बिजनेस स?टैंडर?ड - सितंबर तिमाही में उम्मीद पर खरी रही आईटीसी
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, December 08, 2022 12:46 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

सितंबर तिमाही में उम्मीद पर खरी रही आईटीसी

बीएस संवाददाता/एजेंसियां / कोलकाता/नई दिल्ली October 26, 2018

सिगरेट से लेकर एफएमसीजी तक विभिन्न क्षेत्रों में कारोबारी करने वाली कंपनी आईटीसी लिमिटेड का शुद्ध लाभ 31 सितंबर, 2018 को समाप्त तिमाही में 11.9 फीसदी बढ़कर 29.55 अरब रुपये हो गया। कंपनी के लगभग सभी प्रमुख कारोबार में दमदार वृद्धि से मुनाफे को बल मिला और कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमानों पर खरा उतरा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 26.40 अरब रुपये रहा था। तिमाही के दौरान कंपनी का सकल राजस्व (उत्पादों एवं सेवाओं से) बढ़कर 110.95 अरब रुपये हो गया जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 96.76 अरब रुपये रहा था। हालांकि आईटीसी ने कहा है कि पिछले साल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के कारण इन आंकड़ों की तुलना पिछले साल की समान अवधि से नहीं की जा सकती। 
 
एडलवाइस सिक्योरिटीज के वरिष्ठï उपाध्यक्ष (अनुसंधान विश्लेषक) अबनीश रॉय के अनुसार, सिगरेट वॉल्यूम में 5 फीसदी की वृद्धि और गोल्ड फ्लैक ब्रांड के दाम बढ़ाए जाने से इस श्रेणी में कंपनी का राजस्व 10.4 फीसदी बढ़कर 50.26 अरब रुपये हो गया जबकि कर पूर्व मुनाफा 8.7 फीसदी बढ़कर 35.79 अरब रुपये हो गया। रॉय का मानना है कि केरल में आई बाढ़ और सिगरेट के पैकेट पर स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी के ग्राफिक्स में बदलाव के कारण आईटीसी के सिगरेट कारोबार पर 100 आधार अंकों का प्रभाव पड़ा। 
 
आईटीसी ने एक बयान में कहा है, 'हाल में उतारे गए कुछ नए वेरिएंट में हॉलीवुड (तीन श्रेणी वाला फिल्टर), और फ्लेक टेस्ट प्रो (दो श्रेणी वाला फिल्टर) आदि शामिल हैं। साथ ही 2016-17 के अंत में उतारे गए अमेरिकन क्लब और प्लेयर्स का प्रदर्शन लगातार दमदार रहा।' दूसरी ओर, गैर-सिगरेट एफएमसीजी कारोबार से प्राप्त राजस्व तिमाही के दौरान 12.7 फीसदी बढ़कर 31.60 अरब रुपये हो गया जबकि इस श्रेणी से प्राप्त मुनाफा 185.3 फीसदी बढ़कर 58.45 करोड़ रुपये हो गया। इसी प्रकार गैर-सिगरेट कारोबार से एबिटा 77 फीसदी बढ़कर 1.58 अरब रुपये हो गया। कंपनी के प्रदर्शन को बिक्री बढऩे, मिलेजुले उत्पाद और लागत नियंत्रित करने के उपायों से बल मिला। इसके अलावा ब्रांड निर्माण पर लगातार निवेश किए जाने और जूस, डेयरी व चॉकलेट एवं अन्य श्रेणियों में शुरुआती लागत बढ़ाने के बावजूद कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा।
 
तिमाही के दौरान आईटीसी के होटल कारोबार से प्राप्त राजस्व 20.8 फीसदी बढ़कर 3.63 अरब रुपये हो गया जबकि एबिटा में 35 फीसदी की वृद्धि हुई। हालांकि कृषि कारोबार के मोर्चे पर कंपनी की लाभप्रदता 7.8 फीसदी घटकर 2.36 अरब रुपये रह गई जबकि राजस्व 12.8 फीसदी बढ़कर 22.2 अरब रुपये हो गया।
 
