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अच्छे दिन की राह पर दिल्ली एनसीआर

रामवीर सिंह गुर्जर /  November 08, 2018

अवनीश पांडेय (बदला हुआ नाम) कई वर्षों से दिल्ली-एनसीआर में फ्लैट खरीदना चाह रहे थे, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे क्योंकि उन्होंने सुन रखा था कि बिल्डर किस तरह कब्जा देने में देर करते हैं, बिना इजाजत अवैध निर्माण करते हैं और धोखाधड़ी भी करते हैं। लेकिन रियल एस्टेट विनियमन एवं विकास अधिनियम (रेरा) और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) आने के बाद माहौल बेहतर होता देख पांडेय ने भी रिहायश के लिए तैयार यानी 'रेडी टु मूव' मकान खरीद लिया। पांडेय की तरह हजारों लोग इस वर्ष घर का सपना पूरा करने में जुटे हैं, जिससे दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट क्षेत्र की हालत सुधर रही है। हालांकि यह सुधार भी करीब एक दशक बाद दिख रहा है। दिल्ली एनसीआर के रियल एस्टेट क्षेत्र खासकर नोएडा एक्सटेंशन में वर्ष 2009-10 में बिल्डरों ने 2.5 से 3 लाख फ्लैट बनाने की योजना बनाई थी। वहां करीब 1 लाख घरों की तो बुकिंग भी हो गई थी। लेकिन इसके बाद भूमि अधिग्रहण विवाद समेत तमाम समस्याओं ने तस्वीर ही बिगाड़ दी। विवाद सुलझे तो बिल्डरों द्वारा अवैध निर्माण और समय पर मकान नहीं देने जैसे मामले सामने आ गए, जिसके बाद एनसीआर का रियल्टी बाजार एकदम सुस्त पड़ गया। सुस्ती इतनी लंबी खिंची कि आज भी दिल्ली-एनसीआर में डेढ़ से पौने दो लाख मकान बिके बिना पड़े हुए हैं। बहरहाल अब रेरा और जीएसटी का असर यहां के बाजार में दिखने लगा है और बिक्री सुधर रही है।

 
इस वर्ष दूसरी छमाही से मकान खरीदने वालों का रुझान काफी सकारात्मक दिख रहा है और दिल्ली-एनसीआर में बिक्री भी तेजी से बढ़ रही है। दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख रियल्टी समूह सुपरटेक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेश आरके अरोड़ा कहते हैं कि रेरा और जीएसटी के बाद खरीदारों में सकारात्मकता का माहौल बना है। इस साल उनकी कंपनी की बिक्री 10 से 15 फीसदी बढ़ी। कंपनी ने हर माह औसतन 300 फ्लैट बेचे। दिल्ली-एनसीआर के एक और प्रमुख रियल्टी समूह गौर संस के प्रबंध निदेशक मनोज गौर ने कहा समूह ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 3,185 फ्लैट बेचे, जो साल भर पहले के मुकाबले 5 गुना ज्यादा हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की शुरुआत से ही आवासीय क्षेत्र की बिक्री बढ़ रही है। पहली तिमाही में भी समूह ने 3100 फ्लैट बेचे थे। रियल्टी रिसर्च फर्म प्रॉप इक्विटी के संस्थापक व प्रबंध निदेशक समीर जसूजा कहते हैं कि पिछले एक साल में कीमतें गिरी हैं और अब रीयल्टी बाजार में सुधार होने लगा है। प्रॉप इक्विटी की रिपोर्ट के मुताबिक तीसरी तिमाही में दिल्ली-एनसीआर के नोएडा में बिक्री 34 फीसदी बढ़ी है। संपत्ति से जुड़े परामर्श देने वाली फर्म एनारॉक के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में मकानों की बिक्री में चालू कैलेंडर वर्ष की जनवरी-सितंबर की अवधि में 7 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि इसी दौरान नये मकानों की आपूर्ति या पेशकश में 6 फीसदी गिरावट देखी गई। इसकी वजह बिल्डरों द्वारा अनबिके घरों की बिक्री पर ध्यान देना रही। दिल्ली-एनसीआर में जनवरी-सितंबर 2018 के दौरान 31,550 मकानों की बिक्री हुई, जबकि इसके पिछले वर्ष इसी अवधि में बिक्री 29,400 इकाई थी। इस दौरान नए मकानों की आपूर्ति 6 फीसदी घटकर 17,225 रह गई।
 
