बिजनेस स्टैंडर्ड - चालू वित्त वर्ष में पहली बार आई निर्यात में कमी
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चालू वित्त वर्ष में पहली बार आई निर्यात में कमी

इंदिवजल धस्माना / नई दिल्ली 10 15, 2018

लेकिन कम हुआ चालू खाता घाटा

सितंबर महीने में निर्यात में आई 2.15 प्रतिशत गिरावट

आयात में बढ़ोतरी महज 10.45 प्रतिशत रहने से कम हुआ व्यापार घाटा

घाटा 5 माह में सबसे कम 13.98 अरब डॉलर

अगस्त में व्यापार घाटा 17.4 अरब डॉलर और जुलाई में 18.2 अरब डॉलर

व्यापार घाटा कम होने से सरकार उत्साहित 

अर्थशास्त्रिों के मुताबिक बढ़ेगा चालू खाता घाटा

बिजनेस स्टैंडर्ड चालू वित्त वर्ष में पहली बार आई निर्यात में कमीचालू वित्त वर्ष में पहली बार निर्यात में 2.15 प्रतिशत की गिरावट आई है और यह सितंबर महीने में 27.95 अरब डॉलर रहा है। हालांकि इससे व्यापार घाटा बहुत बढ़ा नहीं है, क्योंकि आयात की वृद्धि दर भी सुस्त रही है। अर्थशास्त्रियों ने आशंका जताई है कि सरकार द्वारा आयात घटाने की कवायद के बावजूद व्यापार घाटा फिर ज्यादा हो सकता है और चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ सकता है।  

इस महीने में आयात में महज 10.45 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और यह 41.9 अरब डॉलर रहा। अगस्त महीने में आयात में 25.41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी, जिससे पता चलता है कि इस बार आयात तुलनात्मक रूप से सुस्त रहा है। सितंबर में आयात में वृद्धि प्रतिशत चालू वित्त वर्ष का दूसरा निम्न स्तर है। अप्रैल में आयात में 4.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। 

इसकी वजह से कारोबारी घाटा 5 महीने के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। सितंबर में यह 13.98 अरब डॉलर रहा। अगस्त में यह 17.4 अरब डॉलर और जुलाई में 18.2 अरब डॉलर था। सरकार कारोबारी घाटे के आंकड़े से उत्साहित है, लेकिन अर्थशास्त्रियों में उत्साह नहीं है।  

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, 'तेल के ज्यादा दाम के बावजूद सितंबर 2018 में व्यापार  घाटा 13.98 अरब डॉलर रहा, जो पिछले 5 साल का न्यूनतम स्तर है।'

इक्रा में मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नैयर ने कहा, 'भले ही सितंबर में व्यापार घाटा कम हुआ है, लेकिन चालू खाता घाटा वित्त वर्ष 2019 की दूसरी तिमाही में तीन गुना बढ़कर 19-21 अरब डॉलर रह सकता है, जो जीडीपी का करीब 3 प्रतिशत होगा। यह वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में 7 अरब डॉलर था।' 

उन्होंने कहा कि भारत आयातित तेल पर निर्भर है, और कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकार की व्यापार घाटा कम करने की कवायद प्रभावित हो सकती है और अब चालू खाता घाटा बढ़कर 75-79 अरब डॉलर रहने की उम्मीद है, जो देश की जीडीपी का 2.9 प्रतिशत होगा।  

सितंबर महीने में निर्यात में गिरावट को ज्यादा महत्त्व न देते हुए इसे सितंबर 2017 के बेस इफेक्ट का असर करार दिया है, जब निर्यात में 25.67 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी और कुल निर्यात 28 अरब डॉलर से ज्यादा का था। 

सितंबर महीने में सालाना आधार पर पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 26.8 प्रतिशत बढ़ा है। कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन के निर्यात में 16.9 प्रतिशत, दवाओं के निर्यात में 3.8 प्रतिशत, कॉटन यार्न, हैंडलूम उत्पाद के निर्यात में 3.6 प्रतिशत और प्लास्टिक एवं लिनोलियम के निर्यात में 28.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।  
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