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पेट्रोलियम की खुदरा बिक्री में निजी क्षेत्र की राह होगी आसान

शाइन जैकब / नई दिल्ली October 16, 2018

सरकार ईंधन के खुदरा कारोबार में निजी क्षेत्र की और ज्यादा हिस्सेदारी के लिए मानकों में ढील देने की योजना बना रही है। इसके लिए अर्थशास्त्री किरीट पारिख की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है, जो विपणन के दिशानिर्देशों की समीक्षा करेगी। इस मामले से जुड़े कई सूत्रों ने बताया कि समिति इस क्षेत्र में बहुराष्ट्रीय कंपनियों को प्रवेश की सुविधा देने के मामले पर भी विचार कर सकती है।  इस मामले से नजदीकी से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा, 'ब्रिटेन और फ्रांस की तर्ज पर नजदीक के हाइपरमार्केट के माध्यम से पेट्रोल व डीजल की बिक्री जैसे नवोन्मेषी विपणन मॉडलों के विचार पर चर्चा हो सकती है।' इससे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (एचपीसीएल) के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। 
 
सूत्रों के मुताबिक समिति के कार्यक्षेत्र में खुदरा विपणन में निजी क्षेत्र की भागीदारी के मौजूदा ढांचे और निजी क्षेत्र की विपणन कंपनियों के खुदरा आउटलेट के विस्तार की राह में शुरुआती बाधाओं को चिह्नित करना शामिल है। पारिख के अलावा इस समिति मेंं पूर्व पेट्रोलियम सचिव जीसी चतुर्वेदी और इंडियन ऑयल के पूर्व चेयरमैन एमए पठान को शामिल किया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव और विपणन के प्रभारी आशुतोष जिंदर समिति में सदस्य सचिव हैं। विभिन्न साझेदारों से बातचीत के बाद समिति अपनी रिपोर्ट 2 माह के भीतर सौंपेगी। 
 
समिति के कार्यक्षेत्र में पेट्रोल व डीजल के विपणन से संबंधित विशेष सुझाव देना शामिल है। पारिख की अध्यक्षता में 2010 में इसी तरह की समिति पेट्रोल व डीजल की कीमतों को विनियंत्रित करने का सुझाव दिया था, जिसका पालन पहले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार और फिर नरेंद्र मोदी के नेतृत्त्व वाली सरकार ने किया।  इस मामले से जुड़े सूत्रों ने कहा कि अगर बाधाएं दूर की जाती हैं तो फ्रेंच दिग्गज टोटाल एसए जैसे और कारोबारी भारत में पेट्रोलियम की खुदरा बिक्री के क्षेत्र में उतर सकते हैं। खुदरा क्षेत्र में उतरने के लिए कंपनियों को निश्चित रूप से घरेलू बाजार में मूल बुनियादी ढांचे पर करीब 2,000 करोड़ रुपये निवेश करने होंगे या इतनी ही राशि की बैंक गारंटी देनी होगी।
 
इस साल की शुरुआत में पेट्रलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा था कि सरकार इन नियमों को उदार बनाने पर विचार कर रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय फर्मों को इस क्षेत्र में प्रवेश की सुविधा दी जा सके।  इस समय भारत में ईंधन के 56,999 खुदरा आउटलेट हैं। इनमें से सिर्फ 6,276 निजी कंपनियों के हैं और इसमें से 4,756 नायरा एनर्जी के हैं। अन्य बड़ी निजी कंपनियों मेंं रिलायंस इंडस्ट्रीज और शेल शामिल हैं।  एक समाचार पत्र में 15 अक्टूबर को प्रकाशित खबर के मुताबिक  सुपरमार्केट के प्रमोशन से टेस्को, सैंसबरी, असडा और मॉरिसन में ज्यादा वाहन मालिकों के के कारण ब्रिटेन में बड़ी तेल विपणन कंपनियां प्रभावित हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन में पिछले साल ईं्रधन की कुल बिक्री में सुपरमार्केट की हिस्सेदारी 45.52 प्रतिशत रही है। 
Keyword: diesel, petrol, HPCL,,
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