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न्यायालय के आदेश की उड़ीं धज्जियां, दीवाली के बाद बिगड़ी दिल्ली की हवा

संजीव मुखर्जी / नई दिल्ली November 08, 2018

दिल्ली में हवा की गुणवत्ता गुरुवार को 'कष्टप्रद' स्तर पर पहुंच गई। दीपावली में पटाखे फोडऩे की मिली छूट के बाद राजधानी क्षेत्र में लोगों ने खूब पटाखे जलाए और उच्चतम न्यायालय के आदेश का खुला उल्लंघन किया।  भू विज्ञान मंत्रालय के तहत आने वाले सिस्टम अफ एयर क्वालिटी ऐंंड वेदर फोरकॉस्टिंग ऐंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक 8 नवंबर को शाम 4 बजे दिल्ली और उससे सटे इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का औसत 500 से ऊपर पहुंच गया। समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक अनुमति लायक सीमा से 10 गुना अधिक दर्ज किया गया। दीवाली के बाद की आज सुबह यह बढ़कर 600 से ऊपर चला गया, जो इस साल राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता का सबसे खराब स्तर है। 
 
सुबह से ही धुएं की मोटी पर राजधानी में छाई रही। शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा माना जाता है, 51 और 100 के बीच इसे संतोषजनक , 101 और 200 के बीच मध्यम माना जाता है, 201 और 300 के बीच खराब , 301 और 400 के बीच काफी खराब और 401 और 500 के बीच इसे अत्यंत गंभीर माना जाता है। वहीं 500 से ऊपर का स्तर गंभीरतम और आपातकालीन माना जाता है।  अगर हवा की गुणवत्ता 50 से ऊपर जाती है तो खासकर बच्चों और बुजुर्गों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं। सफर के मुताबिक एक्यूआई में पुआल जलाने का असर नहीं रहा। हाल के सप्ताह में दिल्ली के चिकित्सकों ने बताया था कि प्रदूषण बढऩे की वजह से सांस संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। प्रदूषण की वजह वाहनोंं का धुआं उद्योगों की गैसें और कुछ हद तक पुआल जलाना थी। 
 
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि ऐसी स्थिति में खुले इलाके में बड़े शारीरिक श्रम से बचें। साथ ही खिड़कियां बंद रखें, वैक्युम क्लीनर की जगह गीले पोछे से फर्श की सफाई करें।  उच्चतम न्यायालय ने सिर्फ दीपावली व अन्य त्योहारों पर शाम 8 बजे से 10 बजे तक लोगोंं को आतिशबाजी की अनुमति दी थी। न्यायालय ने सिर्फ हरित पटाखों के उत्पादन और बिक्री की अनुमति दी थी, जिनमें प्रकाश, ध्वनि और खतरनाक रसायनों का कम उत्सर्जन होता है। लेकिन न्यायालय के आदेश के बावजूद नियत समयसीमा के पहले और बाद में भी पटाखे फोड़े गए।  बहरहाल दिल्ली सरकार ने कहा है कि वह सड़क के किनारे पेड़ों पर और प्रमुख आम मार्गों पर पानी का छिड़काव करा रही है, जिससे प्रदूषण का असर कम किया जा सके। 
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