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जेट से तीन वरिष्ठ अधिकारी गए

अनीश फडणीस / मुंबई October 25, 2018

प्रमुख विमानन कंपनी जेट एयरवेज की खराब होती वित्तीय स्थिति के बीच तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। इनमें कार्गो, सूचना प्रौद्योगिकी और राजस्व प्रबंधन के प्रमुख शामिल हैं। विमानन कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि इन वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया है। लेकिन वरिष्ठ नेतृत्व स्तर पर इन तीन सदस्यों के इस्तीफे को लेकर चर्चा है कि प्रबंधन लागत नियंत्रित करने के क्रम में छंटनी कर रहा है। जेट एयरवेज के जिन वरिष्ठ अधिकारियों ने इस्तीफा दिया है उनमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष (कार्गो) प्रदीप कुमार, मुख्य सूचना अधिकारी श्री माणिकनंदन अनंतवैद्यनाथन और उपाध्यक्ष (राजस्व प्रबंधन) प्रवीण अय्यर शामिल हैं।
 
जेट एयरवेज में कुमार और अनंतवैद्यनाथन की नियुक्ति अपेक्षाकृत हाल में की गई थी। जबकि अय्यर इस विमानन कंपनी से करीब 13 वर्षों से जुड़े थे। एक सूत्र ने बताया कि अय्यर ने कुछ महीने पहले ही कंपनी छोडऩे का संकेत दिया था और विदेश में अपनी गैर-विमानन भूमिका के बारे में बात की थी। वरिष्ठ अधिकारियों के इस्तीफे की खबर ऐसे समय में आई है जब विमानन कंपनी अपने कर्मचारियों को समय पर वेतन देने और वेंडरों के भुगतान के लिए समस्याओं से जूझ रही है। विमानन कंपनी ने इस बाबत भेजे गए एक ईमेल के जवाब में कहा, 'जेट एयरवेज अपने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के उस व्यक्तिगत निर्णय का सम्मान करती है जिसके तहत उन्होंने इस संगठन के बाहर अवसर तलाशने का फैसला किया है। विमानन कंपनी उनके योगदान की सराहना और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करती है। यह कारोबार की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और विमानन कंपनी के लिए बेहतरीन उत्तराधिकार योजना मौजूद है।'
 
कठिन परिचालन परिदृश्य एवं नकदी संकट के कारण विमानन कंपनी अपने दर्जनों विमानों का परिचालन बंद करने के लिए मजबूर है। सर्दियों के लिए विमानन कंपनी की उड़ान सारणी अक्टूबर के अंत से लेकर मार्च तक की होती है लेकिन विमान की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता का हवाला देते हुए उसने अब तक नियामक के पास कोई भी सारणी जमा नहीं कराई है। फिलहाल जेट एयरवेज के बेड़े में 124 विमान मौजूद हैं और वह रोजाना 650 उड़ानों का संचालन करती है।
 
विमानन कंपनी का कहना है कि वह 20 अरब रुपये की लागत बचाने की योजना पर काम कर रही है। इसमें वेंडर अनुबंधों पर नए सिरे से बातचीत करना भी शामिल है। मीडिया खबरों के अनुसार, जेट एयरवेज ने अपने विदेशी लेनदारों को भी संकेत दिया है कि वह अपने कर्मचारियों को युक्तिसंगत बनाने और उत्पादकता में सुधार लाने के लिए उपायों के अलावा प्रति तिमाही 70 करोड़ डॉलर की न्यूनतम राजस्व सीमा को बरकरार रखेगी। विमानन कंपनी ने अपने मुख्य कार्याधिकारी सहित 150 वरिष्ठतम कार्यकारी अधिकारियों (महाप्रबंधक एवं इससे ऊपर की श्रेणी) के वेतन में 5 से 25 फीसदी की कटौती करने का भी निर्णय लिया है। लेकिन पायलटों एवं इंजीनियरों के लिए वेतन में कटौती की योजना को इन दो श्रेणियों के कर्मियों के विरोध के कारण फिलहाल टाल दिया गया है।
Keyword: aviation, flight, airport, jet airways,,
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