कम हुआ इंडियन ओवरसीज बैंक का शुद्ध नुकसान
 
सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन ओवरसीज बैंक का शुद्ध नुकसान सितंबर तिमाही में घटकर 4.87 अरब रुपये रह गया जबकि पिछले साल की समान अवधि में बैंक का शुद्ध नुकसान 12.23 अरब रुपये रहा था। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले शुद्ध नुकसान में 60 फीसदी की कमी दर्ज हुई और बैंक के प्रबंधन ने कहा कि शुद्ध नुकसान की वजह फंसे कर्ज के लिए प्रावधान और निवेश थी, न कि परिचालन। बैंक की कुल आय 4.67 फीसदी घटकर 53.48 अरब रुपये रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 56.10 अरब रुपये रही थी। बैंक का सकल एनपीए बढ़कर 371.1 अरब रुपये पर पहुंच गया (24.73 फीसदी), जो पिछले साल की समान अवधि में 347.09 अरब रुपये (22.73 फीसदी) रहा था। इसका शुद्ध एनपीए 188.76 अरब रुपये (14.34 फीसदी) रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 189.49 (13.86 फीसदी) रहा था। बैंक ने तिमाही के दौरान 2.47 अरब रुपये एनसीएलटी भेजी गई छह कंपनियों से वसूले और दिसंबर तिमाही में इसे वहां से 8.02 अरब रुपेय की वसूली की उम्मीद है। इसका परिचालन लाभ 25.51 फीसदी बढ़कर 13.04 अरब रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 10.39 अरब रुपये रहा था।
 
डॉ. रेड्डीज का मुनाफा 77 फीसदी बढ़ा
 
दवा कंपनी डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज का शुद्ध लाभ सितंबर तिमाही में 77 फीसदी की उछाल के साथ 5.04 अरब रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 2.9 अरब रुपये रहा था। एकबारगी की आय और विदेशी मुद्रा के अनुकूल चाल की वजह से कंपनी का मुनाफा उछला। कंपनी का राजस्व 7 फीसदी बढ़कर 37.97 अरब रुपये पर पहुंच गया जबकि अमेरिकी व यूरोपीय बिक्री में स्थिर से लेकर नकारात्मक बढ़त दर्ज हुई। हालांकि उभरते बाजारों व भारत ने इस अवधि में अन्य बाजारों के कमजोर प्रदर्शन की भरपाई कर दी। उत्तर अमेरिकी राजस्व सुबॉक्सोन की अनुपस्थिति में 14.27 अरब रुपये पर स्थिर रहा। मामला अदालत में होने के कारण कंपनी को यह दवा बाजार से वापस लेनी पड़ी। डॉ. रेड्डीज के मुख्य वित्तीय अधिकारी एस चक्रवर्ती ने कहा, इसके अलावा अग्रणी उत्पादों की कीमतें भी कम हुई। वैश्विक जेनेरिक ने कुल राजस्व में 30.5 अरब रुपये का योगदान किया जबकि बाकी 7.4 अरब रुपये पीएसएआई व प्रोप्राइटरी उत्पादों से मिले। एकबारगी के लाभ के बारे में पूछे जाने पर चक्रवर्ती ने कहा कि कंपनी को ब्रिस्टल मैन्युफैक्चरिंग इकाई की बिक्री व क्लोडर्म क्रीम के राइट्स से 60 करोड़ रुपये मिले। इसका सकल मुनाफा मार्जिन पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 170 आधार अंक सुधरकर 55 फीसदी पर पहुंच गया, जबकि क्रमिक तौर पर इसमें 70 आधार अंकों की गिरावट दर्ज हुई। नतीजे पर टिप्पणी करते हुए कंपनी के को-चेयरमैन व सीईओ जी वी प्रसाद ने कहा, अपने प्रदर्शन और दूसरी तिमाही की प्रगति से हम उत्साहित हैं।
 
