बिजनेस स्टैंडर्ड - बाजार में तेल की पर्याप्त आपूर्ति
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बाजार में तेल की पर्याप्त आपूर्ति

शाइन जैकब / नई दिल्ली October 16, 2018

तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर भारत की चिंताओं को शांत करते हुए पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा बाजार में तेल की पर्याप्त आपूर्ति है और यह संतुलित है। एक दिन पहले ही प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक तेल आपूर्तिकर्ताओं के सामने कीमत से जुड़ी भारत की चिंताओं को उठाया था और कमजोर रुपये में कुछ राहत प्रदान करने के लिए उनसे भुगतान संबंधी शर्तों की समीक्षा केलिए कहा था। आईएचएस मार्किट द्वारा आयोजित 'सेरावीक' को संबोधित करते हुए ओपेक के महासचिव मोहम्मद सानुसी बरकिंदो ने कहा कि उनकी मौजूदा राय यह है कि नाजुक हालात के बावजूद फिलहाल बाजार में पर्याप्त आपूर्ति और संतुलन है। 2019 में आपूर्ति में ज्यादा इजाफे की वजह से ज्यादा असंतुलन के आसार हैं।
 
बरकिंदो ने इस बात का संकेत दिया कि फिलहाल वैश्विक स्तर पर आपूर्ति की कोई कमी नहीं है और आपूर्तिकर्ता समूह द्वारा भारत जैसे देशों की चिंताओं का ध्यान रखा जा रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से भारत में खुदरा कीमतें भी नए शीर्ष स्तर को छू रही हैं। इसके बाद सरकार को पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर डेढ़-डेढ़ रुपये की कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ा था जबकि तेल विपणन करने वाली कंपनियों को प्रति लीटर एक रुपये की कमी करनी पड़ी।
 
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि सरकार का पेट्रोलियम उत्पादों की मूल्य व्यवस्था में हस्तक्षेप से कोई लेना-देना नहीं है। सरकार की भूमिका केवल कर निर्धारण में ही होती है। प्रधान ने कहा कि हालांकि ओपेक ने जून में अतिरिक्त उत्पादन का वादा किया था लेकिन  भारत के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार केवल रूस और सऊदी अरब जैसे कुछ देशों ने ही इसमें इजाफा किया है जबकि बाकी देशों ने अभी तक इसका पालन नहीं किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक नेताओं को उन मसलों पर ध्यान देने के लिए कहा था जिनसे आपूर्तिकर्ता देश जूझ रहे हैं।
 
प्रधान ने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर कीमतों में वृद्धि बाजार धारणा की वजह से है और देश में कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर कोई समस्या नहीं है क्योंकि इसकी बास्केट ज्यादा बड़ी है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला से उत्पादन में गिरावट सहित विभिन्न मुद्दों के कारण अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि हुई है।
 
भारत की तेल मांग में होगा इजाफा
 
बरकिंदो ने यह भी कहा कि 2040 तक भारत की तेल मांग में 58 लाख बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) तक का इजाफा होने के आसार हैं जो उस समय वैश्विक मांग वृद्धि का करीब 40 प्रतिशत होगी। ओपेक को 2040 तक बढ़ती मांग पूरी करने के लिए वैश्विक स्तर पर 11 लाख करोड़ डॉलर के निवेश की उम्मीद है। ओपेक के अनुमान के अनुसार 2040 तक वैश्विक तेल मांग बढ़कर 11.17 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक पहुंचने की उम्मीद है जबकि 2017 में यह करीब 1.45 करोड़ बैरल प्रतिदिन थी। उत्पादक देशों से उत्पादन बढ़ाने का आग्रह करते हुए बरकिंदो ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात की वजह से वैश्विक स्तर पर अतिरिक्त तेल उत्पादन क्षमता घट रही है। उन्होंने मांग की धारणा पर प्रभाव डालने वाले मौजूदा व्यापार टकराव, ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और अन्य अंतरराष्ट्रीय मसलों का भी जिक्र किया।
Keyword: opec, crude oil, price, iran, america, अमेरिका, भारत, चीन,
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