बिजनेस स्टैंडर्ड - म्युचुअल फंड को बड़ी चपत
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, October 22, 2018 03:01 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

म्युचुअल फंड को बड़ी चपत

जश कृपलानी / मुंबई 10 08, 2018

आईएलऐंडएफएस संकट

 डेट योजनाओं से 2.5 लाख करोड़ रुपये की निकासी

बिजनेस स्टैंडर्ड म्युचुअल फंड को बड़ी चपतआईएलऐंडएफएस संकट से म्युचुअल फंड उद्योग को भारी चपत लगी है और एक ही महीने में उद्योग की परिसंपत्ति करीब 3.16 लाख करोड़ रुपये घट गई। ज्यादातर नुकसान लिक्विड एवं नियत-आय वाली योजनाओं से बड़े निवेशकों द्वारा पैसे की रिकॉर्ड निकासी की वजह से हुआ है। इन दोनों योजनाओं से सितंबर महीने में 2.5 लाख करोड़ रुपये की निकासी की गई, जो जनवरी 2008 के बाद से सर्वाधिक निकासी है। अगस्त अंत तक उद्योग 25 लाख करोड़ रुपये की परिसंपत्ति का प्र्रबंधन (एएमयू)कर रहा था जो घटकर 22 लाख करोड़ रुपये रह गई है। अकेले डेट बाजार की योजनाओं से निकासी की वजह से अगस्त की तुलना में एएमयू करीब 10 फीसदी घट गई है।

उद्योग के भागीदारों का कहना है कि आईएलऐंडएफएस के डिफॉल्ट करने के बाद से कॉरपोरेट निवेशकों के बीच घबराहट बढऩे से तेज निकासी देखी जा रही है। उद्योग ने करीब 1 लाख करोड़ रुपये की निकासी का अनुमान लगाया था लेकिन उससे अधिक निकासी ने उद्योग को भी हैरत में डाल दिया है। मिरे एएमसी के मुख्य कार्याधिकारी स्वरूप मोहंती ने कहा, 'निकासी उम्मीद से काफी ज्यादा है। आईएलऐंडएफएस मामले की वजह से निवेशकों में अपने निवेश की सुरक्षा को लेकर चिंता है। दीवान हाउसिंग फाइनैंस (डीएचएफएल) की डेट प्रतिभूतियों का उच्च प्रतिफल भी चिंता बढ़ा रहा है।' एडलवाइस एमएफ की मुख्य कार्याधिकारी राधिका गुप्ता ने कहा कि नियत आय वाली योजनाओं से निकासी चकित करने वाली है। उन्होंने कहा, 'लिक्विड योजनाओं से सितंबर में सबसे ज्यादा निकासी का ट्रेंड रहा है। लेकिन नियत-आय वाली योजनाओं से जितनी निकासी की गई उसकी उम्मीद नहीं थी।'

एलआईसी एमएफ के मुख्य कार्याधिकारी राज कुमार ने कहा, 'अद्र्घ-सरकारी निकाय आईएलऐंडएफएस में तेज गिरावट ने कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार की चिंता बढ़ा दी है। निवेशकों ने घबराहट में डीएचएफएल की एएए- रेटिंग वाली डेट प्रतिभूतियों को 11 फीसदी प्रतिफल पर बेच दिया।'एएए- रेटिंग वाली प्रतिभूतियों पर इतना ज्यादा प्रतिफल असामान्य है क्योंकि यह आमतौर पर 8 से 9 फीसदी के बीच कारोबार करता है। उद्योग के भागीदारों ने कहा कि निवेशकों ने आईएलऐंडएफएस डिफॉल्ट से बढ़े जोखिम को देखते हुए इससे अपने पैसे निकाल लिए।

उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अप्रत्याशित निकासी की वजह से म्युचुअल फंडों के पास नकदी की किल्लत हो गई है। कुछ फंड निवेशकों के निकासी अनुरोध को पूरा करने के लिए बैंकों से उधार लेने पर विचार कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि ताजा घटनाक्रम को देखते हुए पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) भी सतर्क हो गया है और उसने जोखिम प्रबंधन प्रणाली पर चर्चा के लिए उद्योगों की बैठक बुलाई है। एमएफ निवेशकों के निकासी अनुरोध, पुनर्खरीद और लाभांश एवं ब्याज भुगतान के लिए अपनी शुद्घ परिसंपत्ति का 20 फीसदी तक कर्ज छह महीने के लिए ले सकता है। इससे फंड हाउस को बैंकों से अपनी परिसंपत्ति के आधार पर उधारी लेने की अनुमति होती है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर फंड हाउस के पास 1 अरब रुपये की लिक्विड ऐसेट है तो वह 20 करोड़ रुपये की उधारी ले सकता है। 

एक फंड हाउस के अधिकारी ने नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर बताया, 'कुछ बैंक लिक्विड योजनाओं में वापस आ रहे हैं। ऐसे में उम्मीद है कि हफ्ते भर के अंदर स्थिति में सुधार आ सकता है।'  उद्योग के अन्य भागीदारों का कहना है कि डेट बाजार में निवेशकों के वापस लौटने में अभी कुछ वक्त लग सकता है। डेट बाजार से सितंबर में तेज निकासी देखी गई, वहीं इक्विटी योजनाओं में 111 अरब रुपये का शुद्घ निवेश हुआ।  हालांकि सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में सितंबर में निवेश मामूली बढ़कर 77.27 अरब रुपये रहा। बाजार के भागीदारों का कहना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा तो आगे इक्विटी और एसआईपी निवेश पर भी असर पड़ सकता है। 
Keyword: IL&FS, fund, share, mutual fund, AMU, fund, sebi, bond,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

बाजार में गिरावट लंबे समय तक बरकरार रहने के आसार

Investmentsरुपये में गिरावट नियंत्रित करने और आईएलऐंडएफएस संकट का समाधान निकालने की

सरकारी बैंकों के कमजोर प्रदर्शन की संभावना

इस्पात क्षेत्र के विकास की रफ्तार बरकरार

गिरावट से फीकी पड़ी कई पसंदीदा शेयरों की चमक

मूल्य निर्धारण दबाव और आपूर्ति चिंताओं से वेदांत में आ रही कमजोरी

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.