बिजनेस स्टैंडर्ड - एनबीएफसी की नकदी का मसला फिर उठेगा
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एनबीएफसी की नकदी का मसला फिर उठेगा

ईशान बख्शी / नई दिल्ली November 01, 2018

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के पास नकदी की किल्लत का मसला आगामी हफ्तों में  फिर उठेगा। यही वह मसला है, जिसे लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और सरकार के बीच खींचतान चल रही है।  बिज़नेस स्टैंडर्ड को प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक एनबीएफसी के 1.034 लाख करोड़ रुपये के कर्ज की मियाद नवंबर के अंत में पूरी हो रही है। एनबीएफसी के लिए विशेष रूप से दो दिन बहुत मुश्किल रहेंगे। पांच नवंबर को कुल 113.8 अरब रुपये का कर्ज परिपक्व हो रहा है, जबकि 26 नवंबर को 147 अरब रुपये का कर्ज परिपक्व हो जाएगा। 
 
रिपोर्टों के मुताबिक आईएलऐंडएफएस संकट के बाद बैंक एनबीएफसी को ऋण देने के इच्छुक नहीं हैं। चिंता की बात यह है कि इन ऋणों की अवधि बढ़ाने में नाकाम रहने या एक और डिफॉल्ट से बाजारों का मूड बिगड़ सकता है। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने जिन विशेषज्ञों से बात की, उन्होंने कहा कि इस रुझान के कारण स्थिति बहुत गंभीर हो गई है।  सरकारी अधिकारियों का कहना है कि नकदी का मसला उससे कहीं ज्यादा गंभीर है, जितना आरबीआई स्वीकार कर रहा है। केंद्रीय बैंक ने वित्तीय स्थायित्व एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की बैठक में केंद्र के इस रुख को कथित रूप से खारिज किया है कि एनबीएफसी को नकदी की किल्लत झेलनी पड़ रही है। 
 
आरबीआई ने अपने स्तर पर अक्टूबर में 360 अरब रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद की है। केंद्रीय बैंक ने नवंबर में भी 400 अरब रुपये की प्रतिभूतियों की खरीद करने की घोषणा की है। गुरुवार को 100 अरब रुपये की पहली खेप की खरीद की गई। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद से बैंकिंग तंत्र की नकदी पर असर होगा, लेकिन इससे एनबीएफसी की चिंताएं दूर नहीं होंगी। बैंक एनबीएफसी को ऋण देने के इच्छुक नहीं हैं, इसलिए परिपक्व हो रहे ऋणों को पुनर्वित्तीयन मुश्किल होगा। एक अर्थशास्त्री ने कहा, 'सबसे बड़ी चिंता यह है कि नकदी का मसला कर्ज चुकाने की क्षमता के मसले में तब्दील हो सकता है।'
 
बिज़नेस स्टैंडर्ड को प्राप्त आंकड़े दशाते हैं कि एनबीएफसी का 588.5 अरब रुपये का कर्ज दिसंबर में परिपक्व हो जाएगा। इससे नवंबर और दिसंबर में परिपक्व होने वाला कुल कर्ज 1.62 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा।  कुछ विशेषज्ञों का सुझाव है कि इस संकट से निपटने के लिए आरबीआई को एनबीएफसी को छूट की एक अवधि मुहैया करानी चाहिए। हालांकि कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि केंद्रीय बैंक ऐसा कोई तरीका अपनाने को लेकर चिंतित है क्योंकि इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। लेकिन हालात और जटिल हैं। सबसे प्रमुख मुद्दा गिरवी संपत्ति को लेकर है। एनबीएफसी गिरवी संपत्ति के रूप में किस चीज की पेशकश करेंगे? इसके अलावा ब्याज दर और ऋण की अवधि का भी सवाल है। 
Keyword: NBFC, bank, micro finance,,
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