में 25 फीसदी अधिक है। चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में 5.99 करोड़ रिटर्न जमा किए जा चुके हैं जो गत वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 54.33 फीसदी अधिक है। रिटर्न भरने वालों में 86.3 लाख लोग पहली बार शामिल हुए हैं। जेटली ने उम्मीद जताई कि पांच साल का कार्यकाल पूरा होने तक कराधार दोगुना हो जाएगा।

Keyword: Demonetisation, narendra modi, economy,,
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