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राहुल फर्जी खबरों से फैला रहे झूठ: गोयल

भाषा /  October 12, 2018

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को राफेल विमान सौदे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। गोयल ने कहा कि राहुल ने फर्जी खबर के जरिये देश भर में झूठ फैलाने की कोशिश की, लेकिन एक झूठ को सौ बार बोलने से वह सच नहीं बन जाता।  गोयल ने संवाददाताओं से बातचीत में इस मुद्दे पर कांग्रेस के एक के बाद एक 8 कथित झूठ गिनाए और कहा कि झूठ को बार-बार वे ही लोग बोल रहे हैं, जिनके पास कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा, 'हमारे समक्ष पूरी तरह से स्पष्ट स्थिति है, जो राष्ट्रहित एवं देश की सुरक्षा को सर्वाेपरि रखने से जुड़ी है और इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने अत्यंत महत्त्वपूर्ण रक्षा उपकरणों की खरीद को तेज करने का निर्णय किया।' 
 
वरिष्ठ भाजपा नेता ने जोर दिया कि यह मामला दसॉ एविएशन के बयान ज्यादा स्पष्टत हुआ है। कंपनी ने साफ किया कि ऑफसेट संबंधी विषय को लागू करने की जरूरत थी, ऐसे में उन्होंने ऑफसेट लागू करने के लिए अपना पार्टनर (सहयोगी) खुद चुना। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने राफेल की कीमत और तकनीकी ब्योरे के बारे में चर्चा करने से इनकार किया, जो देश की सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील है।  गोयल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने संसद में भी झूठ बोला, जब राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने खुद फ्रांस के राष्ट्रपति से मुलाकात की और उनसे राफेल सौदे से जुड़ी गोपनीयता के बारे में पूछा। यह जानकारी के खोखलेपन को दर्शाता है। उन्हें (राहुल) यह भी पता नहीं है कि गोपनीयता समझौता 2008 में हुआ था, जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। 
 
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के झूठ का एक के बाद एक पर्दाफाश हुआ है। झूठ का कोई विकल्प नहीं होता है। गोयल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने राफेल के बारे में देश से एक के बाद एक कई झूठ बोले हैं। राहुल ने इस सौदे में किसी निजी कंपनी को शामिल करने के लिए फ्रांस के जिस मीडिया संगठन की रिपोर्ट तोड़-मरोड़ कर पेश की और उसे राफेल बनाने वाली कंपनी के सीईओ ने तथ्यों के पूरी तरह से तोड़-मरोड़ कर पेश किया हुआ बताया। उन्होंने कहा कि राहुल ने उच्चतम न्यायालय के फैसले का जिक्र किया। लेकिन न्यायालय ने राफेल की कीमत सार्वजनिक करने से इनकार किया। तीसरा झूठ एक अफसर को दंडित किए जाने के बारे में था और उसका भी पर्दाफाश हो गया है। उस अफसर को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। मंत्री ने कहा कि एक कंपनी और सरकार के बीच परस्पर फायदे के लिए लेनदेन की बात भी झूठी है। कोई निजी पक्ष क्या करता है, उसमें हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल ने फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति पर मोदी के बारे में अनाप-शनाप शब्द कहने का आरोप लगाया, वह गलत साबित हुआ।
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