बिजनेस स्टैंडर्ड - अमेरिका को काजू निर्यात गिरा
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अमेरिका को काजू निर्यात गिरा

गिरीश बाबू / मुंबई 10 21, 2018

घटता निर्यात

2014 में भारत ने अमेरिका को 33,898 टन निर्यात किया था जो 2018 में 13,179 टन रह गया
2013-14 के दौरान अमेरिका भारत के काजू निर्यातकों का सबसे बड़ा ठिकाना था

बिजनेस स्टैंडर्ड अमेरिका को काजू निर्यात गिरापिछले कुछ सालों के दौरान अमेरिका को काजू निर्यात में गिरावट आई है। 2013-14 के दौरान भारत ने अमेरिका को 33,898 टन (15.05 अरब रुपये का) निर्यात किया था जो 2017-18 में लुढ़ककर 13,179 टन (9.06 अरब रुपये) रह गया। 2013-14 के दौरान अमेरिका भारत के काजू निर्यातकों का सबसे बड़ा ठिकाना था। वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धी देशों द्वारा समान गुणवत्ता वाले उत्पाद देने के कारण यूरोपीय और अन्य पारंपरिक देशों में भी स्पष्ट रूप से गिरावट आई है। भारतीय काजू निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसीआई) ने कहा है कि वह इन पारंपरिक बाजारों में गंवाई गई हिस्सेदारी फिर से हासिल करने के लिए विपणन रणनीति तलाश रही है।

भारत के तीसरे सबसे बड़े निर्यात गंतव्य नीदरलैंड को जाने वाले निर्यात में भी मात्रा के हिसाब से गिरावट आई है और यह 2013-14 के 9,918 टन से घटकर 2017-18 में 8,650 टन रह गया है। हालांकि मूल्य के लिहाज से इस अवधि में यह 4.23 अरब रुपये से बढ़कर 5.84 अरब रुपये हो गया है। अलबत्ता संयुक्त अरब अमीरात, जापान तथा सऊदी अरब को होने वाले निर्यात में मात्रा और मूल्य दोनों के हिसाब से वृद्धि देखी गई है।

2017-18 के दौरान संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, नीदरलैंड, जापान और सऊदी अरब भारतीय काजू के सबसे बड़े पांच बाजार थे। सीईपीसीआई के अनुसार 2016-17 की तुलना में काजू गिरी निर्यात में मात्रा के हिसाब से 2.5 प्रतिशत और आमदनी के हिसाब से 14 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है।

सीईपीसीआई के चेयरमैन आरके भूदेस ने संस्था की हालिया वार्षिक आम सभा में कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है कि हम अमेरिका, यूरोप और जापान जैसे पारंपरिक बाजारों में अपनी बाजार हिस्सेदारी गंवा रहे हैं। पारंपरिक बाजारों में अपना खोया हुआ हिस्सा फिर से हासिल करने और घरेलू बाजार की आवश्यकताएं पूरी करते हुए अन्य उभरते बाजारों में निर्यात वृद्धि के लिए भी उचित विपणन रणनीति तैयार करनी चाहिए।

मात्रा के लिहाज से 2017-18 में कुल निर्यात घटकर 84,352 टन हो गया है जबकि 2013-14 में यह 1,14,791 टन था। मूल्य के हिसाब से इस दौरान यह 50.58 अरब रुपये से बढ़कर 58.71 अरब रुपये हो गया है। पिछले साल (2016-17) के मुकाबले मात्रा के लिहाज से इसमें 2.5 प्रतिशत, रुपये के रूप में 14 प्रतिशत और डॉलर के हिसाब से 18 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इस अवधि में 51.68 अरब रुपये मूल्य (77.1 करोड़ डॉलर) की 82,302 टन काजू गिरी निर्यात की गई।

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