बिजनेस स्टैंडर्ड - सोने में तेजी से आभूषण बिक्री बढ़ी
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सोने में तेजी से आभूषण बिक्री बढ़ी

दिलीप कुमार झा / मुंबई October 21, 2018

आभूषणों की खरीदारी पिछले एक सप्ताह में फिर से सुधरी है। ग्राहक सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी से पहले खरीदारी को उमड़ रहे हैं। आभूषणों की खरीदारी पिछले कई महीनों से सुस्त बनी हुई थी।  वैश्विक संकेतों से घरेलू बाजारों में सोने के दाम अक्टूबर में अब तक 4.5 फीसदी बढ़े हैं। ये अब 31,820 रुपये प्रति 10 ग्राम (.999 शुद्धता) पर पहुंच गए हैं। रुपये में गिरावट के चलते भारतीय बाजारों में सोना महंगा है, इसलिए ग्राहक भारतीय करेंसी में कीमतें और बढऩे से पहले खरीदारी करने के लिए उमड़ रहे हैं। 
 
जब शेयर, मुद्रा, रियल एस्टेट और म्युचुअल फंड समेत अन्य संपत्तियों में गिरावट आती है, तब सोना निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश साबित हुआ है। ग्राहकों के रुझान में सुधार से दीवाली, धनतेरस और वैवाहिक सीजन में आभूषणों की बिक्री के लिए अच्छा माहौल बन गया है।  मुंबई में सोने के आभूषण बनाने वाली और खुदरा विक्रेता पोपली ऐंड संस के निदेशक राजीव पोपली ने कहा, 'पिछले एक सप्ताह के दौरान आभूषण ग्राहकों के रुझान में सुधार आया है। ग्राहक अच्छी तादाद में बाजार में उमड़ रहे हैं, जिससे कारोबारी अवसर भी बढ़ रहे हैं।'
 
शुद्ध सोना बीते सोमवार (15 अक्टूबर) को 30,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। शुद्ध सोने के दाम शुक्रवार को 31,820 रुपये प्रति 10 ग्राम और स्टैंडर्ड सोने के 31,760 रुपये प्रति 10 ग्राम थे। हालांकि वैश्विक बाजारों में सोने का कारोबार 1,200 डॉलर प्रति औंस के आसपास हो रहा है। रुपये में गिरावट से भारतीय मुद्रा में कीमतें महंगी हो गई हैं। इसके अलावा भारतीय ग्राहकों को विश्व में सबसे अधिक 10 फीसदी आयात शुल्क का बोझ वहन करना पड़ रहा है। इसके अलावा सोने पर 3 फीसदी और मेकिंग चार्ज पर 5 फीसदी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से भारत में यह पीली धातु और महंगी हो गई है। 
 
ऑल इंडिया जेम्स ऐंड ज्वैलरी ट्रेड काउंसिल (जीजेसी) के निदेशक अशोक मीनावाला ने कहा, 'भारत में आभूषण खरीद की खासियत यह है कि ग्राहक बड़ी मात्रा में गहनों की बुकिंग उस समय करते हैं, जब कीमतें बढऩे लगती हैं। इस बार का रुझान भी अलग नहीं है। सोने की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के साथ आभूषणों की बिक्री भी बढ़ी है। यह इस बात का संकेत है कि चालू त्योहारी सीजन में आभूषणों की बिक्री बढ़ेगी।'  इंडिया बुलियन ऐंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने कहा, 'पिछले महीनों में सोने के आयात में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि इस बार त्योहारी सीजन में आभूषणों की खरीदारी अच्छी रहेगी।'
 
बहुत से सराफ ग्राहकों को लुभाने के लिए मुफ्त उपहार और 199 और 225 रुपये प्रति ग्राम के निश्चित मेकिंग चार्ज की पेशकश कर रहे हैं। पहले मेकिंग चार्ज 15 फीसदी तक होता था।  हालांकि कुछ सराफों को आभूषण बिक्री में वर्तमान तेजी का रुझान आगे भी बने रहने को लेकर संशय है। जीजेसी के चेयरमैन नितिन खंडेलवाल का मानना है कि आगामी वैवाहिक सीजन के दौरान ग्रामीण बिक्री को लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता है। खंडेलवाल ने कहा, 'इस साल कृषि जिंसों की सुस्त कीमतों से किसानों की आमदनी कम रही है। बहुत से किसानों को अपनी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भी नहीं मिल पाया, जिससे उनकी आमदनी प्रभावित हुई है। इसके अलावा इस साल महाराष्ट्र के करीब आधे गांवों में सूखे और अन्य राज्यों में खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों को नुकसान हुआ है। इस वजह से इस साल ग्रामीण बिक्री कमजोर रही। हालांकि आने वाले दिनों में बारिश से ग्रामीण आय का पूरा समीकरण बदल सकता है। इस त्योहारी सीजन में बिक्री अब तक सर्वोच्च स्तर या निचले स्तर का रिकॉर्ड बना सकती है।'
 
यह त्योहारी सीजन दशहरा से शुरू होता है और धनतेरस एवं दीवाली तक जारी रहता है, जिससे ग्राहकों को आभूषण खरीदने के लिए लंबा समय मिलता है। चांदी की मांग भी बढ़ी है। केंद्र सरकार के सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड योजना जारी करने से भी देश में सोने की बिक्री कम हुई है। 
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