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वितरक पर न हो शुल्क में कमी का भार

जश कृपलानी / मुंबई October 26, 2018

म्युचुअल फंड (एमएफ) उद्योग यदि कुल व्यय अनुपात (टीईआर) में कटौती का अधिकांश भार वितरकों पर डाल देता है तो उसकी दमदार वृद्धि दबाव में आ सकती है। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट कॉन्फ्रेंस के पैनल सदस्यों ने निवेशकों के लिए म्युचुअल फंड को कहीं अधिक लागत-किफायती बनाने की पहल का स्वागत किया लेकिन उन्होंने वितरकों के हितों को ध्यान में रखे जाने के महत्त्व पर भी जोर दिया।  विशेषज्ञों ने कहा कि म्युचुअल फंड यदि शुल्क में कटौती का अधिकांश हिस्सा पहले की तरह वितरकों पर डालता है तो यह उद्योग की वृद्धि को प्रभावित कर सकता है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी शिल्प कुमार 'टीईआर में कटौती के प्रभाव' पर पैनल चर्चा के दौरान कहा, 'जब आप अभी भी बाजार में विस्तार के चरण में हैं तो टीईआर में कटौती के फायदे की हमें सराहना करनी चाहिए। हम चीजों को डिजिटली करने के लिए अपने डिजिटल दायरे का इस्तेमाल करेंगे क्योंकि कमीशन एवं बिचौलिया प्रतिफल दबाव में आ जाएगा। फिलहाल तमाम लोग म्युचुअल फंड के बजाय बीमा योजनाओं में निवेश कर रहे हैं। यदि टीईआर में कटौती का भार सीधे तौर पर वितरकों पर डाला जाएगा तो इससे कुछ हद तक उद्योग की रफ्तार सुस्त हो सकती है।'
 
एंबिट के विश्लेषकों ने कहा कि आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के वितरण राजस्व में करीब 10 फीसदी का झटका लग सकता है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्ïस ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज कमीशन (2017-18 में 3 अरब रुपये) के लिहाज से देश का छठा सबसे बड़ा एमएफ वितरक है। उन स्वतंत्र वित्तीय सलाहकारों (आईएफए) के लिए यह प्रभाव कहीं अधिक गंभीर हो सकता है जिसका कारोबार आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज जैसे बड़े वितरकों के मुकाबले छोटा है।
 
इस उद्योग की कंपनियों का कहना है कि भारत में 1 लाख वितरकों में से महज आधे ही सक्रिय हैं। इस प्रकार वितरक बनाम निवेशक अनुपात हरेक 270 एमएफ निवेशकों के लिए करीब 1 है। विशेषज्ञों का कहना है कि उद्योग की वृद्धि के लिए इस अंतर को कम करना जरूरी होगा। ओपीसी ऐसेट सॉल्यूशंस के कार्यकारी चेयरमैन अजय बग्गा ने कहा, 'टीईआर में कटौती का भार काफी हद तक वितरकों पर डाला जाएगा। इससे वितरकों को नुकसान होगा क्योंकि उनकी अपनी परिचालन लागत होती है। उनके कामकाज में अचानक अधिक कुशलता आने की उम्मीद आप नहीं कर सकते।'
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