बिजनेस स्टैंडर्ड - स्टॉक कारोबार में स्मार्ट तकनीक बनी औजार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, October 15, 2019 05:01 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

स्टॉक कारोबार में स्मार्ट तकनीक बनी औजार

देवाशिष महापात्र /  10 14, 2018

ऐप की सहायता से 5 प्रमुख अमेरिकी कंपनियों में निवेश कर सकते हैं

बिजनेस स्टैंडर्ड स्टॉक कारोबार में स्मार्ट तकनीक बनी औजारअगर आप एक खुदरा निवेशक हैं और कुछ अमेरिकी कंपनियों के शेयरों में रुपया निवेश करना चाहते हैं, तो आप क्या करेंगे? आप शायद किसी अच्छे बैंक या स्थापित वित्तीय सेवा कंपनी से जुड़ी बड़ी ब्रोकरेज फर्म से सलाह लेंगे। फर्म का रिलेशनशिप मैनेजर आपको डीमैट खाता खोलने के लिए जरूरी कागजातों की एक सूची सौंप देगा।

आपका खाता चालू होने में औसतन एक सप्ताह का समय लग जाएगा। इसके बाद आपको ब्रोकरेज फर्म से कुछ शेयरों में निवेश करने की सलाह दी जाएगी। आप उस सलाह को मान सकते हैं या फिर अपनी इच्छा के अनुसार कुछ दूसरे शेयरों को चुन सकते हैं।

साथ ही, अमेरिकी कंपनियों के शेयरों में निवेश करने के लिए आपको 10,000 डॉलर की एक न्यूनतम राशि अपने खाते में रखनी होगी और प्रत्येक सौदे पर लगभग 50 डॉलर का लेनदेन शुल्क देना होगा। इस बोझिल प्रक्रिया में निवेश पर लाभ मिलने की गारंटी कम ही है।  

एक दूसरे परिदृश्य पर नजर डालिए। आप डिस्काउंट आधारित ब्रोकरेज फर्म का मोबाइल ऐप डाउनलोड करिये। यह ऐप बार्कली, गोल्डमैन सैक्स और नोमूरा जैसी शोध फर्म की अनुंशाओं पर आधारित शेयरों की सूची उपलब्ध कराता है। यहां अमेरिकी शेयरों में कारोबार करने के लिए कुछ ही मिनट में डीमैट खाता खोला जा सकता है।

यहां केवल 100 डॉलर के साथ ही निवेश शुरू किया जा सकता है, जबकि परंपरागत ब्रोकरेज फर्म 10,000 डॉलर की मांग करती हैं। साथ ही, एक ऑर्डर के लिए लेनदेन शुल्क केवल 5 डॉलर है।  

परंपरागत ब्रोकरेज फर्म से इतर पुणे स्थित जंबाला जैसे नए फिनटेक स्टार्टअप यह सुविधा दे रहे हैं। जंबाला को अमिताभ श्रीवास्तव और अचल दरबारी ने वर्ष 2016 में जेनवाइस टेक्नोलॉजीज के नाम से लॉन्च किया था। कंपनी ने इस साल 15 अगस्त को जंबाला स्टॉक ऐप जारी किया।

ऐप की सहायता से भारतीय निवेशक फेसबुक, एमेजॉन, ऐपल, नेटफ्लिक्स और गूगल (जिन्हें एक साथ एफएएएनजी के नाम से भी जाना जाता है) जैसी 5 प्रमुख अमेरिकी कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। निवेशक ऐप के माध्यम से अमेरिकी बाजार के कई एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड में भी निवेश कर सकते हैं।  

जंबाला के सह-संस्थापक अमिताभ श्रीवास्तव कहते हैं, 'कई माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे अमेरिका में पढ़ाई करें। लेकिन हालिया उतार-चढ़ाव कारण बच्चों के बड़े होने तक माता-पिता द्वारा किया गया निवेश कम पडऩे लगता है। ऐसे माहौल में, अमेरिकी बाजार में ईटीएफ एक अच्छा विकल्प है जिससे बच्चों की पढ़ाई के लिए आवश्यक राशि जुटाई जा सके।'

अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश के अलावा ऐप पर भारतीय इक्विटी बाजार में निवेश के विकल्प भी मौजूद हैं। एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, टीसीएस, हिंदुस्तान यूनीलीवर, इंडसइंड बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसी बड़ी भारतीय कंपनियों के शेयर भी खरीदे जा सकते हैं।  

श्रीवास्तव कहते हैं, 'हम सभी हितधारकों को एक मंच पर ले आए हैं। बाजार विशेषज्ञ अपनी राज जाहिर करते हैं और ग्राहकों के लिए ऐप पर अपनी अनुशंसाएं बताते हैं।' वर्तमान में 4 ब्रोकरेज फर्म (जीरोधा, फिलिप कैपिटल, आर्काडिया स्टॉक और आरकेएसवी सिक्योरिटीज) के ऐप निवेशकों से कोई शुल्क नहीं लेते हैं।

जंबाला के दूसरे सह-संस्थापक अचल दरबारी कहते हैं, 'हमारा प्लेटफॉर्म एआई तकनीक पर आधारित है और हम खुदरा निवेशकों के लिए निवेश को परेशानी मुक्त बनाना चाहते हैं।' 

जंबाला की तरह कई दूसरे फिनटेक स्टार्टअप भी इक्विटी कारोबार में काम कर रहे हैं और पारंपरिक ब्रोकरेज मॉडल को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। तकनीक आधारित विभिन्न विशेषताओं के साथ ये प्लेटफॉर्म पहली बार निवेश कर रहे खुदरा निवेशकों को जोखिम के आधार पर इक्विटी एसेट में निवेश करने में सहायता कर रहे हैं।  

उदाहरण के लिए, बेंगलूरु की कंपनी स्मॉलकेस खुदरा निवेशकों को बहुत से शेयरों में निवेश का अवसर दे रही है। यह ना सिर्फ निवेशकों के पोर्टफोलियों में विविधता लाती है, बल्कि जोखिमों को लेकर मदद भी करती है। खुदरा निवेशकों के पास शेयर को चुनने से पहले शोध करने के लिए समय और विशेषज्ञता की कमी होती है।

इसलिए स्मॉलकेस निवेशकों को शेयरों का समूह उपलब्ध कराती है। फिलहाल, कोई भी ब्रोकरेज फर्म इस तरह से शेयरों का समूह उपलब्ध नहीं कराती। साथ ही, यह स्टार्टअप किसी आइडिया या विषय आधारित उत्पाद उपलब्ध कराती है।

उदाहरण के लिए, अगर आप ऐसी कंपनियों के शेयरों में निवेश करना चाहते हैं, जिनके शेयरों में ग्रामीण मांग बढऩे पर तेजी आएगी, तो स्मॉलकेस आपको यह सुविधा उपलब्ध कराएगी। इसके अतिरिक्त, स्टार्टअप किसी कंपनी के प्रदर्शन के आधार पर निवेशक को पोर्टफोलियो में आवश्यक बदलाव करने की सुविधा भी देती है।  

आईआईटी खडग़पुर के तीन विद्यार्थियों, अनुराग श्रीवास्तव, वसंत कामत और रोहन गुप्ता ने साल 2015 में स्मॉलकेस की स्थापना की थी, जो धीरे-धीरे भारत में अपने कदम जमा रही है। कंपनी का दावा है कि उसके प्लेटफॉर्म पर 1,80,000 से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं।

यह फिलहाल जेरोधा और एक्सिस डायरेक्ट तथा दूसरे ऐप पर उपलब्ध है। स्मॉलकेस और जंबाला जैसे स्टार्टअप्स के अलावा स्ट्रीक और सेंसिबुल जैसी फर्म भी भारतीय इक्विटी कारोबार में कई बदलाव ला रही हैं।

Keyword: bank, share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर, Nomura, goldman sachs, Facebook, Amazon, Netflix, Google, FAANG, App, Hdfc Bank, Reliance Industries, TCS, Hindustan uniliver, indusind bank, Kotal Mahindra,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या ग्रामीण क्षेत्र में बिक्री घटने से एफ एमसीजी फर्मों को होगी मुश्किल?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.