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यूपी में प्लास्टिक कचरे से बनेगा तेल

बीएस संवाददाता / लखनऊ October 10, 2018

उत्तर प्रदेश में प्लास्टिक कचरे से कच्चा तेल बनाने का कारखाना लगेगा। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर लखनऊ में लगने वाले इस कारखाने पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने झांसी शहर को माताटीला बांध से पेयजल उपलब्ध कराने के 600 करोड़ रुपये की परियोजना को भी मंजूरी दे दी है। प्रदेश में काम कर रही सभी ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए अब जीएसटी के तहत पंजीकरण की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। रेरा के तहत अब प्रदेश में डेवलपर और खरीदारों के बीच होने वाले विक्रय समझौतों की नई शर्तें निर्धारित कर दी गई हैं।
 
बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्लास्टिक कचरे से क्रूड ऑयल बनाने का कारखाने लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। मंत्रिपरिषद के फैसलों की जनकारी देते हुए प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि इस साल फरवरी में हुए निवेशक सम्मेलन में प्लास्टिक कचरे से क्रूड बनाने का कारखाना लगाने को लेकर करार किया गया था, जिसे आज मंजूरी दी गई। उन्होंने बताया कि लखनऊ में 100 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी के तहत बनने वाले इस कारखाने में प्लास्टिक कचरे से डीजल बनेगा जो जनता के उपयोग में लाया जाएगा। इस कारखाने की कुल लागत का 30 फीसदी राज्य सरकार वहन करेगी। 
 
श्रीकांत शर्मा ने बताया कि बुंदेलखंड के झांसी में पेयजल की समस्या को देखते हुए अमृत परियोजना के तहत माताटीला बांध से पाइप से जलापूर्ति के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई गई है। इस परियोजना पर कुल 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसके जरिये 2048 तक पानी की आपूर्ति की जाएगी। एक अन्य फैसले में प्रदेश मंत्रिपरिषद ने देवीपाटन में लगने वाले नवरात्रि के मेले, विंध्याचल व नैमिषारण्य के मेले को प्रांतीय स्तर पर कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब इन मेलों में सभी प्रकार की आधारभूत सुविधाओं व देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित जिलों के अधिकारी की होगी।
 
शहरी विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अब केंद्र सरकार के निर्देशों के मुताबिक स्थानीय निकायों में भी ऑडिट कराया जाएगा। प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण ने रेरा के तहत पंजीकृत आवासीय परियोजनाओं में डेवलपर व खरीदारों के बीच होने वाले विक्रय करार के नए मसौदे की जानकारी देते हुए कहा कि इसमें खरीदारों के हितों को संरक्षित करने का काम किया गया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में इस मसौदे को मंजूरी दी गई। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर एक महत्त्वपूर्ण फैसले में प्रदेश मंत्रिपरिषद ने कंपोजिशन के लिए सीमा को बढ़ा कर एक से डेढ़ करोड़ रुपये कर दिया है और सेवा क्षेत्र को भी इसमें शामिल कर दिया है। नए फैसले के मुताबिक अब पांच करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले कारोबारियों को एक महीने के बजाय तीन महीने में रिटर्न भरना होगा।
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