दिल्ली-एनसीआर के आवासीय रियल एस्टेट क्षेत्र की हालत सुधर रही है। लेकिन बीते वर्षों में बिल्डरों द्वारा घरों का कब्जा देने में देरी, कानूनी विवाद आदि कारणों से ग्राहकों का भरोसा कब्जे के लिए तैयार घर यानी रेडी टू मूव पर अधिक जोर है। इन घरों की खरीद को तरजीह की दूसरी अहम वजह इन पर जीएसटी न लगना भी है। एनारॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट के वाइस चेयरमैन संतोष कुमार ने कहा 94 फीसदी खरीदार रेडी टु मूव या जल्द मिलने वाली संपत्ति खरीदना चाहते हैं क्योंकि नई परियोजनाओं पर बुकिंग कराने पर इनके कब्जे में देरी का जोखिम रहता है। जसूजा भी मानते हैं कि ग्राहक रेडी टू मूव या छह माह से एक साल में कब्जा मिलने की संभावना वाले फ्लैट खरीदने को तरजीह दे रहे हैं। क्योंकि इनमें जोखिम कम है। अरोडा ने कहा रेडी टू मूव संपत्ति जीएसटी से मुक्त होने के कारण भी खरीदारों की पसंदीदा है।
 
इस साल अब तक रियल एस्टेट में आए सुधार को देखते हुए बिल्डर त्योहारों के लंबे दौर को काफी उम्मीद और उत्साह से देख रहे हैं। उनको इस दौरान बिक्री में बड़ी उछाल की उम्मीद है। इसके लिए वे खरीदारों को आकर्षक ऑफर भी दे रहे हैं। अरोड़ा ने कहा उनकी कंपनी इस साल हर माह औसतन 300 फ्लैटों की बिक्री की है। त्योहारों के दौरान खासकर अक्टूबर में 500 फ्लैट बिकने की उम्मीद है। कंपनी त्योहारों में बिक्री बढ़ाने के लिए 30 लाख रुपये कीमत वाले फ्लैट पर 25,000 रुपये और 75 लाख से एक करोड़ रुपये की कीमत वाले घर पर एक लाख रुपये मूल्य का उपहार दे रही है।
 
इन्वेस्टर क्लीनिक के एक अधिकारी ने बताया कि त्योहारों के दौरान बिल्डर रजिस्ट्री शुल्क की राशि, मुफ्त पार्किंग व मॉड्यलर किचन आदि ऑफरों की पेशकश कर रहे हैं। अधिकारी के मुताबिक त्योहारों के दौरान बिक्री 20 फीसदी बढऩे की उम्मीद है। जसूजा भी मानते हैं कि त्योहारों के दौरान बिक्री के लिए दिए जा रहे तमाम ऑफरों से बिक्री बढऩे की संभावना है। दिल्ली एनसीआर में विभिन्न रिसर्च फर्मों की रिपोर्ट के अनुसार अनबिके घरों की संख्या 1.60 से 1.90 लाख है। बीते एक साल के दौरान इनकी संख्या में गिरावट देखी जा रही है। एनारॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट के मुताबिक इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में पिछली समान अवधि के मुकाबले अनबिके घरों की संख्या में 7 फीसदी गिरावट आई है। प्रॉप इक्विटी के आंकड़े भी यही बता रहे हैं कि अनबिके घरों की संख्या धीरे धीरे घट रही है।
 
दिल्ली और एनसीआर में घरों की डिलीवरी भी बढ़ रही है। प्रॉप इक्विटी के मुताबिक पिछले 12 माह के दौरान दिल्ली-एनसीआर के बाजार में करीब 70 हजार घरों की डिलीवरी हुई है और अगले कुछ सालों में करीब दो लाख घरों की डिलीवरी हो सकती है। सुपरटेक के अरोड़ा कहते हैं कि उनकी कंपनी दिल्ली-एनसीआर में तीन साल में 22,500 घरों की डिलीवरी दे चुकी है और अगले एक साल के दौरान कम से कम 10 हजार घरों की चाबी ग्राहकों को सौंप देने का लक्ष्य है। इस बीच रियल एस्टेट उद्योग को आगे बिक्री और बढऩे की उम्मीद है। अरोड़ा कहते हैं कि रेरा और जीएसटी के बाद उद्योग में माहौल सकारात्मक है। बिल्डर अब अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने पर जोर दे रहे हैं। क्योंकि लंबे समय इनके अधूरा रहने उन्हें कार्यशील पूंजी की कमी सता रही है। उच्च लागत को देखते हुए आगे कीमतों में गिरावट की बजाय वृद्घि के आसार है। ऐेसे में आने वाले महीने बिक्री के लिहाज से दिल्ली-एनसीआर के लिए अच्छे रहने की उम्मीद है।
 
जसूजा कहते हैं कि रियल एस्टेट बाजार में बीते कुछ वर्षों में 10 से 15 फीसदी दाम घट चुके हैं और कुछ छोटे बाजारों को छोड़कर (जहां दाम 5 से 10 फीसदी आगामी कुछ तिमाही में बढ़ सकते हैं) दाम स्थिर रहने की उम्मीद है। रेरा के बाद इस क्षेत्र में पारदर्शिता बढऩे से इस क्षेत्र की हालत सुधर रही है। गौर ने कहा जीएसटी व रेरा के बाद आने वाले महीने भी रियल एस्टेट के लिए सकारात्मक रहने की आस है। संतोष कुमार के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों में आगे रियल एस्टेट में बिक्री बढऩे की उम्मीद है।
Keyword: real estate, property, GST, RERA, delhi, ncr,,
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