बिजनेस स्टैंडर्ड - बकाया मांग रहे परिचालक लेनदार
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बकाया मांग रहे परिचालक लेनदार

देव चटर्जी और शाइन जैकब / मुंबई November 05, 2018

बकाया को लेकर कानूनी लड़ाई का अगला दौर शुरू होने वाला है। एस्सार स्टील के परिचालन लेनदार कंपनी से अपने 49.95 अरब रुपये वसूलने के लिए इस सप्ताह नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की शरण में जाने की योजना बना रहे हैं। परिचालन लेनदारों में केंद्र और राज्य सरकार के स्वामित्व वाली कई इकाइयां शामिल हैं।  कंपनी के लिए सबसे बड़ी बोलीदाता के तौर पर उभरी आर्सेलरमित्तल ने लेनदारों की समिति (सीओसी) को सौंपी अपनी कर्ज समाधान योजना में परिचालन लेनदारों को शामिल नहीं किया था। 25 अक्टूबर को सीओसी ने आर्सेलरमित्तल द्वारा सौंपी की योजना को स्वीकृति दी। इस योजना में बैंकों के एस्सार स्टील पर बकाया 490 अरब रुपये की तुलना में बैंकों को 420 अरब रुपये अग्रिम तौर पर चुकाने की पेशकश की गई थी। 
 
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) दोनों को एस्सार स्टील मामले में परिचालन लेनदार (ऑपरेशनल क्रेडिटर्स) के तौर पर शामिल किया गया है। रिजोल्यूशन प्रोफेशनल को सौंपे गए आंकड़े के अनुसार, आईओसी का बकाया लगभग 37.62 अरब रुपये के आसपास है जबकि बीपीसीएल का बकाया लगभग 2.61 अरब रुपये है। इस तरह से सरकार के स्वामित्व वाली तेल कंपनियों का कुल बकाया लगभग 40.24 अरब रुपये है जो एस्सार स्टील की 49.76 अरब रुपये के कुल बकाया परिचालन ऋण का लगभग 80 प्रतिशत है। 
 
इस घटनाक्रम से नजदीकी से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा, 'तेल विपणन कंपनियों के लिए परिचालन कर्ज मुख्य रूप से इन विपणन दिग्गजों से गैस की खरीदारी की वजह से है।' इस बारे में पूछे जाने पर आईओसी के चेयरमैन संजीव सिंह ने कहा कि वह एस्सार स्टील के संबंध में किसी बकाया को लेकर वाकिफ नहीं हैं।  एस्सार स्टील के अन्य लेनदार स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने आर्सेलरमित्तल की योजना पर यह कहते हुए आपत्ति जताई है कि उसके बकाया पर ध्यान नहीं दिया गया है। बैंक को सीओसी द्वारा स्वीकृत योजना के तहत सिर्फ 78 करोड़ रुपये ही मिले हैं जबकि उसका बकाया 37.35 अरब रुपये का है। स्टैंडर्ड चार्टर्ड भी एनसीएलटी की शरण में पहुंचा है।  रुइया परिवार द्वारा सभी लेनदारों के लिए पूर्ण निपटान की 543 अरब रुपये की योजना पर 25 अक्टूबर को सीओसी द्वारा विचार नहीं किया गया था और लेनदारों ने आर्सेलर की पेशकश के पक्ष में सहमति जताई थी। एक सूत्र ने कहा कि अब रुइया का ऑफर भी विचार के लिए एनसीएलटी के समक्ष पेश किया जाएगा। 
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