कैपिटल फस्र्ट का लाभ 246 फीसदी बढ़ा
 
कैपिटल फस्र्ट का शुद्ध लाभ सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में 246 फीसदी की उछाल के साथ 1.04 अरब रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 30.2 करोड़ रुपये रहा था। इसकी मुख्य आय (शुद्ध ब्याज आय व शुल्क आय) इस अवधि में 49 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 6.95 अरब रुपये रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 4.67 अरब रुपये रही थी। शुद्ध ब्याज आय 55 फीसदी की बढ़त के साथ 6.15 अरब रुपये रही जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 3.98 अरब रुपये रही थी। कंपनी के संस्थापक व चेयरमैन वी वैद्यनाथन ने कहा, कंपनी सही तरीके से आगे बढ़ रही है। इस क्षेत्र में काफी मौके हैं। हमारा लोनबुक बढ़कर 326.22 अरब रुपये पर पहुंच गया और मुख्य आय 6.95 अरब रुपये रही। इसकी प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां बढ़कर 326.2 अरब रुपये पर पहुंच गई।
 
रिलायंस जनरल इंश्योरेंस का लाभ बढ़ा 
 
रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी (आरजीआई) ने शुक्रवार को कहा कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा 20 फीसदी बढ़कर 56 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी ने बयान जारी कर कहा कि इस अवधि में उसकी सकल प्रीमियम आय भी 20 फीसदी बढ़कर 2,025 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। आरजीआई ने कहा कि 2018-19 की दूसरी तिमाही में साधारण बीमा बाजार में उसकी बाजार हिस्सेदारी पिछले साल की इसी अवधि की 4.3 फीसदी से बढ़कर 4.5 फीसदी हो गई। आरजीआई के कार्यकारी निदेशक और सीईओ राकेश जैन ने कहा कि मोटर वाहनों के लिए लंबी अवधि की बीमा को अनिवार्य बनाए जाने और अनिवार्य व्यक्तिगत दुर्घटना कवर को बढ़ाए जाने जैसे फैसले से उद्योग को लाभ होगा।
 
नेस्ले का शुद्ध लाभ बढ़ा
 
प्रमुख एफएमसीजी कंपनी नेस्ले इंडिया का शुद्ध लाभ सितंबर 2018 में समाप्त तीसरी तिमाही के दौरान 29.99 फीसदी बढ़कर 446.11 करोड़ रुपये हो गया। जनवरी से दिसंबर को वित्त वर्ष मानने वाली इस कंपनी का शुद्ध लाभ पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 343.17 करोड़ रुपये रहा था। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को दी गई जानकारी में नेस्ले इंडिया कहा है कि तिमाही के दौरान उसकी शुद्ध बिक्री 16.84 फीसदी बढ़कर 2,921.99 करोड़ रुपये हो गई जो एक साल पहले की समान अवधि में 2,500.67 करोड़ रुपये रही थी। नेस्ले के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सुरेश नारायणन ने कहा, 'तिमाही के दौरान कंपनी ने दमदार प्रदर्शन किया क्योंकि हम लगातार बिक्री में चौतरफा वृ़द्धि दर्ज कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि कंपनी अपने ब्रांड़ों को मजबूती देने के क्रम में मार्केटिंग गतिविधियों में भी उतर चुकी है। 
 
तिमाही के दौरान घरेलू बाजार में कंपनी बिक्री 17.46 फीसदी बढ़कर 2,749.50 करोड़ रुपये हो गई जो पहले 2,340.75 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान कुल बिक्री और घरेलू बिक्री में क्रमश: 16.8 फीसदी और 17.5 फीसदी का इजाफा हुआ। इस दौरान निर्यात 7.86 फीसदी बढ़कर 172.49 करोड़ रुपये हो गया जो पहले 159.92 करोड़ रुपये रहा था। कुल खर्च 14.48 फीसदी बढ़कर 2,334.63 करोड़ रुपये हो गया जो पिछले साल की समान अवधि में 2,039.30 करोड़ रुपये रहा था।  बीएसई पर कंपनी का शेयर आज 0.24 फीसदी बढ़कर 9,540.45 रुपये पर बंद हुआ।
Keyword: company result, ITC, FMCG, IOB, bank, Reliance, nestle,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या दरों में वृद्धि का चक्र अब थम जाएगा
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.