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घाटे पर जीएसटी संग्रह का साया

ईशान बख्शी / नई दिल्ली November 04, 2018

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का संग्रह अक्टूबर में शानदार रहा है। लेकिन इसके बावजूद सरकार को उतना जीएसटी नहीं मिलने के आसार हैं, जितना उसने वित्त वर्ष 2019 के बजट में लक्ष्य रखा है। इससे सरकार के लिए राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.3 फीसदी तक सीमित रखना मुश्किल होगा। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि राजकोषीय घाटा जीडीपी के 3.5 फीसदी तक पहुंच सकता है। इससे पहले येस बैंक के अर्थशास्त्रियों ने अपनी एक रिपोर्ट में अनुमान जताया था कि अगर हालात खराब रहे तो घाटा जीडीपी के 3.7 फीसदी तक भी पहुंच सकता है। 
 
अब तक प्रत्यक्ष कर संग्रह बहुत अच्छा रहा है, लेकिन अप्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य हासिल न होने की चिंताएं हैं। लेखा महानियंत्रक (सीजीए) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में अप्रत्यक्ष कर संग्रह महज 1.8 फीसदी बढ़ा है। सरकार ने गुरुवार को अक्टूबर में जीएसटी संग्रह (सितंबर के लिए कर भुगतान) के आंकड़े जारी किए हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि जीएसटी संग्रह अक्टूबर में बढ़कर 1.01 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो सितंबर में 94.4 अरब रुपये था। लेेकिन अब तक जीएसटी में बढ़ोतरी की दर आकर्षक नहीं है। 
 
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के नोट में कहा गया है, 'अगर रिफंड की गणना करते हैं तो सितंबर का संग्रह करीब 939 अरब रुपये होगा। इसका मतलब है कि वित्त वर्ष 2019 के सात महीनों में संग्रह की औसत दर करीब 900 अरब रुपये रही है।'इस अनुमान के मुताबिक रिफंड को समायोजित करने के बाद अब तक कुल जीएसटी संग्रह 6,303 अरब रुपये रहा है। इसमें से केंद्र का हिस्सा में 2,762 अरब रुपये और राज्यों के हिस्से में 2,993 अरब रुपये आने का अनुमान है। क्षतिपूर्ति उपकर करीब 548 अरब रुपये रहेगा। 
 
इसकी तुलना में वित्त वर्ष 2019 के लिए कुल जीएसटी लक्ष्य 12.5 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है। इसमें से केंद्र एवं राज्यों का लक्ष्य क्रमश: 6.5 लाख करोड़ रुपये और 5.07 लाख करोड़ रुपये है। शेष 900 अरब रुपये का कर क्षतिपूर्ति उपकर से आने की उम्मीद है। अभी तक जीएसटी संग्रह की दर जरूरत से कम बनी हुई है, इसलिए बजट अनुमानों को पूरा करने के लिए शेष महीनों में जीएसटी संग्रह में तेजी से बढ़ोतरी की जरूरत होगी। कोटक इंस्टीट्यूूशनल इक्विटीज के नोट में कहा गया है, 'हमारा आकलन है कि वित्त वर्ष 2019 के शेष महीनों में हर महीने 1.24 लाख करोड़ रुपये संग्रह की जरूरत होगी।' येस बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र अपने जीएसटी संग्रह में कमी को आईजीएसटी संग्रह से ज्यादा हिस्सा लेकर कुछ कम कर सकता है। 
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
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